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Panchkula News: एसजीपीसी के पास ही रहेगा श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाशन का नियंत्रण
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चंडीगढ़। पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ लाए जा रहे संशोधन बिल में यह स्पष्ट रहेगा कि ग्रंथ के प्रकाशन का नियंत्रण एसजीपीसी के पास ही रहेगा। अपने स्तर पर अन्य कोई निजी प्रकाशक इसे प्रकाशित नहीं कर सकेगा। जिलों के डीसी इसे सुनिश्चित करेंगे और इस दौरान उनकी जवाबदेही भी तय होगी।
सरकार 18 साल पुराने बिल के दो से तीन खंडों में बदलाव करेगी जिसके तहत सजा के प्रावधान को कड़ा किया जाएगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों के खिलाफ उमक्रैद की सजा का प्रावधान करना है। जुर्माना भी लाखों में किए जाने की तैयारी है। इस संशोधन बिल में यह स्पष्ट किया जाएगा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) संबंधित कानून में प्रस्तावित संशोधनों के विधानसभा से पास होने के बाद भी गुरु ग्रंथ साहिब की छपाई और प्रकाशन पर अपना नियंत्रण जारी रखेगी। पुराना कानून विशेष रूप से पवित्र ग्रंथ की छपाई और प्रकाशन से संबंधित है।
पंजाब सरकार का मानना है कि कानून में जोड़े गए अतिरिक्त प्रावधान पवित्र ग्रंथ की बेअदबी से निपटेंगे क्योंकि इसे एक जीवित गुरु के रूप में स्थापित किया जाता है। दूसरी ओर पंजाब भाजपा यह मांग कर रही है कि आप सरकार दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम- 2008 में कोई छेड़छाड़ न करे बल्कि पिछले साल तैयार करवाए गए नए बिल के मसौदा को ही सदन में लाकर उसे पारित करवाए। इसके अंतर्गत प्राण-प्रतिष्ठा वाली मूर्तियों समेत अन्य धर्मों व पंथों के ग्रंथों को भी बेअदबी कानून के दायरे में लाया जा सके।
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सरकार 18 साल पुराने बिल के दो से तीन खंडों में बदलाव करेगी जिसके तहत सजा के प्रावधान को कड़ा किया जाएगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों के खिलाफ उमक्रैद की सजा का प्रावधान करना है। जुर्माना भी लाखों में किए जाने की तैयारी है। इस संशोधन बिल में यह स्पष्ट किया जाएगा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) संबंधित कानून में प्रस्तावित संशोधनों के विधानसभा से पास होने के बाद भी गुरु ग्रंथ साहिब की छपाई और प्रकाशन पर अपना नियंत्रण जारी रखेगी। पुराना कानून विशेष रूप से पवित्र ग्रंथ की छपाई और प्रकाशन से संबंधित है।
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पंजाब सरकार का मानना है कि कानून में जोड़े गए अतिरिक्त प्रावधान पवित्र ग्रंथ की बेअदबी से निपटेंगे क्योंकि इसे एक जीवित गुरु के रूप में स्थापित किया जाता है। दूसरी ओर पंजाब भाजपा यह मांग कर रही है कि आप सरकार दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम- 2008 में कोई छेड़छाड़ न करे बल्कि पिछले साल तैयार करवाए गए नए बिल के मसौदा को ही सदन में लाकर उसे पारित करवाए। इसके अंतर्गत प्राण-प्रतिष्ठा वाली मूर्तियों समेत अन्य धर्मों व पंथों के ग्रंथों को भी बेअदबी कानून के दायरे में लाया जा सके।