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Sirsa News: शहर के अवैध होर्डिंग साइटों पर नगर परिषद करेगी ठोस कार्रवाई

संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 08 Apr 2026 01:20 AM IST
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action will be taken against invalid hoardings
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- विज्ञापन जारी करवाने वालों पर लगेगा जुर्माना, एजेंसी को भी जारी होगा नोटिस
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- विज्ञापन जारी करवाने वालों को 10 हजार रुपये तक लगेगा जुर्माना, विज्ञापन एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
- बिजली के पोल, साइटों आदि पर विज्ञापन लगाने वाले कर्मचारियों पर भी हो सकती है कार्रवाई

फोटो ---
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में अवैध होर्डिंग और विज्ञापन को लेकर चल रहे शिकायतों के दौर पर अब नगर परिषद प्रशासन ने विराम लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करने का मन बना लिया है। मंगलवार को होर्डिंग मामले में एजेंसी व शिकायतकर्ता जिला नगर आयुक्त के समक्ष पेश हुए। जिला नगर आयुक्त ने कहा कि अवैध होर्डिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होंगे। इस पर ठोस कार्रवाई की जाएगी।

नगर परिषद प्रशासन ने विज्ञापन एक्ट का सहारा लेने का निर्णय लिया है। इस एक्ट के तहत विज्ञापन प्रकाशित करवाने वाली संस्था को 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। ऐसे में भवन मालिकों, एजेंसियों, शिक्षण संस्थानों, दुकानदारों, कॉलोनाइजरों के विज्ञापनों पर कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर सूची जारी करने का काम शुरू हो चुका है। जल्द ही विज्ञापन जारी करवाने वालों को नोटिस देने का काम शुरू हो जाएगा।
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वहीं, दूसरी ओर अवैध रूप से भवनों पर होर्डिंग लगवाने वाले भवन मालिकों को नोटिस देने की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है। इसमें तीन दिन का समय भवन मालिक को अवैध विज्ञापन व स्ट्रक्चर हटाने के लिए दिया जाएगा। यदि भवन मालिक नहीं हटाता है तो उस पर विज्ञापन एक्ट के तहत कार्रवाई होगी ओर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही होर्डिंग स्ट्रक्चर को हटाने का खर्च भी भवन मालिक देगा।
इतना ही नहीं, यदि कोई भवन मालिक विरोध करता व अन्य गतिविधियां करता है तो उस पर बिल्डिंग एक्ट से लेकर सरकारी काम में बाधा जैसी कार्रवाई भी नगर परिषद कर सकती है। सही मायने में इस बार नगर परिषद ने होर्डिंग हटाकर खानापूर्ति करने के बजाय ठोस कदम उठाने का मन बनाया है।
यह है विवाद
शहर में चार से पांच बड़ी फ्लैक्स व प्रिंटिंग वाली एजेंसियां हैं। ये सभी आपस में शिकायतें करती रहती हैं। महज एक एजेंसी के पास शहर की नौ होर्डिंग साइटों का टेंडर है तो एक के पास बस स्टैंड के अंदर की होर्डिंग साइटों का टेंडर हैं। इसके अलावा, शहर में सभी यूनिपोल, दीवारों, शराब की दुकानों आदि पर अवैध रूप से विज्ञापन जारी हो रहे हैं। पिछले पांच सालों से अवैध रूप विज्ञापन लगाने का धंधा बढ़ गया है। इसी कारण कई एजेंसियां नगर परिषद की होर्डिंग साइटों का टेंडर नहीं लेती है और बिना कोई पैसा दिए, फ्री में अवैध रूप से होर्डिंग लगाती हैं। इसी कारण नगर परिषद की होर्डिंग साइट पिछले 5 सालों से नहीं चढ़ रही हैं। यदि अवैध होर्डिंग पर कार्रवाई होती है तो शिकायतों का दौर शुरू हो जाता है।
रात के अंधेरे में लगते हैं अधिकतर विज्ञापन
शहर में अवैध रूप से विज्ञापन लगाने का काम रात के समय निजी एजेंसी के कर्मचारी करते हैं लेकिन उन्हें जानकारी नहीं है कि विज्ञापन एक्ट और स्वच्छ सर्वेक्षण के नियमानुसार बिना अनुमति विज्ञापन या पोस्टर आदि लगाने पर कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। नगर परिषद प्रशासन सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने और शहर को गंदा करने को लेकर एफआईआर करवा सकता है। इस सूरत में कर्मचारियों को थाने-चौकियों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।
कोट्स

विज्ञापन एक्ट के तहत इस बार अवैध रूप से होर्डिंग, पोस्टर व यूनिपोल लगाने वालों पर कार्रवाई होगी। भवन मालिकों, विज्ञापन प्रकाशित करवाने वाले संस्थानों से लेकर विज्ञापन लगाने वाली एजेंसी के खिलाफ होगी। जुर्माने से लेकर एफआईआर तक की कार्रवाई की जाएगी।
-राहुल जेई, नगर परिषद
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