{"_id":"699364db0fa1c6698e0204f4","slug":"conflict-erupts-within-the-municipal-council-with-the-eo-claiming-that-the-dmc-is-trying-to-have-me-suspended-because-i-am-an-sc-rewari-news-c-198-1-rew1001-233707-2026-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: नगर परिषद में घमासान, ईओ बोले-डीएमसी मुझे एससी होने के कारण सस्पेंड करवाना चाह रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: नगर परिषद में घमासान, ईओ बोले-डीएमसी मुझे एससी होने के कारण सस्पेंड करवाना चाह रहे
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 17 Feb 2026 12:11 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। नगर परिषद रेवाड़ी में इन दिनों घमासान मचा हुआ है। सोमवार को कार्यकारी अधिकारी (ईओ) सुशील कुमार भुक्कल ने अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डीएमसी ब्रह्मप्रकाश पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एससी होने के कारण डीएमसी मुझे सस्पेंड करवाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि दुर्व्यवहार से परेशान होकर जब रिजाइन करने की सोची तो डीएमसी ने डीसी ऑफिस में उनके सामने माफी मांगी थी। जेई को वेतन जारी करने को तकनीकी गलती मानते हुए कहा कि इंसान ठोकर खाकर ही समझता है।
आरोप लगाया कि एससी होने के कारण डीएमसी मुझे सस्पेंड करवाना चाहते हैं। वह मेरे कर्मचारी के साथ मारपीट कर चुके है। सुशील कुमार ने बताया कि डीएमसी को यही कहूंगा कि कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रताड़ित करना छोड़ें।
परिवार के मुखिया होने के नाते उनसे काम करवाएं। एससी समाज में पैदा होना मेरा गुनाह नहीं। कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि एससी होने के कारण डीएमसी उन्हें परेशान कर रहे हैं।
मगर अब तक उनके खिलाफ कहीं पर भी एससी-एसटी की शिकायत नहीं की है। यदि उनका रवैया नहीं बदला तो मैं इस पर विचार कर सकता हूं। आखिरकार सरकार ने एससी-एसटी और महिला आयोग जैसी संस्थाएं बनाई किस लिए है।
नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार ने कहा कि डीएमसी की हरकतों से परेशान होकर 14 नवंबर 2025 को रिजाइन करने की सोची थी जिसके बाद डीसी ने मुझे और डीएमसी को अपने दफ्तर में बुलाया। जहां डीएमसी ने डीसी के सामने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी और मुझे गले लगाया था। हालांकि, डीएमसी ब्रह्मप्रकाश ने आरोपों को सिरे से नकारा है।
उधर, डीएमसी ब्रह्मप्रकाश का कहना है कि जब संबंधित अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो मैनें अपनी रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी थी। ईओ या किसी अन्य से मेरा कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है, बस मेरा प्रयास केवल यह है कि आमजन के काम बिना परेशानी के हो। लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
-- -- -- -- -- -- --
डीएमसी मेरे अधिकारी, उनकी कोई शिकायत नहीं की : सुशील
सुशील कुमार ने कहा कि डीएमसी मेरे अधिकारी हैं। मैंने आज तक उनकी कोई शिकायत नहीं की। डीएमसी मेरे एक कर्मचारी लवकुश के साथ मारपीट कर चुके हैं। बाकी कर्मचारियों के साथ मेरा भी लगातार उत्पीड़न कर रहे हैं। मेरा सरकार और प्रशासन से अनुरोध है कि मेरा उत्पीड़न रोका जाए। जब यहां नौकरी ज्वाइन की तो पता चला कि नगर परिषद के कई कर्मचारी दलालों से मिलकर लोगों से पैसे वसूलते थे। सभी को बदलकर नए आदमी लगा दिए जिससे वे परेशान हैं और बार बार मेरे खिलाफ झूठ फैलाकर बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। शहर का कोई भी व्यक्ति नगर परिषद में आकर सीधे बिना पैसे अपने काम करवा सकता है। यदि किसी का जायज काम न हो तो सीधे मुझसे मिल सकता है।
-- -- -- -
जेई और अकाउंटेंट से शुरू हुआ था विवाद
नगर परिषद ने चार माह के अवैतनिक अवकाश पर गए जेई हैप्पी को दो माह का वेतन जारी किया था। डीएमसी की शिकायत पर 10 फरवरी को जेई हैप्पी सैनी और अकारंटेंट जितेंद्र यादव को सस्पेंड कर दिया था। शिकायत में ईओ सुशील कुमार पर भी आरोप लगे थे। इसके बाद वह 15 फरवरी तक अवकाश पर चले गए थे। इसके बाद सोमवार को पहली बार दफ्तर पहुंचे ईओ सुशील कुमार ने इस पूरे प्रकरण के लिए डीएमसी को जिम्मेदार ठहरा दिया। जेई ने 18 अगस्त से 18 दिसंबर तक छुट्टी ली थी। 10 अक्टूबर को वापस ड्यूटी ज्वाइन की और फिर छुट्टी पर चला गया जिसके लिए उसे दो माह का वेतन जारी कर दिया।
ईओ सुशील कुमार का हुआ ट्रांसफर
नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार भुक्कल का सोमवार को सरकार ने रेवाड़ी से पंचकूला मुख्यालय ट्रांसफर कर दिया है। झज्जर के ईओ देवेंद्र कुमार को रेवाड़ी का एडिशनल कार्यभार सौंपा गया हैं। सुशील कुमार ने जेई और अकाउंटेंट के निबंलन के बाद शुरू हुए विवाद में सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे पत्रकार वार्ता की थी। इसके बाद सरकार ने देर शाम उनके ट्रांसफर आदेश जारी कर दिए। उन्होंने कहा था जिस प्रकार से आईपीएस वाई पूरन कुमार को प्रताड़ित किया गया था, मुझे भी वैसे ही प्रताड़ित किया जा रहा है।
Trending Videos
उन्होंने कहा कि दुर्व्यवहार से परेशान होकर जब रिजाइन करने की सोची तो डीएमसी ने डीसी ऑफिस में उनके सामने माफी मांगी थी। जेई को वेतन जारी करने को तकनीकी गलती मानते हुए कहा कि इंसान ठोकर खाकर ही समझता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोप लगाया कि एससी होने के कारण डीएमसी मुझे सस्पेंड करवाना चाहते हैं। वह मेरे कर्मचारी के साथ मारपीट कर चुके है। सुशील कुमार ने बताया कि डीएमसी को यही कहूंगा कि कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रताड़ित करना छोड़ें।
परिवार के मुखिया होने के नाते उनसे काम करवाएं। एससी समाज में पैदा होना मेरा गुनाह नहीं। कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि एससी होने के कारण डीएमसी उन्हें परेशान कर रहे हैं।
मगर अब तक उनके खिलाफ कहीं पर भी एससी-एसटी की शिकायत नहीं की है। यदि उनका रवैया नहीं बदला तो मैं इस पर विचार कर सकता हूं। आखिरकार सरकार ने एससी-एसटी और महिला आयोग जैसी संस्थाएं बनाई किस लिए है।
नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार ने कहा कि डीएमसी की हरकतों से परेशान होकर 14 नवंबर 2025 को रिजाइन करने की सोची थी जिसके बाद डीसी ने मुझे और डीएमसी को अपने दफ्तर में बुलाया। जहां डीएमसी ने डीसी के सामने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी और मुझे गले लगाया था। हालांकि, डीएमसी ब्रह्मप्रकाश ने आरोपों को सिरे से नकारा है।
उधर, डीएमसी ब्रह्मप्रकाश का कहना है कि जब संबंधित अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो मैनें अपनी रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी थी। ईओ या किसी अन्य से मेरा कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है, बस मेरा प्रयास केवल यह है कि आमजन के काम बिना परेशानी के हो। लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
डीएमसी मेरे अधिकारी, उनकी कोई शिकायत नहीं की : सुशील
सुशील कुमार ने कहा कि डीएमसी मेरे अधिकारी हैं। मैंने आज तक उनकी कोई शिकायत नहीं की। डीएमसी मेरे एक कर्मचारी लवकुश के साथ मारपीट कर चुके हैं। बाकी कर्मचारियों के साथ मेरा भी लगातार उत्पीड़न कर रहे हैं। मेरा सरकार और प्रशासन से अनुरोध है कि मेरा उत्पीड़न रोका जाए। जब यहां नौकरी ज्वाइन की तो पता चला कि नगर परिषद के कई कर्मचारी दलालों से मिलकर लोगों से पैसे वसूलते थे। सभी को बदलकर नए आदमी लगा दिए जिससे वे परेशान हैं और बार बार मेरे खिलाफ झूठ फैलाकर बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। शहर का कोई भी व्यक्ति नगर परिषद में आकर सीधे बिना पैसे अपने काम करवा सकता है। यदि किसी का जायज काम न हो तो सीधे मुझसे मिल सकता है।
जेई और अकाउंटेंट से शुरू हुआ था विवाद
नगर परिषद ने चार माह के अवैतनिक अवकाश पर गए जेई हैप्पी को दो माह का वेतन जारी किया था। डीएमसी की शिकायत पर 10 फरवरी को जेई हैप्पी सैनी और अकारंटेंट जितेंद्र यादव को सस्पेंड कर दिया था। शिकायत में ईओ सुशील कुमार पर भी आरोप लगे थे। इसके बाद वह 15 फरवरी तक अवकाश पर चले गए थे। इसके बाद सोमवार को पहली बार दफ्तर पहुंचे ईओ सुशील कुमार ने इस पूरे प्रकरण के लिए डीएमसी को जिम्मेदार ठहरा दिया। जेई ने 18 अगस्त से 18 दिसंबर तक छुट्टी ली थी। 10 अक्टूबर को वापस ड्यूटी ज्वाइन की और फिर छुट्टी पर चला गया जिसके लिए उसे दो माह का वेतन जारी कर दिया।
ईओ सुशील कुमार का हुआ ट्रांसफर
नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार भुक्कल का सोमवार को सरकार ने रेवाड़ी से पंचकूला मुख्यालय ट्रांसफर कर दिया है। झज्जर के ईओ देवेंद्र कुमार को रेवाड़ी का एडिशनल कार्यभार सौंपा गया हैं। सुशील कुमार ने जेई और अकाउंटेंट के निबंलन के बाद शुरू हुए विवाद में सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे पत्रकार वार्ता की थी। इसके बाद सरकार ने देर शाम उनके ट्रांसफर आदेश जारी कर दिए। उन्होंने कहा था जिस प्रकार से आईपीएस वाई पूरन कुमार को प्रताड़ित किया गया था, मुझे भी वैसे ही प्रताड़ित किया जा रहा है।