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Haryana: पटवारी और वकील रिश्वत लेते गिरफ्तार, विजिलेंस विभाग ने की कार्रवाई; एक लाख रुपये बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 19 May 2026 04:47 PM IST
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सार
विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई करते हुए के पटवारी औऱ वकील को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
रिश्वत लेते पटवारी और वकील गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तहसील कार्यालय बवानीखेड़ा में बुधवार को विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी और वकील को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई भिवानी विजिलेंस के इंस्पेक्टर जगजीत के नेतृत्व में जिला मत्स्य अधिकारी एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह की निगरानी में की गई।
जानकारी के मुताबिक, परवीन ने विजिलेंस विभाग को शिकायत दी थी कि खेवट तकसीम कराने की एवज में नरेंद्र पटवारी द्वारा एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। आरोप है कि पटवारी ने यह रकम वकील भूपेंद्र के माध्यम से मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और तहसील कार्यालय में कार्रवाई करते हुए नरेंद्र पटवारी और वकील भूपेंद्र को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथ काबू कर लिया।
टीम ने मौके से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली। विजिलेंस विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तहसील कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के बाद सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों में हड़कंप मच गया। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और रिश्वतखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक, परवीन ने विजिलेंस विभाग को शिकायत दी थी कि खेवट तकसीम कराने की एवज में नरेंद्र पटवारी द्वारा एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। आरोप है कि पटवारी ने यह रकम वकील भूपेंद्र के माध्यम से मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और तहसील कार्यालय में कार्रवाई करते हुए नरेंद्र पटवारी और वकील भूपेंद्र को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथ काबू कर लिया।
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टीम ने मौके से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली। विजिलेंस विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तहसील कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के बाद सरकारी कर्मचारियों और आम लोगों में हड़कंप मच गया। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और रिश्वतखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।