{"_id":"69e7a9763e233288650e778a","slug":"mdus-green-model-campus-has-become-an-example-in-the-country-rohtak-news-c-17-roh1020-843562-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: देश में मिसाल बना एमडीयू का हरियाली भरा मॉडल कैंपस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: देश में मिसाल बना एमडीयू का हरियाली भरा मॉडल कैंपस
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 22 Apr 2026 05:13 AM IST
विज्ञापन
04-एमडीयू परिसर में फैली हरियाली। संवाद
विज्ञापन
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय अब हरियाली का मॉडल कैंपस बनकर उभर रहा है। सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में यह देशभर के लिए मिसाल पेश कर रहा है। पृथ्वी दिवस पर विश्वविद्यालय की हरित पहल खास चर्चा में हैं।
पिछले कुछ वर्षों में योजनाबद्ध तरीके से किए गए प्रयासों से कैंपस में हरियाली बढ़ी है। यहां 75 प्रजातियों के करीब 25 हजार से ज्यादा पेड़ हैं और हर्बल गार्डन में 100 से अधिक औषधीय पौधे संरक्षित किए जा रहे हैं जिससे जैव विविधता मजबूत हुई है और छात्रों को प्रकृति से जुड़ने का मौका मिल रहा है।
अगस्त 2024 में आयोजित एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में 250 से ज्यादा कॉलेजों की भागीदारी रही। एमडीयू को वर्ष 2018 में एमएचआरडी की ओर से देश के सबसे स्वच्छ और हरित परिसरों में शामिल किया गया। वहीं 2020 में ग्रीन मेंटरशिप अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
अपशिष्ट और जल प्रबंधन में सुधार
विश्वविद्यालय ने वेस्ट मैनेजमेंट को व्यवस्थित बनाने के लिए वेस्ट ऑडिट कराया। इसके तहत कचरे का पृथक्करण, खाद बनाना और री-साइक्लिंग की व्यवस्था लागू की गई। यहां सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक है। ई-वेस्ट और बाॅयोमेडिकल वेस्ट का निपटान तय नियमों के अनुसार किया जाता है। 3 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अपशिष्ट जल को साफ कर दोबारा उपयोग में लाता है। यही नहीं एमडीयू में 500 किलोवाट से ज्यादा सौर ऊर्जा प्लांट लगाए गए हैं। आवासीय क्षेत्रों में भी सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। एलईडी लाइट्स और सेंसर आधारित सिस्टम से बिजली की बचत हो रही है।
शिक्षा के साथ पर्यावरण जागरूकता पर भी ध्यान
छात्रों को सस्टेनेबल जीवनशैली से जोड़ने के लिए प्राकृतिक खेती और वेस्ट मैनेजमेंट के सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए गए हैं। ग्रीन वॉलंटियर योजना के तहत छात्र पर्यावरण गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। वर्टिकल गार्डनिंग, बोनसाई, औषधीय पौधों और पक्षी संरक्षण पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। कैंपस में एवियन जागरूकता कार्यक्रमों के तहत 100 से अधिक पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई है। इनमें डक, पेंटेड स्टॉर्क, ओरिएंटल डार्टर और फेरुगिनस जैसे पक्षी शामिल हैं।
Trending Videos
पिछले कुछ वर्षों में योजनाबद्ध तरीके से किए गए प्रयासों से कैंपस में हरियाली बढ़ी है। यहां 75 प्रजातियों के करीब 25 हजार से ज्यादा पेड़ हैं और हर्बल गार्डन में 100 से अधिक औषधीय पौधे संरक्षित किए जा रहे हैं जिससे जैव विविधता मजबूत हुई है और छात्रों को प्रकृति से जुड़ने का मौका मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अगस्त 2024 में आयोजित एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में 250 से ज्यादा कॉलेजों की भागीदारी रही। एमडीयू को वर्ष 2018 में एमएचआरडी की ओर से देश के सबसे स्वच्छ और हरित परिसरों में शामिल किया गया। वहीं 2020 में ग्रीन मेंटरशिप अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
अपशिष्ट और जल प्रबंधन में सुधार
विश्वविद्यालय ने वेस्ट मैनेजमेंट को व्यवस्थित बनाने के लिए वेस्ट ऑडिट कराया। इसके तहत कचरे का पृथक्करण, खाद बनाना और री-साइक्लिंग की व्यवस्था लागू की गई। यहां सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक है। ई-वेस्ट और बाॅयोमेडिकल वेस्ट का निपटान तय नियमों के अनुसार किया जाता है। 3 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अपशिष्ट जल को साफ कर दोबारा उपयोग में लाता है। यही नहीं एमडीयू में 500 किलोवाट से ज्यादा सौर ऊर्जा प्लांट लगाए गए हैं। आवासीय क्षेत्रों में भी सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। एलईडी लाइट्स और सेंसर आधारित सिस्टम से बिजली की बचत हो रही है।
शिक्षा के साथ पर्यावरण जागरूकता पर भी ध्यान
छात्रों को सस्टेनेबल जीवनशैली से जोड़ने के लिए प्राकृतिक खेती और वेस्ट मैनेजमेंट के सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए गए हैं। ग्रीन वॉलंटियर योजना के तहत छात्र पर्यावरण गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। वर्टिकल गार्डनिंग, बोनसाई, औषधीय पौधों और पक्षी संरक्षण पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। कैंपस में एवियन जागरूकता कार्यक्रमों के तहत 100 से अधिक पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई है। इनमें डक, पेंटेड स्टॉर्क, ओरिएंटल डार्टर और फेरुगिनस जैसे पक्षी शामिल हैं।
