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Rewari News: आयुष विभाग को 33 साल बाद मिला अपना भवन
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 06 Mar 2026 11:41 PM IST
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रेवाड़ी। सेक्टर-4 स्थित हुडा डिस्पेंसरी परिसर में बना आयुष विभाग का नया कार्यालय। संवाद
- फोटो : टूंडला में सीटीसी कंट्रोल का निरीक्षण करते डीआरएम रजनीश अग्रवाल व सीआरएस प्रवजीव सक्सेना सािा में डिप्टी सीटीएम अमित आनंद संवाद
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रेवाड़ी। जिला आयुष विभाग को 33 साल बाद आखिरकार अपना नया भवन मिल गया है। शहर के सेक्टर-4 स्थित हुडा डिस्पेंसरी परिसर में बने दो मंजिला आयुष भवन में विभाग का कार्यालय शिफ्ट कर दिया गया है। फरवरी में इस भवन से जिला आयुर्वेदिक अधिकारी कार्यालय का संचालन शुरू हो गया है।
अधिकारियों के अनुसार अगले एक माह के भीतर पंचकर्म थैरेपी यूनिट को भी नए भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। नए अब आयुष सेवाओं को एक ही स्थान पर संचालित किया जा सकेगा जिससे मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
करीब 50 लाख रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस भवन का निर्माण कार्य कई वर्षों में पूरा हुआ है। इससे पहले वर्ष 1992 से जिला आयुष कार्यालय शहर के सरकुलर रोड स्थित संत रविदास हॉस्टल में संचालित हो रहा था।
नई बिल्डिंग में थैरेपी की अलग-अलग व्यवस्था : नए आयुष भवन में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी कार्यालय के साथ-साथ पंचकर्मा थैरेपी और अन्य ओपीडी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
भवन की पहली मंजिल पर पंचकर्मा थैरेपी और अन्य ओपीडी संचालित की जाएंगी, जबकि दूसरी मंजिल पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी का कार्यालय होगा। अब तक पंचकर्मा थैरेपी अलग स्थान पर संचालित होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
सेक्टर-4 डिस्पेंसरी में केवल एक हॉल में पर्दे लगाकर थैरेपी दी जाती थी। नए भवन में पर्याप्त जगह उपलब्ध होने से पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी और थैरेपी की सुविधाओं में भी विस्तार होगा।
आयुष भवन में योग हॉल पहले से तैयार
आयुष भवन के पीछे योग हॉल पहले ही तैयार किया जा चुका है, जहां नियमित रूप से योग सत्र आयोजित किए जाते हैं। योगा और नेचुरोपैथी विशेषज्ञों के अनुसार मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार योग करने की सलाह दी जाती है। कई बीमारियों में योग से लाभ मिलने के कारण मरीजों को योग अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाता है।
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वर्जन
आयुष भवन में कार्यालय को शिफ्ट कर दिया गया है। नए भवन के शुरू होने से आयुष सेवाओं का विस्तार किया जाएगा और जल्द ही पंचकर्म यूनिट को यहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा। एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलने से मरीजों को बेहतर और सुगम उपचार मिल सकेगा।-डॉ. बसंत सोनी, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी।
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अधिकारियों के अनुसार अगले एक माह के भीतर पंचकर्म थैरेपी यूनिट को भी नए भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। नए अब आयुष सेवाओं को एक ही स्थान पर संचालित किया जा सकेगा जिससे मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
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करीब 50 लाख रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस भवन का निर्माण कार्य कई वर्षों में पूरा हुआ है। इससे पहले वर्ष 1992 से जिला आयुष कार्यालय शहर के सरकुलर रोड स्थित संत रविदास हॉस्टल में संचालित हो रहा था।
नई बिल्डिंग में थैरेपी की अलग-अलग व्यवस्था : नए आयुष भवन में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी कार्यालय के साथ-साथ पंचकर्मा थैरेपी और अन्य ओपीडी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
भवन की पहली मंजिल पर पंचकर्मा थैरेपी और अन्य ओपीडी संचालित की जाएंगी, जबकि दूसरी मंजिल पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी का कार्यालय होगा। अब तक पंचकर्मा थैरेपी अलग स्थान पर संचालित होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
सेक्टर-4 डिस्पेंसरी में केवल एक हॉल में पर्दे लगाकर थैरेपी दी जाती थी। नए भवन में पर्याप्त जगह उपलब्ध होने से पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी और थैरेपी की सुविधाओं में भी विस्तार होगा।
आयुष भवन में योग हॉल पहले से तैयार
आयुष भवन के पीछे योग हॉल पहले ही तैयार किया जा चुका है, जहां नियमित रूप से योग सत्र आयोजित किए जाते हैं। योगा और नेचुरोपैथी विशेषज्ञों के अनुसार मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार योग करने की सलाह दी जाती है। कई बीमारियों में योग से लाभ मिलने के कारण मरीजों को योग अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाता है।
वर्जन
आयुष भवन में कार्यालय को शिफ्ट कर दिया गया है। नए भवन के शुरू होने से आयुष सेवाओं का विस्तार किया जाएगा और जल्द ही पंचकर्म यूनिट को यहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा। एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलने से मरीजों को बेहतर और सुगम उपचार मिल सकेगा।-डॉ. बसंत सोनी, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी।