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मानकों के आधार पर दिया जाए दयालु-2 योजना का लाभ : डीसी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 04 Feb 2026 12:06 AM IST
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लघु सचिवालय के सभागार में दयालु-2 योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय कमेटी के साथ बैठक कर
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हरियाणा सरकार की ओर से शुरू की गई दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) को लेकर मंगलवार को डीसी अभिषेक मीणा ने बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दयालु-2 योजना के मानकों के आधार पर बेसहारा पशुओं के हमले से मृत्यु, स्थायी दिव्यांगता या घायल होने पर पीड़ित या प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता दिलाएं।
डीसी ने बताया कि दयालु-2 योजना एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच है। इसके तहत किसी सार्वजनिक स्थान पर जैसे गाय, बैल, कुत्ता, नीलगाय, गधा, खच्चर आदि पशुओं के काटने या हमले के कारण होने वाली मृत्यु, स्थायी दिव्यांगता या गंभीर चोट की स्थिति में प्रदेश सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
योजना को सरल बनाने के लिए सरकार ने दयालु-2 योजना पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से पीडि़त परिवार सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
यदि किसी परिवार के साथ ऐसी कोई अप्रिय घटना घटती है, तो वे 90 दिन के भीतर पोर्टल पर पंजीकरण कर सकता है जिससे कल्याणकारी योजना का लाभ उन्हें समय पर मिल सके।
डीसी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए प्रार्थी हरियाणा का निवासी होना चाहिए और इसके लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। इस योजना के लिए पारिवारिक आय की कोई शर्त नहीं रखी गई है।
इसी प्रकार आयु की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा नहीं है। घटना हरियाणा में ही हुई हो। अन्य दस्तावेजों के लिए वेबसाइट पर विजिट करें। बैठक में एसडीएम सुरेश कुमार, डीडीपीओ एचपी बंसल, जिला सांख्यिकी अधिकारी देवीदास व उप सिविल सर्जन डाॅ. भंवर सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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रेवाड़ी। हरियाणा सरकार की ओर से शुरू की गई दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) को लेकर मंगलवार को डीसी अभिषेक मीणा ने बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दयालु-2 योजना के मानकों के आधार पर बेसहारा पशुओं के हमले से मृत्यु, स्थायी दिव्यांगता या घायल होने पर पीड़ित या प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता दिलाएं।
डीसी ने बताया कि दयालु-2 योजना एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच है। इसके तहत किसी सार्वजनिक स्थान पर जैसे गाय, बैल, कुत्ता, नीलगाय, गधा, खच्चर आदि पशुओं के काटने या हमले के कारण होने वाली मृत्यु, स्थायी दिव्यांगता या गंभीर चोट की स्थिति में प्रदेश सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
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योजना को सरल बनाने के लिए सरकार ने दयालु-2 योजना पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से पीडि़त परिवार सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
यदि किसी परिवार के साथ ऐसी कोई अप्रिय घटना घटती है, तो वे 90 दिन के भीतर पोर्टल पर पंजीकरण कर सकता है जिससे कल्याणकारी योजना का लाभ उन्हें समय पर मिल सके।
डीसी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए प्रार्थी हरियाणा का निवासी होना चाहिए और इसके लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। इस योजना के लिए पारिवारिक आय की कोई शर्त नहीं रखी गई है।
इसी प्रकार आयु की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा नहीं है। घटना हरियाणा में ही हुई हो। अन्य दस्तावेजों के लिए वेबसाइट पर विजिट करें। बैठक में एसडीएम सुरेश कुमार, डीडीपीओ एचपी बंसल, जिला सांख्यिकी अधिकारी देवीदास व उप सिविल सर्जन डाॅ. भंवर सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
