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Sirsa News: बकरियांवाली प्लांट पहुंची उपायुक्त की गठित टीम, जांच में मिलीं खामियां
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 21 Apr 2026 11:45 PM IST
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कचरा निस्तारण प्लांट में जांच करते हुए उपायुक्त की गठित टीम। संवाद
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एनजीटी के आदेश पर संयुक्त कमेटी ने किया निरीक्षण, एजेंसी के अनुबंध से लेकर नगर परिषद के प्रोजेक्टों की होगी जांच
- उपायुक्त और एनजीटी को संयुक्त कमेटी सौंपेगी रिपोर्ट
- एजेंसी और नगर परिषद के चार साल के दावे हुए हवा, नये और पुराने कचरे के ढेर
फोटो-- - 33,34,35
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव बकरियांवाली स्थित कचरा निस्तारण प्लांट में जांच का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदूषण बोर्ड से लेकर विभागीय टीमें तक ग्रामीणों की शिकायतों की जांच कर चुकी हैं। नगर परिषद को प्रतिमाह जुर्माना लगाया जा रहा है। इसी सिलसिले में मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर उपायुक्त की गठित टीम ने बकरियांवाली प्लांट का निरीक्षण किया।
इस दौरान बड़े स्तर पर खामियां प्लांट में देखने को मिलीं। तीन साल से कचरा निस्तारण प्लांट में पुराने कचरे के निस्तारण को लेकर कोई काम नहीं हुआ है। टाइमलाइन अधिकारियों की ओर से दी गई मगर लाखों मीट्रिक टन कचरे को खत्म करने की दिशा में कोई काम नहीं किया गया।
चार मशीनें भले ही प्लांट में स्थापित कर दी गईं मगर प्रतिदिन आने वाले 200 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर अब विशेष टीम इस पूरे प्रोजेक्ट का अध्ययन कर आगामी कार्रवाई करेगी।
एनजीटी के आदेशानुसार उपायुक्त के प्रतिनिधि के तौर पर पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता गौरव भारद्वाज, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड सिरसा के एसडीओ हरिप्रसाद व नगर परिषद के अधिकारी नरेश कुमार व अन्य कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
टीम के सदस्यों को लंबे समय से कचरा निस्तारण प्लांट को देखने वाले एक कर्मचारी ने जानकारी देने में आनाकानी दिखाई। इस पर अधिकारियों ने उसे हस्तक्षेप नहीं करने के लिए कहा। जानकारी के अनुसार, यह कर्मचारी पूर्व में होने वाली जांच में दस्तावेज से लेकर अन्य जानकारी पूरी तरह से नहीं देता रहा है।
अब यह कमेटी पूरी तरह से नगर परिषद के कचरा निस्तारण प्लांट को लेकर की गए कार्यों की जांच करेगी। कब कितना पैसा किस प्रोजेक्ट के तहत लगाया गया और उसके परिणाम क्या रहे। पूरी रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त व एनजीटी को सौंपी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बकरियावाली गांव के सरपंच प्रतिनिधि विनोद कासनिया, पूर्व सरपंच हरि सिंह मंडा, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि महेंद्र बाना, किसान सुभाष कड़वासरा, समाजसेवी जगदीप गोदारा व शिकायतकर्ता हनुमान पूनिया सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को अवगत करवाया कि किस प्रकार पिछले चार सालों से गुमराह किया जा रहा है। उपायुक्त से लेकर जिला नगर आयुक्त तक कचरा प्लांट में आकर बड़े-बड़े वादे करके गए थे लेकिन धरातल पर एजेंसी और नगर परिषद अधिकारियों ने कुछ नहीं किया। आज ग्रामीणों को इन बदतर हालात में जीना पड़ रहा है।
ये मिलीं खामियां
- पुराने कचरे का कोई निस्तारण नहीं किया गया।
- जर्जर हालत में सर्विस स्टेशन मिला। अस्थायी तौर पर पाइपलाइन बिछाई गई थी।
- प्रतिदिन आने वाले कचरे का निस्तारण भी पूरी तरह से नहीं हुआ था। - मौके पर चार मशीनें थीं और कौन सी मशीन कितना चलती है, इसकी कोई गणना नहीं थी।
- कचरा निस्तारण प्लांट में पेड़ लगाने को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
- खाद बनाने की प्रक्रिया को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।
यह होगी जांच
- एजेंसी के पूरे वर्क ऑर्डर से लेकर अब तक के कार्य के दस्तावेज की जांच।
- नगर परिषद ने क्या प्रयास किए और क्या प्रोजेक्ट बनाए। उसकी जांच।
- कितना पैसा अब तक खर्च कर चुका है और कामयाबी क्यों नहीं मिली। उसकी जांच।
- एजेंसी को कितना समय कचरा निस्तारण को लेकर दिया गया था और कंपनी ने क्या शपथपत्र दिए थे उसकी जांच।
60 लाख लग चुका है जुर्माना
नगर परिषद को दो सालों में प्रदूषण बोर्ड की ओर से 60 लाख रुपये का जुर्माना लग चुका है। हर माह एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इसके बाद भी कोई गंभीरता कचरा निस्तारण को लेकर नहीं दिखाई गई है। एजेंसी को जबकि दो साल में पुराने कचरे के निस्तारण के आधार पर अनुबंध मिला था लेकिन एजेंसी रानियां और ऐलनाबाद का कचरा भी सिरसा के कचरा निस्तारण प्लांट पर लेकर आ रही है। इससे माहौल और खराब हुआ है। जुर्माना लगातार बढ़ रहा है।
वर्जन
ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर गांव बकरियांवाली स्थित कचरा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया गया है। कई खामियां मिली हैं। पूरी रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त व एनजीटी को सौंपी जाएगी।
-गौरव भारद्वाज, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज विभाग
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- उपायुक्त और एनजीटी को संयुक्त कमेटी सौंपेगी रिपोर्ट
- एजेंसी और नगर परिषद के चार साल के दावे हुए हवा, नये और पुराने कचरे के ढेर
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव बकरियांवाली स्थित कचरा निस्तारण प्लांट में जांच का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदूषण बोर्ड से लेकर विभागीय टीमें तक ग्रामीणों की शिकायतों की जांच कर चुकी हैं। नगर परिषद को प्रतिमाह जुर्माना लगाया जा रहा है। इसी सिलसिले में मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर उपायुक्त की गठित टीम ने बकरियांवाली प्लांट का निरीक्षण किया।
इस दौरान बड़े स्तर पर खामियां प्लांट में देखने को मिलीं। तीन साल से कचरा निस्तारण प्लांट में पुराने कचरे के निस्तारण को लेकर कोई काम नहीं हुआ है। टाइमलाइन अधिकारियों की ओर से दी गई मगर लाखों मीट्रिक टन कचरे को खत्म करने की दिशा में कोई काम नहीं किया गया।
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चार मशीनें भले ही प्लांट में स्थापित कर दी गईं मगर प्रतिदिन आने वाले 200 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर अब विशेष टीम इस पूरे प्रोजेक्ट का अध्ययन कर आगामी कार्रवाई करेगी।
एनजीटी के आदेशानुसार उपायुक्त के प्रतिनिधि के तौर पर पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता गौरव भारद्वाज, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड सिरसा के एसडीओ हरिप्रसाद व नगर परिषद के अधिकारी नरेश कुमार व अन्य कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
टीम के सदस्यों को लंबे समय से कचरा निस्तारण प्लांट को देखने वाले एक कर्मचारी ने जानकारी देने में आनाकानी दिखाई। इस पर अधिकारियों ने उसे हस्तक्षेप नहीं करने के लिए कहा। जानकारी के अनुसार, यह कर्मचारी पूर्व में होने वाली जांच में दस्तावेज से लेकर अन्य जानकारी पूरी तरह से नहीं देता रहा है।
अब यह कमेटी पूरी तरह से नगर परिषद के कचरा निस्तारण प्लांट को लेकर की गए कार्यों की जांच करेगी। कब कितना पैसा किस प्रोजेक्ट के तहत लगाया गया और उसके परिणाम क्या रहे। पूरी रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त व एनजीटी को सौंपी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बकरियावाली गांव के सरपंच प्रतिनिधि विनोद कासनिया, पूर्व सरपंच हरि सिंह मंडा, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि महेंद्र बाना, किसान सुभाष कड़वासरा, समाजसेवी जगदीप गोदारा व शिकायतकर्ता हनुमान पूनिया सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को अवगत करवाया कि किस प्रकार पिछले चार सालों से गुमराह किया जा रहा है। उपायुक्त से लेकर जिला नगर आयुक्त तक कचरा प्लांट में आकर बड़े-बड़े वादे करके गए थे लेकिन धरातल पर एजेंसी और नगर परिषद अधिकारियों ने कुछ नहीं किया। आज ग्रामीणों को इन बदतर हालात में जीना पड़ रहा है।
ये मिलीं खामियां
- पुराने कचरे का कोई निस्तारण नहीं किया गया।
- जर्जर हालत में सर्विस स्टेशन मिला। अस्थायी तौर पर पाइपलाइन बिछाई गई थी।
- प्रतिदिन आने वाले कचरे का निस्तारण भी पूरी तरह से नहीं हुआ था। - मौके पर चार मशीनें थीं और कौन सी मशीन कितना चलती है, इसकी कोई गणना नहीं थी।
- कचरा निस्तारण प्लांट में पेड़ लगाने को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
- खाद बनाने की प्रक्रिया को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई।
यह होगी जांच
- एजेंसी के पूरे वर्क ऑर्डर से लेकर अब तक के कार्य के दस्तावेज की जांच।
- नगर परिषद ने क्या प्रयास किए और क्या प्रोजेक्ट बनाए। उसकी जांच।
- कितना पैसा अब तक खर्च कर चुका है और कामयाबी क्यों नहीं मिली। उसकी जांच।
- एजेंसी को कितना समय कचरा निस्तारण को लेकर दिया गया था और कंपनी ने क्या शपथपत्र दिए थे उसकी जांच।
60 लाख लग चुका है जुर्माना
नगर परिषद को दो सालों में प्रदूषण बोर्ड की ओर से 60 लाख रुपये का जुर्माना लग चुका है। हर माह एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इसके बाद भी कोई गंभीरता कचरा निस्तारण को लेकर नहीं दिखाई गई है। एजेंसी को जबकि दो साल में पुराने कचरे के निस्तारण के आधार पर अनुबंध मिला था लेकिन एजेंसी रानियां और ऐलनाबाद का कचरा भी सिरसा के कचरा निस्तारण प्लांट पर लेकर आ रही है। इससे माहौल और खराब हुआ है। जुर्माना लगातार बढ़ रहा है।
वर्जन
ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर गांव बकरियांवाली स्थित कचरा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया गया है। कई खामियां मिली हैं। पूरी रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त व एनजीटी को सौंपी जाएगी।
-गौरव भारद्वाज, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज विभाग

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