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Rohtak News: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में गई शिक्षिका निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 11 Jun 2026 02:54 AM IST
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रोहतक। जंतर-मंतर पर बीते दिनों कॉकक्रोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने गई रोहतक की प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका सुलेखा दलाल का सस्पेंड लेटर तेजी से वायरल हो रहा है। सस्पेंड होने के बारे में शिक्षा विभाग बताने से कतराने लगा है।
रैनकपुरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में तैनात सुलेखा दलाल को बुधवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने निलंबित कर दिया। निलंबन मामले में शिक्षिका सुलेखा दलाल ने कहा कि बच्चों के हक लिए मैं जंतर मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने गई थी।
लगातार परीक्षाएं रद्द हो रही हैं और धांधली हो रही है। मेरा बेटा अंश डबास भी बीएड की पढ़ाई और प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि क्या मैं अपने बच्चे की आवाज नहीं बन सकती? मेरा प्रदर्शन में शामिल होना किसी पार्टी का विरोध करना या किसी पार्टी का समर्थन देना नहीं था।
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सुलेखा ने कहा कि खुदा न करे कि सिस्टम के खिलाफ मेरे बेटे का सुसाइड हो जाए तो क्या सरकार या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा। अगर मेरे बच्चे की आवाज उठाने या युवाओं की आवाज उठाने के पर शिक्षा विभाग ने मुझे निलंबित किया तो मैं निलंबन पत्र लेने के लिए तैयार हूं।
मुझे गर्व भी होगा कि बेटे की आवाज के लिए मुझे निलंबन दिया है। हालांकि, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर जारी पत्र में किसी प्रकार की पुष्टि नहीं की गई है कि शिक्षिका सुलेखा को किस संदर्भ में निलंबित किया गया है।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक ने कहा कि मैं इस मामले में कुछ नहीं कह सकती हूं। यह मामले जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के तहत आता है।
अभी इससे मामले के बारे में पूरी जानकारी देने में सक्षम नहीं हूं। किसी कार्यक्रम में जाने के चलते निलंबन के बारे में नहीं बताया जा सकता। - बिजेंद्र हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
रैनकपुरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में तैनात सुलेखा दलाल को बुधवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने निलंबित कर दिया। निलंबन मामले में शिक्षिका सुलेखा दलाल ने कहा कि बच्चों के हक लिए मैं जंतर मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने गई थी।
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लगातार परीक्षाएं रद्द हो रही हैं और धांधली हो रही है। मेरा बेटा अंश डबास भी बीएड की पढ़ाई और प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि क्या मैं अपने बच्चे की आवाज नहीं बन सकती? मेरा प्रदर्शन में शामिल होना किसी पार्टी का विरोध करना या किसी पार्टी का समर्थन देना नहीं था।
सुलेखा ने कहा कि खुदा न करे कि सिस्टम के खिलाफ मेरे बेटे का सुसाइड हो जाए तो क्या सरकार या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा। अगर मेरे बच्चे की आवाज उठाने या युवाओं की आवाज उठाने के पर शिक्षा विभाग ने मुझे निलंबित किया तो मैं निलंबन पत्र लेने के लिए तैयार हूं।
मुझे गर्व भी होगा कि बेटे की आवाज के लिए मुझे निलंबन दिया है। हालांकि, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर जारी पत्र में किसी प्रकार की पुष्टि नहीं की गई है कि शिक्षिका सुलेखा को किस संदर्भ में निलंबित किया गया है।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक ने कहा कि मैं इस मामले में कुछ नहीं कह सकती हूं। यह मामले जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के तहत आता है।
अभी इससे मामले के बारे में पूरी जानकारी देने में सक्षम नहीं हूं। किसी कार्यक्रम में जाने के चलते निलंबन के बारे में नहीं बताया जा सकता। - बिजेंद्र हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।