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Rohtak News: खुशियों का सफर मातम में बदला...देहरादून हाईवे पर भीषण हादसे में रोहतक के चार लोगों की मौत
Thu, 20 Aug 2026 04:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 20 Aug 2026 04:02 AM IST
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55-सोमपाल। फ़ाइल फ़ोटो
- फोटो : Archive
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। उत्तराखंड के देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों के सफर को मातम में बदल दिया। लच्छीवाला के माता मणिमाई मंदिर के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में रोहतक के तीन हलवाइयों और उनके चालक समेत चार लोगों की जान चली गई जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में तीन हलवाई नरेश (42), विनोद (40), सोमपाल और चालक नवीन शामिल हैं।
घायलों में विपेंद्र सिंह, विक्की शर्मा और लाला हैं जिनमें विपेंद्र की हालत नाजुक बताई गई है। मंगलवार रात काम खत्म कर हरिद्वार और देहरादून घूमने निकले इन परिवारों को देर रात तक इस हृदय विदारक घटना की जानकारी नहीं दी गई थी। ये सभी लोग मंगलवार रात सोमपाल की कार से हरिद्वार और देहरादून घूमने की योजना बनाकर निकले थे। उन्होंने गढ़ी मोहल्ला निवासी नवीन को चालक के तौर पर किराए पर लिया था।
हरिद्वार में स्नान और देहरादून में टपकेश्वर मंदिर के दर्शन के बाद लौटते समय लच्छीवाला टोल के पास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। नरेश और विनोद शहर में लाला आत्माराम हलवाई की दुकान पर काम करते थे। अन्य चार लोग भी शादी-पार्टी में खाना बनाते थे।
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हादसे की सूचना मिलने पर लाला आत्माराम हलवाई के संचालक दुकान बंद कर पीड़ितों के परिवार के पुरुष सदस्यों के साथ उत्तराखंड चले गए हैं। हादसे में शामिल चार लोग रेलवे रोड के निवासी थे।
उजड़ गया संसार, मासूमों को पता ही नहीं
हादसे में शामिल चार लोग रेलवे रोड के निवासी थे जिनमें से तीन की माैत हो गई। यहां रहने वाले नरेश के परिवार में पत्नी, चार साल का बेटा और आठ साल की बेटी है। रेलवे रोड निवासी सोमपाल की गाड़ी में ही सभी घूमने के लिए गए थे। हादसे के समय सोमपाल ही गाड़ी को चला रहे थे। सोमपाल परिवार में चार लड़कियां और एक लड़का छोड़ गए हैं जबकि विनोद अपने पीछे 14 व 16 साल की दो बेटियां और नौ साल का बेटा छोड़ गए हैं। रेलवे रोड निवासी आशु जैन ने बताया कि अभी तक घर की महिलाओं और बच्चों को केवल यह बताया गया है कि एक एक्सीडेंट हुआ है जिसमें मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने परिजनों को इस घटना के बारे में न बताने का आग्रह किया है। आशु जैन व अन्य ने कहा कि कल यानी वीरवार को ही उनको हकीकत बताई जाएगी। बेचारे मासूमों को नहीं पता कि उनकी सिर से पिता की छाया अब सदा के लिए चली गई है।
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ड्राइवर ले जाने के बावजूद सोमपाल खुद चला रहे थे कार
सभी छह साथी पेशेवर रूप से एक साथ जुड़े हुए थे। सभी हलवाई का काम काम करते थे। घूमने जाने के लिए ड्राइवर भी हायर किया था लेकिन, हादसे के समय गाड़ी सोमपाल ही चला रहे थे। इस बारे में रेलवे रोड निवासी आशु जैन ने बताया कि हो सकता है कि लाॅन्ग ड्राइव के कारण ड्राइवर नवीन को नींद आ रही हो, तब सोमपाल खुद ड्राइव कर रहे थे।
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नवीन की जानकारी से रेलवे रोडवासियों ने किया इन्कार
हादसे में जान गंवाने वाले नवीन को सभी साथी बताैर ड्राइवर साथ लेकर गए थे। उनके बारे में रेलवे रोड के लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं थी। आशु जैन व अन्य ने बताया कि उनको यह मालूम नहीं है कि पहले भी नवीन को साथ लेकर गए थे या नहीं।
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सावन को लेकर बना था घूमने का प्रोग्राम
घूमने के लिए उत्तराखंड गए सात लोगों में से छह एक ही पेशे से जुड़े थे। आपस में घनिष्ठता थी। सावन के चलते सभी ने घूमने का कार्यक्रम बनाया। इसी कारण मंगलवार रात दुकान पर काम खत्म करने के बाद दोनों के साथ बाकी चार दोस्त भी घूमने निकल गए थे।
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पसरा सन्नाटा, आज होगा मातम
रेलवे रोड निवासी नरेश, सोमपाल, विपेंद्र सिंह, विक्की शर्मा के घरों के बीच बहुत ज्यादा दूरी नहीं है। बुधवार को हुए हादसे के बाद देर बुधवार रात 10 बजे लोगों में इसकी चर्चा थी लेकिन घर पर महिलाओं व बच्चों को केवल चोटिल होने की बात ही बताई गई थी। घटना के चलते इलाके में सन्नाटा पसरा था। आशु जैन व अन्य ने बताया कि वीरवार को शव रोहतक आने की उम्मीद है। वीरवार शाम को अंतिम संस्कार हाे सकता है। बुधवार रात सुनसान पड़ी रेलवे रोड पर वीरवार को मातम में डूब जाएगी।
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रोहतक। उत्तराखंड के देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों के सफर को मातम में बदल दिया। लच्छीवाला के माता मणिमाई मंदिर के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में रोहतक के तीन हलवाइयों और उनके चालक समेत चार लोगों की जान चली गई जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में तीन हलवाई नरेश (42), विनोद (40), सोमपाल और चालक नवीन शामिल हैं।
घायलों में विपेंद्र सिंह, विक्की शर्मा और लाला हैं जिनमें विपेंद्र की हालत नाजुक बताई गई है। मंगलवार रात काम खत्म कर हरिद्वार और देहरादून घूमने निकले इन परिवारों को देर रात तक इस हृदय विदारक घटना की जानकारी नहीं दी गई थी। ये सभी लोग मंगलवार रात सोमपाल की कार से हरिद्वार और देहरादून घूमने की योजना बनाकर निकले थे। उन्होंने गढ़ी मोहल्ला निवासी नवीन को चालक के तौर पर किराए पर लिया था।
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हरिद्वार में स्नान और देहरादून में टपकेश्वर मंदिर के दर्शन के बाद लौटते समय लच्छीवाला टोल के पास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। नरेश और विनोद शहर में लाला आत्माराम हलवाई की दुकान पर काम करते थे। अन्य चार लोग भी शादी-पार्टी में खाना बनाते थे।
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हादसे की सूचना मिलने पर लाला आत्माराम हलवाई के संचालक दुकान बंद कर पीड़ितों के परिवार के पुरुष सदस्यों के साथ उत्तराखंड चले गए हैं। हादसे में शामिल चार लोग रेलवे रोड के निवासी थे।
उजड़ गया संसार, मासूमों को पता ही नहीं
हादसे में शामिल चार लोग रेलवे रोड के निवासी थे जिनमें से तीन की माैत हो गई। यहां रहने वाले नरेश के परिवार में पत्नी, चार साल का बेटा और आठ साल की बेटी है। रेलवे रोड निवासी सोमपाल की गाड़ी में ही सभी घूमने के लिए गए थे। हादसे के समय सोमपाल ही गाड़ी को चला रहे थे। सोमपाल परिवार में चार लड़कियां और एक लड़का छोड़ गए हैं जबकि विनोद अपने पीछे 14 व 16 साल की दो बेटियां और नौ साल का बेटा छोड़ गए हैं। रेलवे रोड निवासी आशु जैन ने बताया कि अभी तक घर की महिलाओं और बच्चों को केवल यह बताया गया है कि एक एक्सीडेंट हुआ है जिसमें मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने परिजनों को इस घटना के बारे में न बताने का आग्रह किया है। आशु जैन व अन्य ने कहा कि कल यानी वीरवार को ही उनको हकीकत बताई जाएगी। बेचारे मासूमों को नहीं पता कि उनकी सिर से पिता की छाया अब सदा के लिए चली गई है।
ड्राइवर ले जाने के बावजूद सोमपाल खुद चला रहे थे कार
सभी छह साथी पेशेवर रूप से एक साथ जुड़े हुए थे। सभी हलवाई का काम काम करते थे। घूमने जाने के लिए ड्राइवर भी हायर किया था लेकिन, हादसे के समय गाड़ी सोमपाल ही चला रहे थे। इस बारे में रेलवे रोड निवासी आशु जैन ने बताया कि हो सकता है कि लाॅन्ग ड्राइव के कारण ड्राइवर नवीन को नींद आ रही हो, तब सोमपाल खुद ड्राइव कर रहे थे।
नवीन की जानकारी से रेलवे रोडवासियों ने किया इन्कार
हादसे में जान गंवाने वाले नवीन को सभी साथी बताैर ड्राइवर साथ लेकर गए थे। उनके बारे में रेलवे रोड के लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं थी। आशु जैन व अन्य ने बताया कि उनको यह मालूम नहीं है कि पहले भी नवीन को साथ लेकर गए थे या नहीं।
सावन को लेकर बना था घूमने का प्रोग्राम
घूमने के लिए उत्तराखंड गए सात लोगों में से छह एक ही पेशे से जुड़े थे। आपस में घनिष्ठता थी। सावन के चलते सभी ने घूमने का कार्यक्रम बनाया। इसी कारण मंगलवार रात दुकान पर काम खत्म करने के बाद दोनों के साथ बाकी चार दोस्त भी घूमने निकल गए थे।
पसरा सन्नाटा, आज होगा मातम
रेलवे रोड निवासी नरेश, सोमपाल, विपेंद्र सिंह, विक्की शर्मा के घरों के बीच बहुत ज्यादा दूरी नहीं है। बुधवार को हुए हादसे के बाद देर बुधवार रात 10 बजे लोगों में इसकी चर्चा थी लेकिन घर पर महिलाओं व बच्चों को केवल चोटिल होने की बात ही बताई गई थी। घटना के चलते इलाके में सन्नाटा पसरा था। आशु जैन व अन्य ने बताया कि वीरवार को शव रोहतक आने की उम्मीद है। वीरवार शाम को अंतिम संस्कार हाे सकता है। बुधवार रात सुनसान पड़ी रेलवे रोड पर वीरवार को मातम में डूब जाएगी।