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Sirsa News: देसी कपास की बिजाई पर प्रति एकड़ मिलेगी तीन हजार की प्रोत्साहन राशि
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:22 AM IST
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- सूक्ष्म पोषक तत्वों और कीटनाशक की खरीद पर भी दिए जाएंगे दो हजार रुपये प्रति एकड़
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा सरकार की ओर से किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य में कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को देसी कपास की बिजाई करने पर 3000 रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जाता है।
उप निदेशक डाॅ. सुखदेव सिंह कंबोज ने बताया कि इसके अलावा, सूक्ष्म पोषक तत्वों और कीटनाशकों की खरीद पर 2000 रुपये प्रति एकड़ (अधिकतम 2 एकड़ तक) की सहायता भी दी जाती है। योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
इस योजना के साथ-साथ कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण के माध्यम से भी किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इसके अंतर्गत कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा सुझाई गई नवीनतम खेती की विधियों और फसलों से संबंधित जानकारी किसान गोष्ठियों, ग्राम स्तरीय शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जाती है।
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण शिविर, किसान मेले, प्रदर्शनियों और अध्ययन भ्रमण के जरिए व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है ताकि वे नई तकनीकों को अपनाकर अपनी उत्पादकता बढ़ा सकें।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न ब्लॉकों में किसानों के लिए प्रदर्शन प्लॉट भी स्थापित किए जाते हैं जिनके लिए 6000 रुपये प्रति एकड़ तक की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती की ओर प्रेरित करना, लागत कम करना और उत्पादन बढ़ाकर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना है।
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सिरसा। हरियाणा सरकार की ओर से किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य में कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को देसी कपास की बिजाई करने पर 3000 रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जाता है।
उप निदेशक डाॅ. सुखदेव सिंह कंबोज ने बताया कि इसके अलावा, सूक्ष्म पोषक तत्वों और कीटनाशकों की खरीद पर 2000 रुपये प्रति एकड़ (अधिकतम 2 एकड़ तक) की सहायता भी दी जाती है। योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
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इस योजना के साथ-साथ कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण के माध्यम से भी किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इसके अंतर्गत कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा सुझाई गई नवीनतम खेती की विधियों और फसलों से संबंधित जानकारी किसान गोष्ठियों, ग्राम स्तरीय शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जाती है।
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण शिविर, किसान मेले, प्रदर्शनियों और अध्ययन भ्रमण के जरिए व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है ताकि वे नई तकनीकों को अपनाकर अपनी उत्पादकता बढ़ा सकें।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न ब्लॉकों में किसानों के लिए प्रदर्शन प्लॉट भी स्थापित किए जाते हैं जिनके लिए 6000 रुपये प्रति एकड़ तक की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती की ओर प्रेरित करना, लागत कम करना और उत्पादन बढ़ाकर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना है।