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Panipat News: हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय, जलाभिषेक के लिए उमड़े श्रद्धालु
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सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सावन माह के पहले सोमवार पर शहर समेत जिले के प्रमुख शिवालयों में सुबह से श्रद्धालु उमड़ पड़े। तड़के पांच बजे से ही श्रद्धालु हाथों में जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प लेकर मंदिरों में पहुंचने लगे। मंदिर परिसर दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक व रुद्राभिषेक कर सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही। सावन के पहले सोमवार पर मंदिरों में सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सुबह की पूजा-अर्चना में महिलाओं के साथ युवा और स्कूली बच्चों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।
शहर के प्रमुख सनातन धर्म सभा मंदिर (मॉडल टाउन), सनातन धर्म शिव मंदिर (सेक्टर-11), ऐतिहासिक देवी मंदिर, असंध रोड स्थित शिव मंदिर तथा दत्ता कॉलोनी के श्री राधा-कृष्ण मंदिर समेत जिले के करीब 25 प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
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सुबह मंदिरों के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। विशेष पूजा और भव्य आरती के बाद सुबह करीब 10 बजे तक जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा। इसके बाद शाम की आरती और पूजन के समय भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव की विशेष आराधना की।
भगवान शिव की आराधना के लिए सावन का प्रत्येक दिन शुभ : आचार्य भगवत शर्मा
आचार्य भगवत शर्मा ने बताया कि सावन का पूरा महीना भगवान भोलेनाथ की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस माह श्रद्धापूर्वक किए गए जलाभिषेक और पूजा-अर्चना से भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
उन्होंने कहा कि सावन के सोमवार का धार्मिक महत्व विशेष होता है। इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक और शिव पूजा का पुण्य कई गुना अधिक फलदायी माना गया है। दिनभर मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का क्रम चलता रहा, जिससे पूरा शहर शिवमय नजर आया।
पंचामृत और गन्ने के रस से हुआ भगवान शिव का अभिषेक
प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पंचामृत, गन्ने के रस और पवित्र जल से अभिषेक किया। इसके बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने ''ॐ नमः शिवाय'' मंत्र का सामूहिक जाप किया।
उन्होंने बताया कि अन्य दिनों की अपेक्षा मंदिर में काफी अधिक भीड़ रही। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं।
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पानीपत। सावन माह के पहले सोमवार पर शहर समेत जिले के प्रमुख शिवालयों में सुबह से श्रद्धालु उमड़ पड़े। तड़के पांच बजे से ही श्रद्धालु हाथों में जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प लेकर मंदिरों में पहुंचने लगे। मंदिर परिसर दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक व रुद्राभिषेक कर सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही। सावन के पहले सोमवार पर मंदिरों में सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सुबह की पूजा-अर्चना में महिलाओं के साथ युवा और स्कूली बच्चों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।
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शहर के प्रमुख सनातन धर्म सभा मंदिर (मॉडल टाउन), सनातन धर्म शिव मंदिर (सेक्टर-11), ऐतिहासिक देवी मंदिर, असंध रोड स्थित शिव मंदिर तथा दत्ता कॉलोनी के श्री राधा-कृष्ण मंदिर समेत जिले के करीब 25 प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
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सुबह मंदिरों के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। विशेष पूजा और भव्य आरती के बाद सुबह करीब 10 बजे तक जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा। इसके बाद शाम की आरती और पूजन के समय भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव की विशेष आराधना की।
भगवान शिव की आराधना के लिए सावन का प्रत्येक दिन शुभ : आचार्य भगवत शर्मा
आचार्य भगवत शर्मा ने बताया कि सावन का पूरा महीना भगवान भोलेनाथ की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस माह श्रद्धापूर्वक किए गए जलाभिषेक और पूजा-अर्चना से भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
उन्होंने कहा कि सावन के सोमवार का धार्मिक महत्व विशेष होता है। इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक और शिव पूजा का पुण्य कई गुना अधिक फलदायी माना गया है। दिनभर मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का क्रम चलता रहा, जिससे पूरा शहर शिवमय नजर आया।
पंचामृत और गन्ने के रस से हुआ भगवान शिव का अभिषेक
प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का पंचामृत, गन्ने के रस और पवित्र जल से अभिषेक किया। इसके बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने ''ॐ नमः शिवाय'' मंत्र का सामूहिक जाप किया।
उन्होंने बताया कि अन्य दिनों की अपेक्षा मंदिर में काफी अधिक भीड़ रही। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं।

सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद

सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद