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Panipat News: प्रदर्शनी केंद्र, अंतरराष्ट्रीय मानकों की लैब, कॉमन बॉयलर के साथ एक की श्रेणी में सभी उद्योग करने की जगी उम्मीद
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पानीपत। औद्योगिक नगरी में टेक्सटाइल इंस्टीट्यूट के साथ प्रदर्शनी केंद्र, अंतरराष्ट्रीय मानकों की लैब, कॉमन बॉयलर और सभी उद्योगों को चार की बजाय एक ही श्रेणी में करने की उम्मीद जग गई है। उद्यमियों ने बुधवार को प्री-बजट बैठक में अपनी समस्या के साथ सुझाव मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने रखे। सीएम ने टेक्सटाइल इंस्टीट्यूट बनाने की मौके पर ही घोषणा की और बाकी सुझावों प्रदेश सरकार के 2026-27 के बजट में शामिल करने का भरोसा दिया।
सीएम ने साथ ही उद्यमियों के उद्योगों को बढ़ावा देने की सराहना की। उन्होंने कहा कि मशीनों की आवाज और श्रमिकों के पसीने की गूंज आज विश्वभर में पहुंची है। मुख्यमंत्री टेक्सटाइल के साथ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को भी बढ़ावा देने का जोर दिया।
उद्यमियों ने ये रखी अपनी मांग
कोट्स
अंतरराष्ट्रीय स्तर का टेक्सटाइल प्रदर्शनी केंद्र और इन्हीं मानकों की मिले लैब : रमेश वर्मा
हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री में उद्यमियों को कोई बड़ी सुविधा नहीं मिल पा रही है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का टेक्सटाइल प्रदर्शनी केंद्र और इन्हीं मानकों की लैब मिलनी चाहिए।
कोट्स
उद्यमियों को सब्सिडी की योजना बनाए सरकार : धमीजा
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने सभी उद्योगों का 21 मांगों का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि पानीपत में उद्योगों को चार वर्ग में बांट रखा है। ज्यादातर उद्योग एक वर्ग में हैं। इस वर्ग के लिए कोई बड़ी योजना नहीं है। अमेरिका के टैरिफ लगाने के बाद निर्यात भी 80 प्रतिशत तक घट गया है। ऐसे में सरकार को उद्यमियों को सब्सिडी देने के साथ कोई नई योजना बनानी चाहिए।
कोट्स
एसटीपी का पानी डाई उद्योग को देकर प्रयोग में लाया जाए : अरोड़ा
डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नीतिन अरोड़ा ने कहा कि शहर में डाइंग उद्योग बड़ा है। इनमें पानी का प्रयोग किया जाता है। पानी को पैदा करने की बजाय एसटीपी का पानी डाई उद्योग को देकर प्रयोग में लाया जा सकता है। काॅमन बॉयलर से प्रदूषण की समस्या के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई से बचा जा सकता है।
कोट्स
श्रमिकों के लिए आवास की व्यवस्था की जाए : राणा
पर्यावरण प्रबंधन सोसाइटी के प्रधान भीम राणा ने कहा कि पानीपत में औद्योगिक श्रमिकों के लिए आवास की खास व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उद्यमियों को उनके आवास के प्रबंध करने पड़ते हैं। सरकार के स्तर पर इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे लाखों श्रमिकों को लाभ मिलेगा।
काेट्स
औद्योगिक सेक्टर में चिकित्सा की व्यवस्था की जाए : अग्रवाल
इंडस्टि्रयल एस्टेट एसोसिएशन सेक्टर-29 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने कहा कि पानीपत में चार बड़े औद्योगिक सेक्टर हैं। इनमें चिकित्सा व्यवस्था नहीं है। यहां ईएसआई अस्पताल बनाने के साथ जन औषधि केंद्र बनाया जाएं। इसके साथ ऑडिटोरियम बनाया जाए और 100 किलोवाट के बिजली कनेक्शन जारी किए जाएं।
बॉक्स
विश्व बाजार की मांग को किया जाए पूरा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उद्यमियों को पारंपरिक उत्पादों तक सीमित नहीं रहना है। विश्व बाजार की संस्कृति और मांग को समझना होगा। पानीपत का कपड़ा जब यूरोप या अमेरिका जाए तो उस पर लिखा मेड इन इंडिया और मेड इन हरियाणा दुनिया के लिए गुणवत्ता की गारंटी बनना चाहिए। इसके लिए मेडिकल और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे नए क्षेत्रों में रिसर्च करनी होगी। बजट में विशेष पर्याप्त प्रावधान किए जा रहे हैं। नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन के साथ मिलकर नई मशीनरी और ट्रेनिंग के लिए सब्सिडी दी जा रही हैं। पानीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद के साथ प्रदेश में ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
बॉक्स
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की दिखाई राह
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने टेक्सटाइल नगरी के उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि देश में फूड प्रोसेसिंग उद्योग 35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वर्ष 2032 तक लगभग 73 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। इस उद्योग में निवेश व विकास की व्यापक संभावनाएं हैं।
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सीएम ने साथ ही उद्यमियों के उद्योगों को बढ़ावा देने की सराहना की। उन्होंने कहा कि मशीनों की आवाज और श्रमिकों के पसीने की गूंज आज विश्वभर में पहुंची है। मुख्यमंत्री टेक्सटाइल के साथ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को भी बढ़ावा देने का जोर दिया।
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उद्यमियों ने ये रखी अपनी मांग
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अंतरराष्ट्रीय स्तर का टेक्सटाइल प्रदर्शनी केंद्र और इन्हीं मानकों की मिले लैब : रमेश वर्मा
हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री में उद्यमियों को कोई बड़ी सुविधा नहीं मिल पा रही है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का टेक्सटाइल प्रदर्शनी केंद्र और इन्हीं मानकों की लैब मिलनी चाहिए।
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उद्यमियों को सब्सिडी की योजना बनाए सरकार : धमीजा
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने सभी उद्योगों का 21 मांगों का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि पानीपत में उद्योगों को चार वर्ग में बांट रखा है। ज्यादातर उद्योग एक वर्ग में हैं। इस वर्ग के लिए कोई बड़ी योजना नहीं है। अमेरिका के टैरिफ लगाने के बाद निर्यात भी 80 प्रतिशत तक घट गया है। ऐसे में सरकार को उद्यमियों को सब्सिडी देने के साथ कोई नई योजना बनानी चाहिए।
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एसटीपी का पानी डाई उद्योग को देकर प्रयोग में लाया जाए : अरोड़ा
डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नीतिन अरोड़ा ने कहा कि शहर में डाइंग उद्योग बड़ा है। इनमें पानी का प्रयोग किया जाता है। पानी को पैदा करने की बजाय एसटीपी का पानी डाई उद्योग को देकर प्रयोग में लाया जा सकता है। काॅमन बॉयलर से प्रदूषण की समस्या के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई से बचा जा सकता है।
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श्रमिकों के लिए आवास की व्यवस्था की जाए : राणा
पर्यावरण प्रबंधन सोसाइटी के प्रधान भीम राणा ने कहा कि पानीपत में औद्योगिक श्रमिकों के लिए आवास की खास व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उद्यमियों को उनके आवास के प्रबंध करने पड़ते हैं। सरकार के स्तर पर इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए। इससे लाखों श्रमिकों को लाभ मिलेगा।
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औद्योगिक सेक्टर में चिकित्सा की व्यवस्था की जाए : अग्रवाल
इंडस्टि्रयल एस्टेट एसोसिएशन सेक्टर-29 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने कहा कि पानीपत में चार बड़े औद्योगिक सेक्टर हैं। इनमें चिकित्सा व्यवस्था नहीं है। यहां ईएसआई अस्पताल बनाने के साथ जन औषधि केंद्र बनाया जाएं। इसके साथ ऑडिटोरियम बनाया जाए और 100 किलोवाट के बिजली कनेक्शन जारी किए जाएं।
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विश्व बाजार की मांग को किया जाए पूरा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उद्यमियों को पारंपरिक उत्पादों तक सीमित नहीं रहना है। विश्व बाजार की संस्कृति और मांग को समझना होगा। पानीपत का कपड़ा जब यूरोप या अमेरिका जाए तो उस पर लिखा मेड इन इंडिया और मेड इन हरियाणा दुनिया के लिए गुणवत्ता की गारंटी बनना चाहिए। इसके लिए मेडिकल और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे नए क्षेत्रों में रिसर्च करनी होगी। बजट में विशेष पर्याप्त प्रावधान किए जा रहे हैं। नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन के साथ मिलकर नई मशीनरी और ट्रेनिंग के लिए सब्सिडी दी जा रही हैं। पानीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद के साथ प्रदेश में ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
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खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की दिखाई राह
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने टेक्सटाइल नगरी के उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि देश में फूड प्रोसेसिंग उद्योग 35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वर्ष 2032 तक लगभग 73 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। इस उद्योग में निवेश व विकास की व्यापक संभावनाएं हैं।