{"_id":"6a0cced199ff5b2aae0984e4","slug":"the-governments-new-policy-will-transform-the-face-of-morni-tourism-business-set-to-soar-panchkula-news-c-87-1-spkl1029-136615-2026-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: सरकार की नई नीति से बदलेगी मोरनी की तस्वीर, पर्यटन कारोबार को मिलेगी उड़ान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: सरकार की नई नीति से बदलेगी मोरनी की तस्वीर, पर्यटन कारोबार को मिलेगी उड़ान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सीएलयू नियमों में ढील से होटल-होमस्टे का रास्ता आसान, स्थानीय लोगों को रोजगार बढ़ने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। हरियाणा सरकार की नई नीति के बाद मोरनी में पर्यटन विकास और रोजगार को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। सरकार ने चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) नियमों में ढील देते हुए पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया आसान कर दी है। इससे मोरनी में होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और होमस्टे जैसी सुविधाओं का विस्तार होने की संभावना बढ़ गई है।
हरियाणा के एकमात्र पर्वतीय पर्यटन क्षेत्र मोरनी में प्राकृतिक सुंदरता होने के बावजूद पर्यटन सुविधाओं की कमी और नियमों की जटिलताओं के कारण बड़े निवेशक आने से बचते रहे। अब नई नीति लागू होने के बाद पर्यटन क्षेत्र में निवेश का रास्ता साफ हो गया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि बड़े स्तर पर होटल और पर्यटन सुविधाएं विकसित होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। टैक्सी चालक, गाइड, फोटोग्राफर, डेयरी उत्पाद विक्रेता, सब्जी उत्पादक और करियाना कारोबारियों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
पर्यटन गतिविधियां बढ़ने के साथ प्री-वेडिंग शूट, कैंपिंग और एडवेंचर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। लोगों का कहना है कि आने वाले समय में मोरनी हरियाणा का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।
सड़क किनारे पर्यटन प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी
नई नीति के तहत सड़क के दोनों ओर 500 मीटर तक कृषि भूमि पर पर्यटन गतिविधियों के लिए सीएलयू मंजूरी का रास्ता खोला गया है। होमस्टे और गेस्ट हाउस के लिए 200 से 1000 वर्ग मीटर तक भूमि उपयोग की अनुमति दी गई है, जबकि बड़े होटल प्रोजेक्ट के लिए पांच एकड़ तक भूमि इस्तेमाल की जा सकेगी। इससे बड़े निवेशकों और होटल समूहों के मोरनी की ओर आकर्षित होने की संभावना है।
भवन मालिकों को मिली राहत
मोरनी के गेस्ट हाउस संचालक लंबे समय से नियमों में राहत और भवन नियमित करने की मांग कर रहे थे। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग क्षेत्र में आने वाले कई भवनों को अवैध माना जाता था, जिससे कार्रवाई का डर बना रहता था। सरकार के फैसले के बाद भवन मालिकों और संचालकों में खुशी का माहौल है।
विधायक का जताया आभार
नई नीति लागू होने के बाद गेस्ट हाउस और भवन मालिकों ने कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा के आवास पहुंचकर उनका आभार जताया। उनका कहना है कि वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से अब मोरनी के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। हरियाणा सरकार की नई नीति के बाद मोरनी में पर्यटन विकास और रोजगार को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। सरकार ने चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) नियमों में ढील देते हुए पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया आसान कर दी है। इससे मोरनी में होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट और होमस्टे जैसी सुविधाओं का विस्तार होने की संभावना बढ़ गई है।
हरियाणा के एकमात्र पर्वतीय पर्यटन क्षेत्र मोरनी में प्राकृतिक सुंदरता होने के बावजूद पर्यटन सुविधाओं की कमी और नियमों की जटिलताओं के कारण बड़े निवेशक आने से बचते रहे। अब नई नीति लागू होने के बाद पर्यटन क्षेत्र में निवेश का रास्ता साफ हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का मानना है कि बड़े स्तर पर होटल और पर्यटन सुविधाएं विकसित होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। टैक्सी चालक, गाइड, फोटोग्राफर, डेयरी उत्पाद विक्रेता, सब्जी उत्पादक और करियाना कारोबारियों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
Trending Videos
पर्यटन गतिविधियां बढ़ने के साथ प्री-वेडिंग शूट, कैंपिंग और एडवेंचर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। लोगों का कहना है कि आने वाले समय में मोरनी हरियाणा का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।
सड़क किनारे पर्यटन प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी
नई नीति के तहत सड़क के दोनों ओर 500 मीटर तक कृषि भूमि पर पर्यटन गतिविधियों के लिए सीएलयू मंजूरी का रास्ता खोला गया है। होमस्टे और गेस्ट हाउस के लिए 200 से 1000 वर्ग मीटर तक भूमि उपयोग की अनुमति दी गई है, जबकि बड़े होटल प्रोजेक्ट के लिए पांच एकड़ तक भूमि इस्तेमाल की जा सकेगी। इससे बड़े निवेशकों और होटल समूहों के मोरनी की ओर आकर्षित होने की संभावना है।
भवन मालिकों को मिली राहत
मोरनी के गेस्ट हाउस संचालक लंबे समय से नियमों में राहत और भवन नियमित करने की मांग कर रहे थे। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग क्षेत्र में आने वाले कई भवनों को अवैध माना जाता था, जिससे कार्रवाई का डर बना रहता था। सरकार के फैसले के बाद भवन मालिकों और संचालकों में खुशी का माहौल है।
विधायक का जताया आभार
नई नीति लागू होने के बाद गेस्ट हाउस और भवन मालिकों ने कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा के आवास पहुंचकर उनका आभार जताया। उनका कहना है कि वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से अब मोरनी के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।