{"_id":"6a0e15e5ea3e4e4ada0aec3c","slug":"hot-winds-continue-to-rage-from-morning-till-9-pm-increasing-the-risk-of-dehydration-rohtak-news-c-17-roh1020-859503-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: सुबह से रात 9 बजे तक सता रहीं गर्म हवाएं, डिहाइड्रेशन का बढ़ा खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: सुबह से रात 9 बजे तक सता रहीं गर्म हवाएं, डिहाइड्रेशन का बढ़ा खतरा
विज्ञापन
44-गर्मी से बचाव के लिए जुगाड़...रोहतक के दिल्ली रोड पर बुधवार दोपहर को तेज धूप के दौरान गर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रोहतक। गर्मी में पारा 46 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच गया है। तल्ख तेवर दिखा रहा पारा हर दिन बढ़ता जा रहा है। बढ़ते पारे और झुलसाती लू ने लोगों को घरों में दुबकने को विवश कर दिया है। आलम यह है कि सुबह नौ बजे से ही गर्म हवाएं सताने लगती हैं। यह सिलसिला रात नौ बजे बाद तक भी जारी रहता है। ऐसे में डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ गया है।
जिले में बुधवार को पारा मई के रिकॉर्ड स्तर पर रहा। यह अधिकतम 46.9 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन का तापमान सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। गर्मी में 50 डिग्री को लपक रहे पारे ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय घर से निकलने पर लू के थपेड़े सहने पड़ रहे हैं।
पानी की कमी से हो सकता है हीट स्ट्रोक
झुलसाती गर्मी में धूप में निकलना परेशानी बढ़ा सकता है। लू के थपेड़ों से शरीर में पानी की मात्रा कम होने लगती है। लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक या डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए पानी खूब पीएं। लू से बचने के लिए पूरे कपड़े पहनें। सिर व चेहरे को ढककर बाहर निकलें। इस मौसम में लू लगने के मरीज बढ़ जाते हैं। यह मौसम और बना रहा तो ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। -डाॅ. दीपक जैन, मेडिसिन विभाग, पीजीआई।
विज्ञापन
दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें : डीसी
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिलावासियों से अपील की है कि बढ़ते तापमान को देखते हुए धूप व लू से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतें। अत्यधिक गर्मी के दौरान लापरवाही स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इसलिए नागरिक सतर्क रहें और आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।
यूं करें लू से अपना बचाव
गर्मी में किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़े तो सिर ढककर रखें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। पानी की बोतल साथ रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी व ओआरएस का सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। लू लगने की स्थिति में तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना या पसीना बंद होना, कमजोरी, उल्टी, बेहोशी की समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत छांव में जाएं, शरीर को ठंडा करें व नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
जिले में बुधवार को पारा मई के रिकॉर्ड स्तर पर रहा। यह अधिकतम 46.9 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन का तापमान सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। गर्मी में 50 डिग्री को लपक रहे पारे ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय घर से निकलने पर लू के थपेड़े सहने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पानी की कमी से हो सकता है हीट स्ट्रोक
झुलसाती गर्मी में धूप में निकलना परेशानी बढ़ा सकता है। लू के थपेड़ों से शरीर में पानी की मात्रा कम होने लगती है। लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक या डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए पानी खूब पीएं। लू से बचने के लिए पूरे कपड़े पहनें। सिर व चेहरे को ढककर बाहर निकलें। इस मौसम में लू लगने के मरीज बढ़ जाते हैं। यह मौसम और बना रहा तो ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। -डाॅ. दीपक जैन, मेडिसिन विभाग, पीजीआई।
Trending Videos
दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें : डीसी
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिलावासियों से अपील की है कि बढ़ते तापमान को देखते हुए धूप व लू से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतें। अत्यधिक गर्मी के दौरान लापरवाही स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इसलिए नागरिक सतर्क रहें और आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।
यूं करें लू से अपना बचाव
गर्मी में किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़े तो सिर ढककर रखें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। पानी की बोतल साथ रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी व ओआरएस का सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। लू लगने की स्थिति में तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक पसीना आना या पसीना बंद होना, कमजोरी, उल्टी, बेहोशी की समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत छांव में जाएं, शरीर को ठंडा करें व नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।