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Rewari News: 31 जुलाई तक ज्वाइनिंग नहीं मिली तो 1 अगस्त को सीएम आवास का घेराव करेंगे एलसीएलओ कर्मचारी
Sat, 25 Jul 2026 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:41 PM IST
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रेवाड़ी। एलसीएलओ कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें 31 जुलाई तक सीपीएलओ पद पर ज्वाइनिंग नहीं दी गई तो वे 1 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास पिपली का घेराव करेंगे। कर्मचारियों ने कहा कि 10 महीने से कुरुक्षेत्र लघु सचिवालय के सामने धरना जारी है लेकिन सरकार ने समाधान नहीं किया।
यूनियन के राज्य प्रधान पवन डागर ने बताया कि अब संगठन ने आर-पार की लड़ाई का निर्णय लिया है। एलसीएलओ कर्मचारी और उनके परिवारजन आंदोलन को तेज करेंगे। कहा कि प्रदेश में करीब 4000 एलसीएलओ कर्मचारी हैं। मांग पूरी नहीं होने पर आगामी चुनाव में वे मतदान का बहिष्कार कर सकते हैं।
राज्य कार्यकारिणी सदस्य रोहित धानिया ने बताया कि विवाद पदनाम और वेतन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि क्रीड (सीआरआईडी) के तहत सीपीएलओ पद के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन चयन के बाद कुछ युवाओं को सीपीएलओ पद पर नियुक्त किया गया, जबकि अन्य को एलसीएलओ पदनाम दे दिया गया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि एलसीएलओ कर्मचारियों को पिछले 18 महीने से न तो नियमित काम मिला है और न ही वेतन, जबकि सीपीएलओ कर्मचारियों को भी केवल छह हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, क्रीड विभाग के अधिकारियों, पंचायत मंत्री और विभागीय अधिकारियों से कई बार मुलाकात की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री से 20 बार, मुख्य सचिव से 8 बार, क्रीड विभाग के अपर मुख्य सचिव से 15 बार, पंचायत मंत्री से 4 बार, पंचायत विभाग के मुख्य सचिव से 2 बार और मुख्यमंत्री ओएसडी से 25 बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
यूनियन ने कहा कि विज्ञापन सीपीएलओ पद के लिए जारी किया गया था, लेकिन चयन के बाद कर्मचारियों को एलसीएलओ बनाकर बिना काम और वेतन के छोड़ दिया गया। कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें सीपीएलओ के समान पद और वेतन दिया जाए।
राज्य उपप्रधान रीतू ने बताया कि 1 अगस्त को होने वाले मुख्यमंत्री आवास घेराव में विभिन्न कर्मचारी संगठन भी शामिल होंगे। इसमें आशा वर्कर यूनियन, आंगनबाड़ी, मिड-डे-मील और सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े संगठन भाग लेंगे।
सीटू के जिला संयोजक रामकुमार ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में राज्य महासचिव गुरमीत रंगा, मीना सिवाच, परवीन, अंकित, प्रदीप चहल, अजय, कीर्ति, दीपक देसवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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यूनियन के राज्य प्रधान पवन डागर ने बताया कि अब संगठन ने आर-पार की लड़ाई का निर्णय लिया है। एलसीएलओ कर्मचारी और उनके परिवारजन आंदोलन को तेज करेंगे। कहा कि प्रदेश में करीब 4000 एलसीएलओ कर्मचारी हैं। मांग पूरी नहीं होने पर आगामी चुनाव में वे मतदान का बहिष्कार कर सकते हैं।
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राज्य कार्यकारिणी सदस्य रोहित धानिया ने बताया कि विवाद पदनाम और वेतन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि क्रीड (सीआरआईडी) के तहत सीपीएलओ पद के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन चयन के बाद कुछ युवाओं को सीपीएलओ पद पर नियुक्त किया गया, जबकि अन्य को एलसीएलओ पदनाम दे दिया गया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि एलसीएलओ कर्मचारियों को पिछले 18 महीने से न तो नियमित काम मिला है और न ही वेतन, जबकि सीपीएलओ कर्मचारियों को भी केवल छह हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
कर्मचारियों ने बताया कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, क्रीड विभाग के अधिकारियों, पंचायत मंत्री और विभागीय अधिकारियों से कई बार मुलाकात की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री से 20 बार, मुख्य सचिव से 8 बार, क्रीड विभाग के अपर मुख्य सचिव से 15 बार, पंचायत मंत्री से 4 बार, पंचायत विभाग के मुख्य सचिव से 2 बार और मुख्यमंत्री ओएसडी से 25 बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
यूनियन ने कहा कि विज्ञापन सीपीएलओ पद के लिए जारी किया गया था, लेकिन चयन के बाद कर्मचारियों को एलसीएलओ बनाकर बिना काम और वेतन के छोड़ दिया गया। कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें सीपीएलओ के समान पद और वेतन दिया जाए।
राज्य उपप्रधान रीतू ने बताया कि 1 अगस्त को होने वाले मुख्यमंत्री आवास घेराव में विभिन्न कर्मचारी संगठन भी शामिल होंगे। इसमें आशा वर्कर यूनियन, आंगनबाड़ी, मिड-डे-मील और सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े संगठन भाग लेंगे।
सीटू के जिला संयोजक रामकुमार ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में राज्य महासचिव गुरमीत रंगा, मीना सिवाच, परवीन, अंकित, प्रदीप चहल, अजय, कीर्ति, दीपक देसवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।