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Rewari News: पंचायतों की भूमि पर महिला समूह खोल सकेंगे डेयरी यूनिट
Sat, 25 Jul 2026 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:40 PM IST
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रेवाड़ी। ग्राम पंचायतों की भूमि पर अब महिला स्वयं सहायता समूह सामूहिक रूप से डेयरी यूनिट स्थापित कर सकेंगे। योजना के तहत उपायुक्त की मंजूरी के बाद ग्राम पंचायत अधिकतम 500 वर्ग गज शामलात देह भूमि पांच वर्ष के लिए पट्टे पर उपलब्ध करा सकेगी।
यदि डेयरी का संचालन हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम) की ओर से संतोषजनक पाया जाता है तो पट्टे की अवधि तीन वर्ष और बढ़ाई जा सकेगी।
योजना का लाभ केवल एचएसआरएलएम के तहत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों या उनकी सहकारी समितियों को मिलेगा। पात्रता के लिए समूह का कम से कम एक वर्ष से सक्रिय होना, नियमित बचत और ऋण लेन-देन का रिकॉर्ड होना तथा सभी सदस्यों का संबंधित ग्राम पंचायत का निवासी होना जरूरी है।
समूह में न्यूनतम 10 सदस्य होने चाहिए और बैठकों में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। साथ ही किसी सदस्य या उसके परिवार के नाम परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार 500 वर्ग गज या उससे अधिक भूमि नहीं होनी चाहिए।
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इच्छुक समूह ग्राम पंचायत, बीडीपीओ या जिला परिषद के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। यदि एक से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो समिति की निगरानी में ड्रॉ के माध्यम से चयन किया जाएगा। ग्राम पंचायत का तीन-चौथाई बहुमत से प्रस्ताव और ग्राम सभा की स्वीकृति भी आवश्यक होगी।
योजना के तहत 10 पशुओं की डेयरी के लिए 350 वर्ग गज भूमि मिलेगी। इसके बाद प्रत्येक तीन अतिरिक्त पशुओं पर 50 वर्ग गज अतिरिक्त भूमि दी जाएगी, लेकिन कुल क्षेत्रफल 500 वर्ग गज से अधिक नहीं होगा। पट्टे की न्यूनतम दर 1000 रुपये प्रति 100 वर्ग गज प्रतिवर्ष निर्धारित की गई है।
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यदि डेयरी का संचालन हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम) की ओर से संतोषजनक पाया जाता है तो पट्टे की अवधि तीन वर्ष और बढ़ाई जा सकेगी।
योजना का लाभ केवल एचएसआरएलएम के तहत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों या उनकी सहकारी समितियों को मिलेगा। पात्रता के लिए समूह का कम से कम एक वर्ष से सक्रिय होना, नियमित बचत और ऋण लेन-देन का रिकॉर्ड होना तथा सभी सदस्यों का संबंधित ग्राम पंचायत का निवासी होना जरूरी है।
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समूह में न्यूनतम 10 सदस्य होने चाहिए और बैठकों में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। साथ ही किसी सदस्य या उसके परिवार के नाम परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार 500 वर्ग गज या उससे अधिक भूमि नहीं होनी चाहिए।
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इच्छुक समूह ग्राम पंचायत, बीडीपीओ या जिला परिषद के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। यदि एक से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो समिति की निगरानी में ड्रॉ के माध्यम से चयन किया जाएगा। ग्राम पंचायत का तीन-चौथाई बहुमत से प्रस्ताव और ग्राम सभा की स्वीकृति भी आवश्यक होगी।
योजना के तहत 10 पशुओं की डेयरी के लिए 350 वर्ग गज भूमि मिलेगी। इसके बाद प्रत्येक तीन अतिरिक्त पशुओं पर 50 वर्ग गज अतिरिक्त भूमि दी जाएगी, लेकिन कुल क्षेत्रफल 500 वर्ग गज से अधिक नहीं होगा। पट्टे की न्यूनतम दर 1000 रुपये प्रति 100 वर्ग गज प्रतिवर्ष निर्धारित की गई है।