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Sirsa News: निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसेगा विभाग, जांच करेंगे अधिकारी

संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 08 Apr 2026 01:14 AM IST
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action will be taken against private schools
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- बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूल होंगे बंद, नियमों को नोटिस बोर्ड पर लगाना अनिवार्य
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- एलकेजी व यूकेजी के किताबों के सेट 2000 रुपये से भी ज्यादा तक के बिक रहे
- निजी स्कूलों पर अब शिक्षा विभाग करेगा सख्ती, प्राइवेट पब्लिशर्स की पुस्तकें लगाने पर होगी कड़ी कार्रवाई
- स्कूलों को पुस्तकों की लिस्ट खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में करवानी होगी जमा

संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही निजी स्कूलों की मनमानी भी शुरू हो गई है। निजी स्कूल एनसीईआरटी की सस्ती और निर्धारित पुस्तकों को लागू करने के बजाय प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबें विद्यार्थियों पर थोप रहे हैं। अभिभावक एसोसिएशन की ओर से शिकायत दी गई थी। इसी कड़ी में जिला शिक्षा अधिकारी ने विशेष आदेश जारी किए हैं।
शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जिन स्कूलों की मान्यता नहीं उन स्कूलों की जांच कर उन्हें तुरंत प्रभाव से बंद करवाया जाएगा। इसके अलावा, जो स्कूल नियमों के विरुद्ध अभिभावकों से ड्रेस, किताबों आदि के नाम पर मोटा पैसा वसूल रहे हैं, उनकी जांच की जाएगी और कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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अभिभावक एसोसिएशन की दी गई शिकायत के अनुसार, एलकेजी और यूकेजी जैसी प्रारंभिक कक्षाओं के लिए भी किताबों के सेट 1500 से 2000 रुपये से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं। वहीं, चौथी कक्षा की पुस्तकें 4600 तक की बेची जा रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि इतनी छोटी कक्षाओं के लिए इतनी महंगी किताबें न केवल गैर-जरूरी हैं बल्कि यह सीधे तौर पर आर्थिक शोषण का मामला है।
अभिभावकों ने शिकायत में कहा है कि शिक्षा विभाग की ओर से बार-बार ये निर्देश दिए जाते रहे हैं कि एनसीईआरटी की पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाए ताकि शिक्षा सस्ती और सुलभ हो सके। इसके बावजूद निजी स्कूल इन निर्देशों की अनदेखी कर अपने स्तर पर प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें लागू कर रहे हैं।
अभिभावक एसोसिएशन कई बार लिख चुका पत्र, नहीं होती कार्रवाई
जिले के अभिभावक एसोसिएशन के प्रधान सौरभ मेहता ने जिला शिक्षा अधिकारी को एक पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि निजी स्कूलों की ओर से प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें लगवाकर अभिभावकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए। एसोसिएशन ने कहा कि कई बार पत्र लिखकर विभाग को अवगत करवाया जाता है लेकिन कोई कार्रवाई स्कूलों के खिलाफ नहीं होती है।
खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पुस्तकों की सूची करनी होगी जमा
शिक्षा विभाग ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी कक्षावार पुस्तकों की सूची संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में जमा करवाएं। इन सूचियों की जांच की जाएगी औ स्कूलों में निर्धारित स्कूलों को केवल विभाग की ओर से अनुमोदित पुस्तकें ही लगानी होंगी। पुस्तकों की सूची खंड कार्यालय में जमा करवानी होगी और इसे स्कूल के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करना होगा। अगर ऐसे में किसी स्कूल में प्राइवेट पब्लिशर्स की पुस्तकें लगी मिलती हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गैर मान्यता प्राप्त स्कूल होंगे बंद
शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जिले के सभी गैर-राजकीय विद्यालयों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिन निजी स्कूलों के पास स्थायी मान्यता या अनुमति नहीं है उन्हें बंद करवाया जाएगा। इसके साथ ही स्कूल केवल उसी स्तर तक दाखिले करेंगेे व कक्षाएं चलाएंगे जहां तक उनके पास विभाग की मान्यता है। स्कूल का नाम भी उसी अनुसार अंकित करना भी अनिवार्य है। स्कूलों के अंदर बुक्स, ड्रेस या स्टेशनरी बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने बारे भी निर्देश दिए हैं। कोई भी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या वेंडर से सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।
वर्जन
जिला अभिभावक एसोसिएशन की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा गया है जिसमें बताया गया है कि किन स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की पुस्तकें लगाई गईं। इसके बावजूद भी विभाग की ओर से किसी प्रकार की कोई कार्रवाई इन स्कूलों पर नहीं की जा रही है। अभिभावकों पर स्कूलों की ओर से आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
- सौरभ मेहता, अभिभावक एसोसिएशन, सिरसा।



वर्जन
निजी स्कूलों की इस तरह की मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई स्कूल निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें लागू करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- सुनीता साईं, जिला शिक्षा अधिकारी।
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