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Rewari News: प्रशिक्षकों की कमी से खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित
Tue, 30 Jun 2026 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:36 AM IST
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कोसली। स्थानीय स्टेडियम में एथलेटिक्स, कुश्ती और कबड्डी के प्रशिक्षकों के पद खाली होने से खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। यहां तक कि खिलाड़ियों को खुद मैदान की सफाई करानी पड़ती है।
कोसली में वर्ष 2010 में पांच एकड़ भूमि पर इस उम्मीद के साथ स्टेडियम का निर्माण कराया गया था कि क्षेत्र के युवाओं को खेल सुविधाओं के साथ बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा लेकिन 15 वर्ष बाद भी स्टेडियम में एथलेटिक्स, कुश्ती और कबड्डी के कोचों की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
इसके चलते खिलाड़ियों का नियमित प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है और वे प्रतियोगिताओं की तैयारी भी प्रभावी ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण रामपाल, विकास और संतोष यादव ने बताया कि स्टेडियम में लंबे समय से कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
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खिलाड़ी राजीव और जतिन के अनुसार एथलेटिक्स, कुश्ती और कबड्डी के कोचों के पद खाली हैं। वहीं इंडोर हॉल और आधुनिक जिम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। कई बार खेल विभाग और प्रशासन से कोचों की नियुक्ति की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि स्टेडियम में तैनात महिला बॉक्सिंग कोच के मार्गदर्शन में कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनका मानना है कि यदि अन्य खेलों के प्रशिक्षक भी उपलब्ध करा दिए जाएं तो यहां से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं।
सरकारी सहायता के अभाव में क्रिकेट खिलाड़ियों ने खुद मैदान की सफाई कराकर घास लगवाई है। इतना ही नहीं, खिलाड़ियों ने आपस में चंदा एकत्र कर मैदान के रखरखाव के लिए एक व्यक्ति भी नियुक्त किया है, ताकि मैदान खेलने योग्य बना रहे।
वर्जन
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। कोचों की कमी के बारे में खेल विभाग को अवगत करा दिया गया है। विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों की नियुक्ति राज्य स्तर पर होती है।-अनिल यादव, खंड विकास अधिकारी
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कोसली में वर्ष 2010 में पांच एकड़ भूमि पर इस उम्मीद के साथ स्टेडियम का निर्माण कराया गया था कि क्षेत्र के युवाओं को खेल सुविधाओं के साथ बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा लेकिन 15 वर्ष बाद भी स्टेडियम में एथलेटिक्स, कुश्ती और कबड्डी के कोचों की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
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इसके चलते खिलाड़ियों का नियमित प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है और वे प्रतियोगिताओं की तैयारी भी प्रभावी ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण रामपाल, विकास और संतोष यादव ने बताया कि स्टेडियम में लंबे समय से कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
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खिलाड़ी राजीव और जतिन के अनुसार एथलेटिक्स, कुश्ती और कबड्डी के कोचों के पद खाली हैं। वहीं इंडोर हॉल और आधुनिक जिम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। कई बार खेल विभाग और प्रशासन से कोचों की नियुक्ति की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि स्टेडियम में तैनात महिला बॉक्सिंग कोच के मार्गदर्शन में कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनका मानना है कि यदि अन्य खेलों के प्रशिक्षक भी उपलब्ध करा दिए जाएं तो यहां से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं।
सरकारी सहायता के अभाव में क्रिकेट खिलाड़ियों ने खुद मैदान की सफाई कराकर घास लगवाई है। इतना ही नहीं, खिलाड़ियों ने आपस में चंदा एकत्र कर मैदान के रखरखाव के लिए एक व्यक्ति भी नियुक्त किया है, ताकि मैदान खेलने योग्य बना रहे।
वर्जन
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। कोचों की कमी के बारे में खेल विभाग को अवगत करा दिया गया है। विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों की नियुक्ति राज्य स्तर पर होती है।-अनिल यादव, खंड विकास अधिकारी