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Sirsa News: प्लाईवुड की फैक्टरी में एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया पकड़ी, संचालक पर प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:15 AM IST
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सिरसा किसान यूरिया का टाटा एस में स्टॉक दिखाते हुए। किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव मोरीवाला में खेती के लिए सब्सिडी बेस दी जाने वाली यूरिया खाद का प्लाईवुड फैक्टरी में प्रयोग का मामला सामने आया है। यूरिया व फॉर्मेल्डिहाइड का मिश्रण तैयार कर फैक्टरी में गत्ता और प्लाई बनाने का काम किया जा रहा था।
इसका खुलासा फैक्टरी में वीरवार की रात टाटा एस में यूरिया आने पर किसानों ने रात के समय पहुंचकर किया। किसानों के पहुंचने पर फैक्टरी मालिक भाग गया। किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचित किया। कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पुलिस को सूचित किया। वीरवार को ही टीम ने फैक्टरी मालिक पर प्राथमिकी दर्ज करवाई है और स्टॉक को सील कर दिया है। डिंग थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव मोरीवाला में वीरवार की रात को यूरिया से भरी एक गाड़ी नंबर एचआर-57ए-6246 को फैक्टरी परिसर में जाते हुए किसानों ने देख लिया था। किसानों को शक हुआ कि यूरिया सब्सिडी आधार पर एग्रीकल्चर ग्रेड की है। किसान गुरप्रीत सिंह ने मौके पर जाकर जांच की तो शक सही मिला। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख व किसान गुरप्रीत सिंह ने बताया कि किसान जब फैक्टरी में पहुंचे तो वहां मौजूद सोमिल कंबोज ने स्वीकार किया कि वह फैक्टरी के उपयोग के लिए 400 रुपये प्रति बैग की दर से यूरिया खरीदकर लाता है। इतना ही नहीं, उसके अलावा अन्य फैक्टरियां भी ब्लैक में यूरिया खरीद रही हैं।
इसके बाद किसानों ने कृषि विभाग से संपर्क किया और लिखित में शिकायत दी। वहीं, फैक्टरी मालिक सोमिल कंबोज वहां से भाग गया। सूचना मिलने पर एपीपीओ विजेंद्र चौहान और विषय विशेषज्ञ कोमल फैक्टरी पहुंचे। विजेंद्र चौहान ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। इसके बाद डिंग रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात यूरिया खाद के स्टोर को सील कर दिया। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों ने फैक्टरी मालिक के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पीएस फैक्टरी मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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सिरसा। गांव मोरीवाला में खेती के लिए सब्सिडी बेस दी जाने वाली यूरिया खाद का प्लाईवुड फैक्टरी में प्रयोग का मामला सामने आया है। यूरिया व फॉर्मेल्डिहाइड का मिश्रण तैयार कर फैक्टरी में गत्ता और प्लाई बनाने का काम किया जा रहा था।
इसका खुलासा फैक्टरी में वीरवार की रात टाटा एस में यूरिया आने पर किसानों ने रात के समय पहुंचकर किया। किसानों के पहुंचने पर फैक्टरी मालिक भाग गया। किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचित किया। कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पुलिस को सूचित किया। वीरवार को ही टीम ने फैक्टरी मालिक पर प्राथमिकी दर्ज करवाई है और स्टॉक को सील कर दिया है। डिंग थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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गांव मोरीवाला में वीरवार की रात को यूरिया से भरी एक गाड़ी नंबर एचआर-57ए-6246 को फैक्टरी परिसर में जाते हुए किसानों ने देख लिया था। किसानों को शक हुआ कि यूरिया सब्सिडी आधार पर एग्रीकल्चर ग्रेड की है। किसान गुरप्रीत सिंह ने मौके पर जाकर जांच की तो शक सही मिला। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख व किसान गुरप्रीत सिंह ने बताया कि किसान जब फैक्टरी में पहुंचे तो वहां मौजूद सोमिल कंबोज ने स्वीकार किया कि वह फैक्टरी के उपयोग के लिए 400 रुपये प्रति बैग की दर से यूरिया खरीदकर लाता है। इतना ही नहीं, उसके अलावा अन्य फैक्टरियां भी ब्लैक में यूरिया खरीद रही हैं।
इसके बाद किसानों ने कृषि विभाग से संपर्क किया और लिखित में शिकायत दी। वहीं, फैक्टरी मालिक सोमिल कंबोज वहां से भाग गया। सूचना मिलने पर एपीपीओ विजेंद्र चौहान और विषय विशेषज्ञ कोमल फैक्टरी पहुंचे। विजेंद्र चौहान ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। इसके बाद डिंग रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात यूरिया खाद के स्टोर को सील कर दिया। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों ने फैक्टरी मालिक के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पीएस फैक्टरी मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।