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Panipat News: पांच दिन से नहीं उठा शहर का कूड़ा, सड़कों पर लगे ढेर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:50 AM IST
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City garbage not collected for five days; piles accumulating on the streets.
गोशाला मंडी में एक घर में रखा कूड़ा। स्रोत : सोशल मीडिया
माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। नगर निगम और डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाली एजेंसी जेबीएम के बीच भुगतान विवाद का खामियाजा अब शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहने के कारण शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान पूरी तरह ठप रहा।
नतीजा, रोजाना निकलने वाला करीब 250 से 300 टन कचरा नहीं उठने से शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। कई इलाकों में पिछले कई दिनों से कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं पहुंची है। इसके चलते घरों में रखे डस्टबिन भरकर बाहर तक आ गए हैं। मजबूरी में लोग कचरे को पॉलिथीन में बांधकर रखने या खुले में फेंकने को विवश हैं।
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बारिश के मौसम में गीले कचरे से उठ रही दुर्गंध ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। किशनपुरा निवासी रमेश और हरदीप ने बताया कि उनके क्षेत्र में करीब आठ दिनों से कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नहीं आई है। गीले कचरे की बदबू से घरों में रहना मुश्किल हो गया है और संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।
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वहीं, मॉडल टाउन निवासी हरपाल और मुकेश ने कहा कि डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। घरों में कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
मैन बाजार ट्रेड यूनियन के प्रधान निशांत सोनी ने कहा कि हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों की तनख्वाह नगर निगम को जल्द उनके खातों में डालनी चाहिए, ताकि कूड़ा उठान व्यवस्था बहाल हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो लोग मजबूरी में घरों का कूड़ा बाजारों में डालने को विवश होंगे, जिससे व्यापारिक क्षेत्रों में स्थिति और खराब हो सकती है।
नगर निगम ने जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच कार्य में लापरवाही और असंतोषजनक प्रदर्शन को लेकर जेबीएम कंपनी पर अलग-अलग समय में करीब 10 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई थी।

मध्यस्थता के दावे फेल, व्यापारियों ने दी चेतावनी
नगर निगम के उपायुक्त अरुण भार्गव और अन्य अधिकारियों ने जेबीएम कंपनी व स्थानीय एजेंसी के बीच मध्यस्थता कर विवाद सुलझाने का प्रयास किया था। जेबीएम के स्थानीय अधिकारी हिमांशु ने बकाया भुगतान जारी होने के बाद वीरवार से काम शुरू होने का दावा किया था, लेकिन शुक्रवार तक धरातल पर स्थिति में कोई सुधार नजर नहीं आया। उपायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि जेबीएम कंपनी के अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है और जल्द ही समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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