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Rewari News: कलश यात्रा के साथ शिव महापुराण की कथा शुरू
Mon, 10 Aug 2026 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 10 Aug 2026 12:01 AM IST
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कलश यात्रा निकालतीं महिलाएं। स्रोत : समिति
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धारूहेड़ा। सावन के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथा सेवा समिति धारूहेड़ा की ओर से सेक्टर-6 स्थित सामुदायिक भवन में शिव महापुराण कथा का शुभारंभ किया गया। कथा से पहले श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, विवेकानंद गेट, सेक्टर-6 से कलश यात्रा निकाली गई।
कलश यात्रा में महिलाएं और पुरुष शिव भजनों की धुन पर झूमते हुए कथा स्थल तक पहुंचे। पीत वस्त्र धारण किए महिलाओं के साथ बच्चे भी कलश यात्रा में शामिल हुए।
कथा के प्रथम दिन वृंदावन से पहुंचे कथा वाचक बालकृष्ण महाराज ने शिव महापुराण कथा के विधि-विधान और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कथा के आयोजन के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। कथा स्थल को फूलों से सजाने और भगवान का चित्र स्थापित करने की भी परंपरा है। उन्होंने बताया कि कथा वाचक का मुख पूर्व तथा कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं का मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
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बालकृष्ण महाराज ने कहा कि श्रद्धालुओं को कथा वाचक के प्रति उनकी आयु, सामाजिक स्थिति या शारीरिक अवस्था के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए, बल्कि उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शिव पुराण का श्रद्धापूर्वक श्रवण या पाठ करता है, उसके ज्ञात-अज्ञात कष्ट दूर होते हैं और उसे धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान शिव की भक्ति देवताओं के साथ दैत्यों ने भी की है। भोलेनाथ अपने दरबार में आने वाले भक्तों को कभी निराश नहीं करते।
समिति के अध्यक्ष डीके शर्मा ने बताया कि शिव महापुराण कथा का आयोजन प्रतिदिन शाम 3 बजे से 7 बजे तक सेक्टर-6 स्थित सामुदायिक भवन में होगा। कथा का वाचन बालकृष्ण महाराज द्वारा किया जा रहा है।
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कलश यात्रा में महिलाएं और पुरुष शिव भजनों की धुन पर झूमते हुए कथा स्थल तक पहुंचे। पीत वस्त्र धारण किए महिलाओं के साथ बच्चे भी कलश यात्रा में शामिल हुए।
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कथा के प्रथम दिन वृंदावन से पहुंचे कथा वाचक बालकृष्ण महाराज ने शिव महापुराण कथा के विधि-विधान और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कथा के आयोजन के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। कथा स्थल को फूलों से सजाने और भगवान का चित्र स्थापित करने की भी परंपरा है। उन्होंने बताया कि कथा वाचक का मुख पूर्व तथा कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं का मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
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बालकृष्ण महाराज ने कहा कि श्रद्धालुओं को कथा वाचक के प्रति उनकी आयु, सामाजिक स्थिति या शारीरिक अवस्था के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए, बल्कि उनके प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शिव पुराण का श्रद्धापूर्वक श्रवण या पाठ करता है, उसके ज्ञात-अज्ञात कष्ट दूर होते हैं और उसे धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान शिव की भक्ति देवताओं के साथ दैत्यों ने भी की है। भोलेनाथ अपने दरबार में आने वाले भक्तों को कभी निराश नहीं करते।
समिति के अध्यक्ष डीके शर्मा ने बताया कि शिव महापुराण कथा का आयोजन प्रतिदिन शाम 3 बजे से 7 बजे तक सेक्टर-6 स्थित सामुदायिक भवन में होगा। कथा का वाचन बालकृष्ण महाराज द्वारा किया जा रहा है।