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Rewari News: अघोषित बिजली कटौती से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, रेवाड़ी-कोटकासिम मार्ग तीन घंटे जाम
Tue, 30 Jun 2026 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:28 AM IST
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मांगों को लेकर कोटकासिम मार्ग पर धरने पर बैठे ग्रामीण। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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बावल। अघोषित बिजली और पेयजल संकट से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को गांव गढ़ी बोलनी में रेवाड़ी-कोटकासिम मार्ग पर जाम लगा दिया। सुबह आठ से 11 बजे तक कुल तीन घंटे तक जाम के दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई जिससे वाहन चालकों को परेशान होना पड़ा। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
बाद में जनस्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ ने पाइपलाइन की जांच कर जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने 11 बजे जाम समाप्त कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच गांव में गंभीर जल संकट बना हुआ है। इसके साथ ही बिजली विभाग की ओर से लगातार अघोषित कटौती की जा रही है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि राजनीतिक कारणों से गांव की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
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ग्रामीण सुरेंद्र, मुकेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पिछले लगभग 10 दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति ठप है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों और संबंधित मंत्री को भी शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों का कहना है कि न तो उन्हें प्रभावी जनप्रतिनिधित्व मिल रहा है और न ही प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है।
ग्रामीणों ने फोरलेन निर्माण कार्य की धीमी गति पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सड़क की खुदाई के बाद निर्माण कार्य बेहद धीमी रफ्तार से चल रहा है, जिसके कारण भारी वाहन गांव के अंदर से गुजर रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में एक डंपर ने सड़क किनारे खड़ी एक बुजुर्ग महिला को कुचल दिया था, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली और पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तथा भारी वाहनों का गांव से गुजरना बंद नहीं हुआ, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
पहले भी हो चुके हैं प्रदर्शन
बावल क्षेत्र में बिजली और पेयजल की बदहाल व्यवस्था को लेकर इससे पहले भी कई बार ग्रामीणों और उद्यमियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। उस समय भी लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि भीषण गर्मी के दौरान लगातार बिजली कटौती और पेयजल संकट से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालांकि, उन प्रदर्शनों के बाद कुछ समय के लिए व्यवस्था में सुधार किया गया था।
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बाद में जनस्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ ने पाइपलाइन की जांच कर जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने 11 बजे जाम समाप्त कर दिया।
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ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच गांव में गंभीर जल संकट बना हुआ है। इसके साथ ही बिजली विभाग की ओर से लगातार अघोषित कटौती की जा रही है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि राजनीतिक कारणों से गांव की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
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ग्रामीण सुरेंद्र, मुकेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पिछले लगभग 10 दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति ठप है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों और संबंधित मंत्री को भी शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों का कहना है कि न तो उन्हें प्रभावी जनप्रतिनिधित्व मिल रहा है और न ही प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है।
ग्रामीणों ने फोरलेन निर्माण कार्य की धीमी गति पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सड़क की खुदाई के बाद निर्माण कार्य बेहद धीमी रफ्तार से चल रहा है, जिसके कारण भारी वाहन गांव के अंदर से गुजर रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में एक डंपर ने सड़क किनारे खड़ी एक बुजुर्ग महिला को कुचल दिया था, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली और पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तथा भारी वाहनों का गांव से गुजरना बंद नहीं हुआ, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
पहले भी हो चुके हैं प्रदर्शन
बावल क्षेत्र में बिजली और पेयजल की बदहाल व्यवस्था को लेकर इससे पहले भी कई बार ग्रामीणों और उद्यमियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। उस समय भी लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि भीषण गर्मी के दौरान लगातार बिजली कटौती और पेयजल संकट से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालांकि, उन प्रदर्शनों के बाद कुछ समय के लिए व्यवस्था में सुधार किया गया था।

मांगों को लेकर कोटकासिम मार्ग पर धरने पर बैठे ग्रामीण। संवाद- फोटो : सांकेतिक