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Panipat News: योजना सिरे नहीं, गड्ढे भरे नहीं
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पानीपत। शहर की सरकार का बुधवार को एक साल पूरा हो गया। मेयर कोमल सैनी ने ठीक एक साल पहले आज ही के दिन पंचकूला में शपथ ली थी। उन्होंने शपथ के बाद एक अप्रैल 2025 को नगर निगम कार्यालय में कार्यभार संभालकर शहर में सफाई और विकास कार्यों में तेजी लाने का दावा किया था। इस एक साल में हाउस की बैठकों में विकास कार्यों प्रस्तावों के साथ सफाई पर खूब चर्चा और हंगामा भी हुआ। निगम और कंपनी अधिकारियों ने सब कुछ बेहतर होने का दावा भी किया लेकिन स्थिति में अपेक्षाकृत सुधार नहीं हो पाया है। वह चाहे सफाई हो या फिर बड़े कार्यों की योजना या फिर सड़कों के गड्ढे भरने की बात हो। इन सब जगह आज भी काम की जरूरत है।
नगर निगम में 26 वार्ड हैं। इनमें 14 शहरी विधानसभा और 12 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इस बार शहर की सरकार में 26 में से 23 पार्षद भाजपा के हैं। तीन पार्षद निर्दलीय हैं। इनके अलावा तीन पार्षद भाजपा के मनोनीत हैं। मेयर कोमल सैनी ने कार्यभार संभालने के बाद बड़े प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने के साथ शहर में सफाई और समान विकास कार्य कराने का दावा किया था।
भाजपा के 26 में से 23 पार्षद होने के बाद भी सीनियर व डिप्टी मेयर एक साल बाद भी नहीं बन पाया है। पार्षद इसके लिए लगातार जोड़ तोड़ में भी लगे हुए हैं। बड़े नेता किसी को पद देने पर दूसरे के नाराज हो जाने के डर से कुर्सी का फैसला करना नहीं चाह रहे। कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष बलजीत सिंह ने बताया कि शहर में विकास और सफाई के नाम पर पैसा खर्च किया जा रहा है। धरातल पर सच्चाई बहुत दूर है। भाजपा बहुमत में होने के बाद भी सीनियर व डिप्टी मेयर नहीं बना सकी है।
बाॅक्स
शहर में नहीं सुधर पाई सफाई व्यवस्था
शहर में सफाई की बुरी स्थिति है। जेबीएम कंपनी एक साल में तीसरा ठेकेदार बदल चुकी है। अब तक डोर-टू-डोर कूड़ा उठान मांग अनुसार शुरू नहीं हो पाया है। भाजपा के ही पार्षद हाउस की बैठकों में इस पर नाराजगी जता चुके हैं। मेयर कोमल सैनी ने कई बार सख्ताई दिखाई थी। जेबीएम को पिछले महीने की ठेकेदार बदलना पड़ा। कंपनी ने 31 दिसंबर तक शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान 100 प्रतिशत शुरू करने का दावा है। फिलहाल शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान भी हर रोज नहीं हो पा रहा है। निमम सफाई पर तीनों कंपनियों को हर महीने करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का भुगतान करता है।
बाॅक्स
गड्ढों काे नहीं भर पाया निगम
नगर निगम इन एक साल में शहर की सड़कों के गड्ढों को नहीं भर पाया है। उच्चाधिकारियों ने निगम के दो जेई को पिछले सप्ताह की निलंबित किया है। अब भी म्हारी सड़क पोर्टल पर शिकायतों का अपेक्षाकृत समाधान नहीं हो पा रहा है। शहर में असंध रोड, सेक्टर-11-12 की सड़कों में भी गड्ढे हैं। निगम के देवीलाल कांप्लेक्स की तरफ जाने वाले तीनों रास्तों पर गड्ढे हैं। वहीं स्ट्रीट लाइटों पर हर बैठक में हंगामा हो रहा है।
बाॅक्स
विकास कार्यों के मूर्त रूप का इंतजार
शहर में बड़े विकास कार्यों काे मूर्त रूप में देखने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। सेक्टर-12 में मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा पुरानी सब्जी मंडी में 44.50 करोड़ की लागत से इंडोर स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। इन प्रोजेक्ट का कार्य अपेक्षाकृत गति से नहीं चल पा रहा है। नगर निगम अधिकारी खुद के कार्यालय ही एक छत के नीचे नहीं ला पाए हैं। एग्रो माल में कार्यालय शिफ्ट होने में अब भी दो महीने का समय लग सकता है।
वर्जन :
शहर में सफाई की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है। अधिकारियों से विकास कार्यों के लिए लगातार रिपोर्ट ली जा रही हैं। इनमें तेजी लाई गई है। शहर में जल्द ही विकास देखने को मिलेगा।
कोमल सैनी, मेयर।
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नगर निगम में 26 वार्ड हैं। इनमें 14 शहरी विधानसभा और 12 ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इस बार शहर की सरकार में 26 में से 23 पार्षद भाजपा के हैं। तीन पार्षद निर्दलीय हैं। इनके अलावा तीन पार्षद भाजपा के मनोनीत हैं। मेयर कोमल सैनी ने कार्यभार संभालने के बाद बड़े प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने के साथ शहर में सफाई और समान विकास कार्य कराने का दावा किया था।
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भाजपा के 26 में से 23 पार्षद होने के बाद भी सीनियर व डिप्टी मेयर एक साल बाद भी नहीं बन पाया है। पार्षद इसके लिए लगातार जोड़ तोड़ में भी लगे हुए हैं। बड़े नेता किसी को पद देने पर दूसरे के नाराज हो जाने के डर से कुर्सी का फैसला करना नहीं चाह रहे। कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष बलजीत सिंह ने बताया कि शहर में विकास और सफाई के नाम पर पैसा खर्च किया जा रहा है। धरातल पर सच्चाई बहुत दूर है। भाजपा बहुमत में होने के बाद भी सीनियर व डिप्टी मेयर नहीं बना सकी है।
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शहर में नहीं सुधर पाई सफाई व्यवस्था
शहर में सफाई की बुरी स्थिति है। जेबीएम कंपनी एक साल में तीसरा ठेकेदार बदल चुकी है। अब तक डोर-टू-डोर कूड़ा उठान मांग अनुसार शुरू नहीं हो पाया है। भाजपा के ही पार्षद हाउस की बैठकों में इस पर नाराजगी जता चुके हैं। मेयर कोमल सैनी ने कई बार सख्ताई दिखाई थी। जेबीएम को पिछले महीने की ठेकेदार बदलना पड़ा। कंपनी ने 31 दिसंबर तक शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान 100 प्रतिशत शुरू करने का दावा है। फिलहाल शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान भी हर रोज नहीं हो पा रहा है। निमम सफाई पर तीनों कंपनियों को हर महीने करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का भुगतान करता है।
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गड्ढों काे नहीं भर पाया निगम
नगर निगम इन एक साल में शहर की सड़कों के गड्ढों को नहीं भर पाया है। उच्चाधिकारियों ने निगम के दो जेई को पिछले सप्ताह की निलंबित किया है। अब भी म्हारी सड़क पोर्टल पर शिकायतों का अपेक्षाकृत समाधान नहीं हो पा रहा है। शहर में असंध रोड, सेक्टर-11-12 की सड़कों में भी गड्ढे हैं। निगम के देवीलाल कांप्लेक्स की तरफ जाने वाले तीनों रास्तों पर गड्ढे हैं। वहीं स्ट्रीट लाइटों पर हर बैठक में हंगामा हो रहा है।
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विकास कार्यों के मूर्त रूप का इंतजार
शहर में बड़े विकास कार्यों काे मूर्त रूप में देखने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। सेक्टर-12 में मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा पुरानी सब्जी मंडी में 44.50 करोड़ की लागत से इंडोर स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। इन प्रोजेक्ट का कार्य अपेक्षाकृत गति से नहीं चल पा रहा है। नगर निगम अधिकारी खुद के कार्यालय ही एक छत के नीचे नहीं ला पाए हैं। एग्रो माल में कार्यालय शिफ्ट होने में अब भी दो महीने का समय लग सकता है।
वर्जन :
शहर में सफाई की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है। अधिकारियों से विकास कार्यों के लिए लगातार रिपोर्ट ली जा रही हैं। इनमें तेजी लाई गई है। शहर में जल्द ही विकास देखने को मिलेगा।
कोमल सैनी, मेयर।