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कबीर साहब ने समाज को दिखाई सत्य की राह : उमाकांत महाराज
Tue, 30 Jun 2026 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:24 AM IST
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आश्रम में सत्संग सुनाते बाबा उमाकांत महाराज। स्रोत : आश्रम
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बावल। ज्येष्ठ पूर्णिमा व संत कबीर जयंती पर जयगुरुदेव नगर कसौला चौक स्थित आश्रम में आयोजित सत्संग में बाबा उमाकांत महाराज ने कहा कि शास्त्रों का अध्ययन मात्र पर्याप्त नहीं होता। आध्यात्मिक अनुभव के लिए व्यावहारिक साधना और मार्गदर्शन जरूरी है। इसके लिए गुरु की जरूरत है। कबीर साहब ने समाज को आत्मज्ञान एवं सत्य की राह दिखाई थी।
उन्होंने कहा कि जो आत्मिक रूप से उच्च अवस्था प्राप्त कर परम सत्य तक पहुंचते हैं, उन्हें संत कहा जाता है। संत समाज को जागरूक करने और सही आध्यात्मिक मार्ग की ओर प्रेरित करने का कार्य करते हैं।
बाबा उमाकांत महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में लोगों को संयमित जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने शाकाहार और नशामुक्त जीवन को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।
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उन्होंने यह भी कहा कि संत परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन से जोड़ना आवश्यक है, जिससे लोग नैतिक और सदाचारपूर्ण जीवन की ओर अग्रसर हो सकें। सत्संग के अंत में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भाग लिया और आध्यात्मिक संदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
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उन्होंने कहा कि जो आत्मिक रूप से उच्च अवस्था प्राप्त कर परम सत्य तक पहुंचते हैं, उन्हें संत कहा जाता है। संत समाज को जागरूक करने और सही आध्यात्मिक मार्ग की ओर प्रेरित करने का कार्य करते हैं।
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बाबा उमाकांत महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में लोगों को संयमित जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने शाकाहार और नशामुक्त जीवन को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।
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उन्होंने यह भी कहा कि संत परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन से जोड़ना आवश्यक है, जिससे लोग नैतिक और सदाचारपूर्ण जीवन की ओर अग्रसर हो सकें। सत्संग के अंत में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भाग लिया और आध्यात्मिक संदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

आश्रम में सत्संग सुनाते बाबा उमाकांत महाराज। स्रोत : आश्रम