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Rewari News: खेल नर्सरियों के लिए अबतक आए 155 आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 17 Feb 2026 11:35 PM IST
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रेवाड़ी। जिले में खेल नर्सरी के लिए अबतक 155 आवेदन आए हैं। अब आवेदन की तिथि 15 फरवरी से बढ़ाकर 22 फरवरी किए जाने से आवेदनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
खेल विभाग की ओर से आवेदन तिथि बढ़ाने से सरकारी स्कूलों, ग्राम पंचायतों और निजी शिक्षण संस्थानों को आवेदन के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। जिन संस्थानों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, वे अब इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।
नियमानुसार नई खेल नर्सरियां केवल उन्हीं खेल विधाओं के लिए आवंटित की जाएंगी जो ओलंपिक, एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों का हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें प्रारंभिक अवस्था से ही व्यवस्थित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
विभाग का मानना है कि यदि बच्चों को सही उम्र में उचित मार्गदर्शन और सुविधाएं मिले तो वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
नर्सरी के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे। इच्छुक सरकारी स्कूल, ग्राम पंचायतें और निजी शिक्षण संस्थान खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के दौरान संस्थानों को खेल मैदान, बुनियादी ढांचे, उपलब्ध संसाधनों और प्रस्तावित खेल विधा से संबंधित जानकारी देनी होगी।
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खेल प्रशिक्षक करेंगे संस्थानों का सत्यापन
आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित खेल प्रशिक्षकों की ओर से संस्थानों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान खेल मैदान की स्थिति, खिलाड़ियों की उपलब्धता, आवश्यक उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा। सत्यापन के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर खेल निदेशालय को भेजी जाएगी। अंतिम स्वीकृति और सूची जारी करने का निर्णय निदेशालय स्तर पर लिया जाएगा। नर्सरी स्तर पर दी जाने वाली नियमित और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार ला सकती है। इससे अनुशासन, फिटनेस और प्रतिस्पर्धात्मक भावना भी विकसित होती है। जिले में पहले से संचालित खेल नर्सरियों से भी कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं।
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प्रशिक्षकों की देखरेख में बच्चों की प्रतिभा को मिलेगी सही दिशा
कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी ममता ने बताया कि खेल नर्सरियों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों को अपने घर के नजदीक ही बेहतर प्रशिक्षण सुविधा मिल सकेगी। इससे खिलाड़ियों को दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी और अधिक से अधिक प्रतिभाएं खेलों से जुड़ सकेंगी। उन्होंने कहा कि योग्य प्रशिक्षकों की देखरेख में बच्चों की प्रतिभा को सही दिशा मिलेगी और खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी। विभाग ने जिले के पात्र स्कूलों, पंचायतों और संस्थानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। समय रहते आवेदन करने से चयन प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर सुनिश्चित होगा।
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खेल विभाग की ओर से आवेदन तिथि बढ़ाने से सरकारी स्कूलों, ग्राम पंचायतों और निजी शिक्षण संस्थानों को आवेदन के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। जिन संस्थानों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, वे अब इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।
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नियमानुसार नई खेल नर्सरियां केवल उन्हीं खेल विधाओं के लिए आवंटित की जाएंगी जो ओलंपिक, एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों का हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें प्रारंभिक अवस्था से ही व्यवस्थित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
विभाग का मानना है कि यदि बच्चों को सही उम्र में उचित मार्गदर्शन और सुविधाएं मिले तो वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
नर्सरी के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे। इच्छुक सरकारी स्कूल, ग्राम पंचायतें और निजी शिक्षण संस्थान खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के दौरान संस्थानों को खेल मैदान, बुनियादी ढांचे, उपलब्ध संसाधनों और प्रस्तावित खेल विधा से संबंधित जानकारी देनी होगी।
खेल प्रशिक्षक करेंगे संस्थानों का सत्यापन
आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित खेल प्रशिक्षकों की ओर से संस्थानों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान खेल मैदान की स्थिति, खिलाड़ियों की उपलब्धता, आवश्यक उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा। सत्यापन के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर खेल निदेशालय को भेजी जाएगी। अंतिम स्वीकृति और सूची जारी करने का निर्णय निदेशालय स्तर पर लिया जाएगा। नर्सरी स्तर पर दी जाने वाली नियमित और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार ला सकती है। इससे अनुशासन, फिटनेस और प्रतिस्पर्धात्मक भावना भी विकसित होती है। जिले में पहले से संचालित खेल नर्सरियों से भी कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं।
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प्रशिक्षकों की देखरेख में बच्चों की प्रतिभा को मिलेगी सही दिशा
कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी ममता ने बताया कि खेल नर्सरियों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों को अपने घर के नजदीक ही बेहतर प्रशिक्षण सुविधा मिल सकेगी। इससे खिलाड़ियों को दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी और अधिक से अधिक प्रतिभाएं खेलों से जुड़ सकेंगी। उन्होंने कहा कि योग्य प्रशिक्षकों की देखरेख में बच्चों की प्रतिभा को सही दिशा मिलेगी और खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी। विभाग ने जिले के पात्र स्कूलों, पंचायतों और संस्थानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। समय रहते आवेदन करने से चयन प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर सुनिश्चित होगा।