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Rewari News: किसानों को दी वैज्ञानिक विधि से सिंचाई करने की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:53 PM IST
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प्रशिक्षण शिविर में भाग लेते किसान। स्रोत : ग्रामीण
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कोसली। दी कोसली एफपीओ की ओर से गांव मुन्दड़ा में पुनर्योजी सरसों उत्पादन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें किसानों को वैज्ञानिक विधि से सिंचाई करने की जानकारी दी गई।
दी कोसली एफपीओ बैरमपुर के सीईओ अशोक कुमार ने बीज उपचार, जैविक खादों के प्रयोग, वर्मी कंपोस्ट के उपयोग तथा सिंचाई की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। सरसों की फसल में सल्फर के महत्व और कीट प्रबंधन के लिए पीले कार्ड के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि पुनर्योजी खेती अपनाने से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ती है। कृषि विभाग कोसली से डॉ. संजीत यादव ने किसानों को पीले कार्ड तथा टेबुकोनाजोल 10 प्रतिशत प्लस सल्फर 65 प्रतिशत डब्ल्यूजी के संतुलित प्रयोग की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इन उपायों से सरसों की फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि संभव है। किसानों ने प्रशिक्षण में नई तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नरेश यादव, कुलदीप यादव, राजवीर, राकेश सहित गांव के किसान मौजूद रहे।
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दी कोसली एफपीओ बैरमपुर के सीईओ अशोक कुमार ने बीज उपचार, जैविक खादों के प्रयोग, वर्मी कंपोस्ट के उपयोग तथा सिंचाई की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। सरसों की फसल में सल्फर के महत्व और कीट प्रबंधन के लिए पीले कार्ड के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
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विशेषज्ञों ने बताया कि पुनर्योजी खेती अपनाने से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ती है। कृषि विभाग कोसली से डॉ. संजीत यादव ने किसानों को पीले कार्ड तथा टेबुकोनाजोल 10 प्रतिशत प्लस सल्फर 65 प्रतिशत डब्ल्यूजी के संतुलित प्रयोग की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इन उपायों से सरसों की फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि संभव है। किसानों ने प्रशिक्षण में नई तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नरेश यादव, कुलदीप यादव, राजवीर, राकेश सहित गांव के किसान मौजूद रहे।