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Panipat News: ग्रामीण चौकीदारों ने मांगें पूरी न होने पर फूंका आंदोलन का बिगुल

संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Mon, 22 Jun 2026 02:58 AM IST
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Rural watchmen sound the bugle for agitation over unmet demands.
पंचायत मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन करते ग्रामीण चौकीदार। स्रोत : सोशल मीडिया
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संवाद न्यूज एजेंसीमतलौडा। ग्रामीण सफाई कर्मियों के बाद अब ग्रामीण चौकीदारों ने भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा (सीटू) के आह्वान पर रविवार को चौकीदारों ने पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार के मतलौडा स्थित आवासीय कैंप कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन ने मंत्री के पुत्र अनिल पंवार के माध्यम से मांगपत्र सौंपते हुए एक सप्ताह का नोटिस भी दिया।

यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि इस अवधि में प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के लिए समय निर्धारित नहीं किया गया तो 5 जुलाई को मुख्यमंत्री के आवासीय कैंप कार्यालय कुरुक्षेत्र पर प्रदेशभर के हजारों चौकीदार राज्यस्तरीय पड़ाव डालने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त, हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा के राज्य प्रधान मदन कलरा और महासचिव कलीराम ने कहा कि चौकीदार लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई को देखते हुए वेतन संशोधन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से न्यूनतम वेतन दरों में की गई बढ़ोतरी के आधार पर चौकीदारों को कुशल श्रेणी के अनुसार 19,600 रुपये मासिक वेतन तत्काल लागू किया जाए। नेताओं ने यह भी कहा कि पिछले वर्ष आंदोलन के बाद घोषित 2,031 रुपये की वेतन वृद्धि को भी तुरंत लागू किया जाए।
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उनका कहना था कि चौकीदार 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं और किसी भी घटना की स्थिति में सबसे पहले उन्हें ही जवाबदेह बनाया जाता है। ऐसे में उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और सभी सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने की मांग की गई। इस मौके पर राज्य कोषाध्यक्ष भगत सिंह, राज्य कमेटी सदस्य संजय, रामनिवास, विक्रमजीत सिंह, जाकिर हुसैन, प्रवीण कुमार तथा अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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मुख्य मांगें
चौकीदारों ने मांग की कि उनके कार्य के घंटे तय किए जाएं तथा हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार उन्हें पक्का कर्मचारी घोषित किया जाए। कुशल श्रेणी के अनुसार न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली राशि 2 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जाए। उन्हें ईएसआई और ईपीएफ के दायरे में शामिल किया जाए तथा ईपीएफ कार्य बीडीपीओ कार्यालय के माध्यम से निःशुल्क किया जाए। इसके अलावा वेतन प्रत्येक माह की 7 तारीख तक देने, साइकिल भत्ता 3,500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने, बीमारी से मृत्यु पर 10 लाख रुपये तथा दुर्घटना में मृत्यु पर 50 लाख रुपये मुआवजा देने और आश्रित को नौकरी देने की मांग भी शामिल है। साथ ही खाली पदों पर भर्ती और जनसंख्या के अनुपात में चौकीदार नियुक्त करने की मांग भी रखी गई है।
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