{"_id":"69cd8fc2f9b28dd0d70c2ad4","slug":"session-begins-in-government-schools-without-books-students-wait-panipat-news-c-244-1-sknl1016-154759-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: सरकारी स्कूलों में बिना किताबों के शुरू हुआ सत्र, इंतजार में विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: सरकारी स्कूलों में बिना किताबों के शुरू हुआ सत्र, इंतजार में विद्यार्थी
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही सरकारी स्कूलों में किताबों की कमी ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के 292 सरकारी विद्यालयों जिनमें 243 प्राथमिक और 49 माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। इसमें पढ़ने वाले करीब 73 हजार विद्यार्थियों को अभी तक पूरी तरह से पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा हर वर्ष कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन इस बार सत्र शुरू होने के बावजूद कई स्कूलों में किताबों की आपूर्ति अधूरी है। ऐसे में विद्यार्थियों को बिना किताबों के ही पढ़ाई शुरू करनी पड़ रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इसी बीच विभाग द्वारा प्रवेश उत्सव भी मनाया गया, जिसमें नए विद्यार्थियों का दाखिला कराया गया और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। हालांकि कई स्कूलों में किताबें उपलब्ध न होने के कारण औपचारिक रूप से मुंह मीठा करवा कर ही कार्यक्रम पूरा करना पड़ा। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने भी किताबें समय पर न मिलने को लेकर चिंता जताई है।
शिक्षकों का कहना है कि बिना किताबों के पढ़ाई को व्यवस्थित रूप से शुरू करना मुश्किल हो रहा है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि सत्र के पहले दिन से ही किताबें मिलनी चाहिए थीं, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। विभागीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि अधिकांश स्कूलों में किताबें पहुंच चुकी हैं।
Trending Videos
शिक्षा विभाग द्वारा हर वर्ष कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन इस बार सत्र शुरू होने के बावजूद कई स्कूलों में किताबों की आपूर्ति अधूरी है। ऐसे में विद्यार्थियों को बिना किताबों के ही पढ़ाई शुरू करनी पड़ रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी बीच विभाग द्वारा प्रवेश उत्सव भी मनाया गया, जिसमें नए विद्यार्थियों का दाखिला कराया गया और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। हालांकि कई स्कूलों में किताबें उपलब्ध न होने के कारण औपचारिक रूप से मुंह मीठा करवा कर ही कार्यक्रम पूरा करना पड़ा। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने भी किताबें समय पर न मिलने को लेकर चिंता जताई है।
शिक्षकों का कहना है कि बिना किताबों के पढ़ाई को व्यवस्थित रूप से शुरू करना मुश्किल हो रहा है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि सत्र के पहले दिन से ही किताबें मिलनी चाहिए थीं, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। विभागीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि अधिकांश स्कूलों में किताबें पहुंच चुकी हैं।