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Rohtak News: दुकानों के साथ जली उम्रभर की कमाई और सपने

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 02:55 AM IST
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Lifelong earnings and dreams burned along with the shops.
70-रोहतक डी पार्क पर मंगलवार को अग्निकांड के बाद बुधवार को घटना के बारे में जानकारी देते दुकानद
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रोहतक। आंखों के सामने सब जल गया। उम्र भर की कमाई ही नहीं सपने भी जल गए। अपनी आंखों से जो देखा वह सपने में भी नहीं सोचा था। एसी का कंप्रेसर फटने के बाद 15 मिनट में सब खत्म हो गया। यह कहना है कैलाश बूट हाउस संचालक पीयूष मलिक का। इतना कहते ही वह भावुक हो गए। डी पार्क अग्निकांड के बाद वह अमर उजाला से अपना दर्द साझा कर रहे थे।


पीयूष ने कहा कि आग से दस दुकानें जल गईं। इनसे 50 घरों का चूल्हा जलता था। अब इन परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। कम से कम छह माह से पहले काम दोबारा शुरू नहीं हो पाएगा। इस बीच व्यापारी व उन पर आश्रित 50 परिवार क्या करेंगे। हमारे सामने कोई रास्ता नहीं बचा है।
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पीयूष ने कहा कि यह दुकान ही हमारी कमाई का साधन थी। दुकान पर मोटा लोन बकाया है। उसे कैसे चुकाएंगे। बच्चों को कैसे पढ़ाएंगे। कैसे अपना भविष्य बेहतर बनाएंगे। इस दयनीय स्थिति से सरकार ही उबार सकती है। सरकार पीड़ितों को सरकारी नौकरी दे।
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हमने अपने साथी जलते देखे हैं। हम कुछ नहीं कर सके। यह पल कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यह दुकान नहीं यह मां की तरह थी। यह हमें पालती थी। इसे औलाद की तरह जलते देखा है।

दुकानदार रविंद्र ने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने सब कुछ उजड़ते देखा है। भीषण आग के सामने बेबस थे। कुछ नहीं कर पाए। आग इतनी भयानक रूप ले चुकी थी कि चारों ओर कोहराम मच गया। इन दुकानों से ही परिवार व साथ काम करने वालों का घर चलता था।
दुकान के सहारे ही बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना संजोया था। आग ने हमारे तीन साथियों को निगल लिया। बाजार को दोबारा खड़ा करने के लिए सरकार मुआवजा दे। इधर, ईगल बूट हाउस के संचालक राजेश गांधी ने कहा कि कंप्रेसर फटने से आग लगी थी। यह भयावह हादसा भुलाए नहीं भूलेगा।

पीजीआई से श्मशान पहुंचा सौरभ का शव
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद गुरुनानकपुरा निवासी सौरभ का शव पीजीआई से सीधे गोहाना रोड स्थित श्मशान ले जाया गया। यहां मौजूद सौरभ की मां डिंपल व चाची रितु बिलख उठीं। बेटे को इस तरह साथ छोड़कर जाता देख दोनों चित्कार कर उठीं। इधर, नेहरू कॉलोनी निवासी कपिल का शव पीजीआई से अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचा तो पत्नी राजेश व उनकी दो बेटियां फफक पड़ीं। इनका रो-रोकर बुरा हाल था। बाबरा मोहल्ला निवासी अमन यादव का शव घर पहुंचा तो मां सविता, पत्नी सीमा व बहन अन्नू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह बार-बार अमन को देखने की बात कहती रहीं। जूता व्यापारी व दो कर्मचारियों की मौत से इलाके में सन्नाटा पसरा नजर आया।

70-रोहतक डी पार्क पर मंगलवार को अग्निकांड के बाद बुधवार को घटना के बारे में जानकारी देते दुकानद

70-रोहतक डी पार्क पर मंगलवार को अग्निकांड के बाद बुधवार को घटना के बारे में जानकारी देते दुकानद

70-रोहतक डी पार्क पर मंगलवार को अग्निकांड के बाद बुधवार को घटना के बारे में जानकारी देते दुकानद

70-रोहतक डी पार्क पर मंगलवार को अग्निकांड के बाद बुधवार को घटना के बारे में जानकारी देते दुकानद

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