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घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाएं जागरूक बनें, कानूनी सहायता का लें लाभ : प्रियंका यादव
Tue, 30 Jun 2026 12:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:31 AM IST
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अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पीएलवी प्रियंका यादव, विशिष्ट अतिथि एडवोकेट आशा मंगला व दीपि
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रेवाड़ी। सेक्टर-1 स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के परिसर में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को अपराजिता का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाव और सहायता की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पैरा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) प्रियंका यादव ने महिलाओं से कहा कि वे घरेलू हिंसा के खिलाफ खुद जागरूक बने और कानूनी सहायता का लाभ लें।
प्रियंका यादव ने कहा कि घरेलू हिंसा गंभीर सामाजिक समस्या है जो महिलाओं को केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक रूप से भी प्रभावित करती है। प्रत्येक महिला को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा को सहन नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क कानूनी सहायता, हेल्पलाइन तथा परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। पीड़ित महिलाओं को इन सुविधाओं का समय पर लाभ उठाना चाहिए।
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प्रियंका यादव ने महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने, जागरूक रहने और अन्य महिलाओं को भी जागरूक करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज में हिंसा के खिलाफ मजबूत वातावरण तैयार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में अग्रवाल वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष नवीन सिंघल, सुनीता अग्रवाल, यशोदा बंसल, गरिमा मित्तल, रेखा अग्रवाल, अंजू अग्रवाल, मनु अग्रवाल, पूजा गुप्ता, ललिता अग्रवाल, रिंकी अग्रवाल, आंचल अग्रवाल, कविता अग्रवाल और मनीषा उपस्थित रहीं।
बॉक्स
बिना डरे शिकायत दर्ज कराएं : आशा मंगला
विशिष्ट अतिथि एडवोकेट आशा मंगला ने कहा कि घरेलू हिंसा से संरक्षण के लिए कानून पूरी तरह सक्षम है। पीड़ित महिलाओं को बिना किसी भय के आगे आकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय प्राप्त करना प्रत्येक महिला का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। अग्रवाल वैश्य समाज की जिला महिला उपाध्यक्ष दीपिका अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं का आत्मनिर्भर बनना अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा, जागरूकता और आर्थिक आत्मनिर्भरता ही महिलाओं के वास्तविक सशक्तीकरण का आधार हैं। उन्होंने समाज से महिलाओं को सम्मान और समान अवसर प्रदान करने की अपील की।
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प्रियंका यादव ने कहा कि घरेलू हिंसा गंभीर सामाजिक समस्या है जो महिलाओं को केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक रूप से भी प्रभावित करती है। प्रत्येक महिला को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा को सहन नहीं करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि सरकार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क कानूनी सहायता, हेल्पलाइन तथा परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। पीड़ित महिलाओं को इन सुविधाओं का समय पर लाभ उठाना चाहिए।
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प्रियंका यादव ने महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने, जागरूक रहने और अन्य महिलाओं को भी जागरूक करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज में हिंसा के खिलाफ मजबूत वातावरण तैयार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में अग्रवाल वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष नवीन सिंघल, सुनीता अग्रवाल, यशोदा बंसल, गरिमा मित्तल, रेखा अग्रवाल, अंजू अग्रवाल, मनु अग्रवाल, पूजा गुप्ता, ललिता अग्रवाल, रिंकी अग्रवाल, आंचल अग्रवाल, कविता अग्रवाल और मनीषा उपस्थित रहीं।
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बिना डरे शिकायत दर्ज कराएं : आशा मंगला
विशिष्ट अतिथि एडवोकेट आशा मंगला ने कहा कि घरेलू हिंसा से संरक्षण के लिए कानून पूरी तरह सक्षम है। पीड़ित महिलाओं को बिना किसी भय के आगे आकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय प्राप्त करना प्रत्येक महिला का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। अग्रवाल वैश्य समाज की जिला महिला उपाध्यक्ष दीपिका अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं का आत्मनिर्भर बनना अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा, जागरूकता और आर्थिक आत्मनिर्भरता ही महिलाओं के वास्तविक सशक्तीकरण का आधार हैं। उन्होंने समाज से महिलाओं को सम्मान और समान अवसर प्रदान करने की अपील की।