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पाले से सरसों की फसल करीब 50 प्रतिशत खराब : समय सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 13 Jan 2026 12:24 AM IST
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फोटो: 1रेवाड़ी। कोसली क्षेत्र में पाला पड़ने से मुरझाई सरसों की फलियों को दिखाते भारतीय किसान
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रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के शिष्ट मंडल ने सोमवार को खेतों में पहुंचकर पाले से खराब हुई फसलों का निरीक्षण किया। संगठन के अनुसार लगातार सूखा पाला पड़ने से जिले में करीब 50 प्रतिशत सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
यूनियन के प्रधान समय सिंह ने बताया कि यदि लगातार तीन दिन तक पाला पड़ता है तो कृषि विभाग और बीमा कंपनियों का दायित्व बनता है कि वे खेतों में जाकर सर्वे करें। फसल बीमा योजना के तहत पाले से हुए नुकसान पर मुआवजा देने का प्रावधान है। जिन किसानों ने फसल का बीमा करवाया है, उन्हें नियमानुसार क्षतिपूर्ति मिलनी चाहिए।
किसान नेताओं ने बीमा कंपनियों, कृषि अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि बावल, कोसली और रेवाड़ी क्षेत्र में प्रभावित खेतों का जल्द सर्वे कराया जाए ताकि किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा मिल सके।
शिष्ट मंडल ने कई खेतों में जाकर सरसों की फसल की स्थिति देखी जहां पाले से पौधों को नुकसान पहुंचा है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर सर्वे नहीं कराया गया तो भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी विरोध करेगी और प्रशासन को ज्ञापन सौंपेगी। इस मौके पर जिला कार्यकारी प्रधान राजेंद्र कुमार गेरा और महिला जिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर मौजूद रहीं।
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यूनियन के प्रधान समय सिंह ने बताया कि यदि लगातार तीन दिन तक पाला पड़ता है तो कृषि विभाग और बीमा कंपनियों का दायित्व बनता है कि वे खेतों में जाकर सर्वे करें। फसल बीमा योजना के तहत पाले से हुए नुकसान पर मुआवजा देने का प्रावधान है। जिन किसानों ने फसल का बीमा करवाया है, उन्हें नियमानुसार क्षतिपूर्ति मिलनी चाहिए।
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किसान नेताओं ने बीमा कंपनियों, कृषि अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि बावल, कोसली और रेवाड़ी क्षेत्र में प्रभावित खेतों का जल्द सर्वे कराया जाए ताकि किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा मिल सके।
शिष्ट मंडल ने कई खेतों में जाकर सरसों की फसल की स्थिति देखी जहां पाले से पौधों को नुकसान पहुंचा है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर सर्वे नहीं कराया गया तो भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी विरोध करेगी और प्रशासन को ज्ञापन सौंपेगी। इस मौके पर जिला कार्यकारी प्रधान राजेंद्र कुमार गेरा और महिला जिला प्रधान मुन्नी बूढ़पुर मौजूद रहीं।