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Rohtak News: एमडीयू में कच्चे कर्मचारियों की सैलरी अटकी
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 22 Apr 2026 04:51 AM IST
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत करीब 600 कर्मचारियों की सैलरी एक माह से अटकी हुई है। हर महीने 10 तारीख तक वेतन मिलने की उम्मीद रखने वाले कर्मचारियों को इस बार 21 अप्रैल तक भी भुगतान नहीं हुआ। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
महिला कर्मचारी अंजू ने बताया कि परिवार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। हर माह तय समय पर मासिक किस्त भरनी होती है लेकिन वेतन में देरी से आर्थिक दबाव बढ़ गया है। कई कर्मचारियों के सामने किराया और अन्य जरूरी भुगतान करने की समस्या भी खड़ी हो गई है।
वेतन अटका तो बिगड़ा घर का संतुलन
कर्मचारियों ने बताया कि समय पर सैलरी न मिलने से घर का पूरा बजट बिगड़ गया है। रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और जरूरी भुगतान करना मुश्किल हो गया है। अप्रैल का महीना होने के कारण कई कर्मचारियों को बच्चों के स्कूल एडमिशन करवाने थे। सैलरी न आने से समस्या हो गई है।
अनुभव अपडेट न होने से नुकसान अलग से
कर्मचारी राजू, सोनू, सुनील ने मुद्दा उठाया कि एचकेआरएन पोर्टल पर उनका अनुभव (एक्सपीरियंस) अपडेट नहीं किया गया। खासतौर पर सफाई कर्मचारियों का अनुभव दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें हर महीने तीन से चार हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अन्य कर्मचारियों का डाटा अपडेट कर दिया लेकिन सफाई कर्मचारियों को नजरअंदाज किया गया। एमडीयू की जरनल शाखा असिस्टेंट दीपक ने बताया कि उनकी सैलरी दो दिनों के अंदर आ जाएगी।
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महिला कर्मचारी अंजू ने बताया कि परिवार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। हर माह तय समय पर मासिक किस्त भरनी होती है लेकिन वेतन में देरी से आर्थिक दबाव बढ़ गया है। कई कर्मचारियों के सामने किराया और अन्य जरूरी भुगतान करने की समस्या भी खड़ी हो गई है।
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वेतन अटका तो बिगड़ा घर का संतुलन
कर्मचारियों ने बताया कि समय पर सैलरी न मिलने से घर का पूरा बजट बिगड़ गया है। रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और जरूरी भुगतान करना मुश्किल हो गया है। अप्रैल का महीना होने के कारण कई कर्मचारियों को बच्चों के स्कूल एडमिशन करवाने थे। सैलरी न आने से समस्या हो गई है।
अनुभव अपडेट न होने से नुकसान अलग से
कर्मचारी राजू, सोनू, सुनील ने मुद्दा उठाया कि एचकेआरएन पोर्टल पर उनका अनुभव (एक्सपीरियंस) अपडेट नहीं किया गया। खासतौर पर सफाई कर्मचारियों का अनुभव दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें हर महीने तीन से चार हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अन्य कर्मचारियों का डाटा अपडेट कर दिया लेकिन सफाई कर्मचारियों को नजरअंदाज किया गया। एमडीयू की जरनल शाखा असिस्टेंट दीपक ने बताया कि उनकी सैलरी दो दिनों के अंदर आ जाएगी।
