समालखा। नई अनाज मंडी में शुक्रवार को किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान एकता सिद्धपुर के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने किया। किसानों का आरोप है कि गेहूं खरीद प्रक्रिया में भारी अव्यवस्थाएं हैं। बायोमीट्रिक मशीनों में बार-बार सर्वर डाउन होने से किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा मंडी में गेहूं की लिफ्टिंग न होने के कारण अनाज के ढेर लग गए हैं। इससे किसानों को अनाज डालने की जगह नहीं मिल पा रही।
जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि सरकार की गेहूं खरीद नीतियां किसानों के हित में नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी पर ठोस कानून बनाया जाए। इससे किसानों को बार-बार परेशान न होना पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने मंडी में जाकर गेहूं की ढेरियों की जांच की। इस दौरान कई कट्टों में वजन अधिक पाया गया। इससे आढ़तियों की तौल में गड़बड़ी सामने आई।
इस पर अभिमन्यु कुहाड़ ने मौके पर ही मार्केट कमेटी के अधिकारियों को बुलाकर स्थिति दिखाई और संबंधित आढ़ती के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से लगाए गए कंप्यूटर कांटों के बजाय मैनुअल कांटों से तोल की जा रही है, जो नियमों के विरुद्ध है। वहीं नमी मापने वाली मशीनों में भी अंतर पाया गया, जिस पर किसानों ने रोष जताया। मार्केट कमेटी सचिव सविता रानी ने कहा कि सर्वर कुछ समय के लिए डाउन था। इस कारण किसानों को परेशानी हो रही है। आढ़ती के कांटे में गड़बड़ी पाई गई है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मंडी में अधिकारियों से बातचीत करते किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल। संवाद - फोटो : samba news