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Rohtak News: कार्यकारी उपायुक्त की टीम ने दो घंटे किया पीजीआई नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण
Thu, 20 Aug 2026 02:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 20 Aug 2026 02:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पीजीआई के नशा मुक्ति केंद्र में नशा छुड़ाने वाली दवाइयों के रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी के बाद से नशा मुक्ति केंद्र के प्रति जिला प्रशासन का रुख सख्त हो गया है। बुधवार को कार्यकारी उपायुक्त नरेंद्र कुमार की तरफ से टीम नशा मुक्ति केंद्र पहुंची व निरीक्षण किया। हालांकि, कार्यकारी उपायुक्त ने इसको नियमित निरीक्षण बताया।
सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन की तरफ से गठित टीम सुबह करीब साढ़े 10 बजे नशा मुक्ति केंद्र पहुंची व दो घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने मरीजों से बातचीत भी की। इसके साथ ही केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
टीम ने नशा मुक्ति केंद्र की तरफ से बनाए रिकॉर्ड की जांच भी की। निरीक्षण के मिनट्स बनाए जाएंगे। इसके बाद फाइल कार्यकारी उपायुक्त को सौंपी जाएगी। टीम में जिले के कई बड़े अधिकारी भी शामिल थे।
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ये है मामला
जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी डॉ. मनदीप जून माह में नशा मुक्ति केंद्र के निरीक्षण के दौरान नशा करने वाले मरीजों के इलाज की व्यवस्थाएं देखी थी। लगभग सभी व्यवस्थाएं सही मिली थीं। केंद्र से नशा छुड़ाने वाली दवाइयों के मौजूदा स्टॉक, खरीद व वितरित की दवाइयों का रिकॉर्ड पूछा गया था।
उस समय नशा मुक्ति केंद्र तुरंत रिकॉर्ड तक नहीं दे पाया व रिकॉर्ड देने के लिए दो दिन का समय मांगा लेकिन चार दिन तक भी रिकॉर्ड नहीं मिला। लंबे समय बाद पीजीआई से गोलमाल रिकॉर्ड मिला। इससे घोटाला होने की आशंका है।
वर्जन:
पीजीआई के नशा मुक्ति केंद्र में नियमित जांच के लिए टीम भेजी गई थी। टीम ने वहां निरीक्षण किया। फिलहाल रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट के बाद कुछ कहा जा सकेगा।
- नरेंद्र कुमार, कार्यकारी उपायुक्त, रोहतक
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रोहतक। पीजीआई के नशा मुक्ति केंद्र में नशा छुड़ाने वाली दवाइयों के रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी के बाद से नशा मुक्ति केंद्र के प्रति जिला प्रशासन का रुख सख्त हो गया है। बुधवार को कार्यकारी उपायुक्त नरेंद्र कुमार की तरफ से टीम नशा मुक्ति केंद्र पहुंची व निरीक्षण किया। हालांकि, कार्यकारी उपायुक्त ने इसको नियमित निरीक्षण बताया।
सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन की तरफ से गठित टीम सुबह करीब साढ़े 10 बजे नशा मुक्ति केंद्र पहुंची व दो घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने मरीजों से बातचीत भी की। इसके साथ ही केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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टीम ने नशा मुक्ति केंद्र की तरफ से बनाए रिकॉर्ड की जांच भी की। निरीक्षण के मिनट्स बनाए जाएंगे। इसके बाद फाइल कार्यकारी उपायुक्त को सौंपी जाएगी। टीम में जिले के कई बड़े अधिकारी भी शामिल थे।
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ये है मामला
जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी डॉ. मनदीप जून माह में नशा मुक्ति केंद्र के निरीक्षण के दौरान नशा करने वाले मरीजों के इलाज की व्यवस्थाएं देखी थी। लगभग सभी व्यवस्थाएं सही मिली थीं। केंद्र से नशा छुड़ाने वाली दवाइयों के मौजूदा स्टॉक, खरीद व वितरित की दवाइयों का रिकॉर्ड पूछा गया था।
उस समय नशा मुक्ति केंद्र तुरंत रिकॉर्ड तक नहीं दे पाया व रिकॉर्ड देने के लिए दो दिन का समय मांगा लेकिन चार दिन तक भी रिकॉर्ड नहीं मिला। लंबे समय बाद पीजीआई से गोलमाल रिकॉर्ड मिला। इससे घोटाला होने की आशंका है।
वर्जन:
पीजीआई के नशा मुक्ति केंद्र में नियमित जांच के लिए टीम भेजी गई थी। टीम ने वहां निरीक्षण किया। फिलहाल रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट के बाद कुछ कहा जा सकेगा।
- नरेंद्र कुमार, कार्यकारी उपायुक्त, रोहतक