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Sirsa News: 36.4 एमएम बारिश में डूबा शहर, निकासी के दावे फेल
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 13 Jun 2026 10:49 PM IST
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सिरसा में परशुराम चौक से आम्बेडकर चौक तक यह दिखा नजारा।
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सिरसा। शहर में शुक्रवार रात को तेज हवाओं के साथ हुई प्री मानसून की पहली बारिश ने बरसाती पानी निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी। 36.4 एमएम बारिश से हर चौक-चौराहे व मुख्य बाजारों में दो से तीन फीट पानी जमा हो गया। जिम्मेदार नगर परिषद के अधिकारी व ठेकेदार रात को घरों में आराम करते हुए नजर आए और रातभर व शनिवार दोपहर तक लोगों को जलभराव से जूझना पड़ा। नगर परिषद के दावे फेल हो गए। 14 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बाद भी कई एरिया में पानी जमा रहा।
आईएमडी के आंकड़ों पर गौर करें तो शुक्रवार रात को जिले में 36.4 एमएम तेज हवाओं के साथ बारिश हुई थी। इस बारिश के कारण हुए जलभराव के कारण जगह-जगह खोदी गई सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्राॅली से लेकर कारें तक धंस गई। गड्ढों के कारण दुपहिया वाहन व ई रिक्शा जैसे साधनों को नुकसान उठाना पड़ा। जलभराव के चलते आंबेडकर चौक पर पुलिस कर्मी नंगे पांव ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करते हुए नजर आए। वहीं, इस तेज अधंड में 150 के आसपास पेड़ और 100 से ज्यादा बिजली के खंभे गिर गए।
इन जगहों पर हुआ जलभराव
महाराणा प्रताप चौक
बस स्टैंड
आंबेडकर चौक
जाट सूरजमल चौक
परशुराम चौक
सुभाष चौक
जनता भवन रोड
शिव चौक आदि एरिया में ।
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यहां खोदाई से हुए बुरे हालात
बरसाती पानी निकासी के लिए बाजारों में पाइप लाइन बिछाने का काम जारी है। जनता भवन रोड, जगदेव सिंह चौक से सुभाष चौक, हिसारिया बाजार आदि में सड़कों की खोदाई की गई है। शहीद जगदेव सिंह चौक से लेकर सुभाष चौक तक अनेक स्थानों पर वाहन सड़क में धंसते नजर आए जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। शनिवार को ग्राहक ने बाजारों से दूरी बनाए रखी। बाजारों में दुकानदारों का काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ और इन एरिया के आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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मानसून का सताने लगा डर
शहर के लोगों को प्री मानसून की पहली बारिश में जलभराव के हालात देखकर डर लगने लगा है। लोगों के अनुसार इस बारिश में शहर के यह हालात है तो मानसून की एक या दो दिन तक चलने वाली बारिश में शहर की स्थिति क्या होगी। नगर परिषद की बरसाती पानी निकालने की व्यवस्था पूरी तरह से फेल नजर आई। जनता भवन रोड पर जहां पर बरसाती का मुख्य डिस्पोजल है वहां पर भी तीन फीट तक पानी भरा रहा।
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राजनीतिक दबाव में पार्षद पुत्र को दिया ठेका, अब बना सरदर्द
नगर परिषद में राजनीतिक हस्तक्षेप बड़े स्तर पर देखने को मिलता है। इसी का मौजूदा उदाहरण है कि पूर्व पार्षद के बेटे को बरसाती डिस्पोजल को चलाने और लाइनों को दुरुस्त करने का ठेका दिया गया है। सड़क व छोटे-मोटे कामों के ठेके लेने वाले पार्षद पुत्र को इंजीनियरिंग विंग के ठेके देने के पीछे बड़े राजनीतिक नेता की सिफारिश बताई जा रही हैं। आलम यह है कि 6 कर्मचारी डिस्पोजल पर रखने के आदेश दिए गए थे और एक या दो कर्मचारी मुश्किल से रखे गए हैं। ठेकेदार के अनुसार नगर परिषद के पूर्व लाइट इंस्पेक्टर को हायर किया गया है ताकि मोटर चलाई जा सके। नियमानुसार कम से कम चार कर्मचारी बारिश के समय में सभी मोटर चलाने के चाहिए होते हैं, इससे कम कर्मचारियों में लाइन डैमेज होने का खतरा बना रहता है। यही कारण है इस डिस्पोजल के कारण बड़े स्तर पर शहर में जलभराव हुआ।
जनता भवन रोड पर बारिश के साथ ही जलभराव के हालात बन गए हैं। इस रोड पर बरसाती लाइन बिछाने के नाम पर सड़कें खोदी गई और बड़े बड़े दावे किए गए है। मगर, बारिश में सभी दावे पूरी तरह से फेल हो गए हैं। जनता भवन रोड पर बरसाती पानी भरा हुआ है। इस रोड पर मंडी से लेकर अस्पताल तक पड़ते हैं और बड़े स्तर पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
लखविंदर सिंह औलख, प्रदेशाध्यक्ष, भारतीय किसान एकता
बरसाती पानी की निकासी का कार्य अलसुबह ही शुरू कर दिया गया था। शहर के बड़े हिस्से से पानी निकाल दिया गया है। जनता भवन रोड पर कुछ तकनीकी दिक्कत आई थी और दोपहर तक उसके पानी की निकासी हो गई थी।
-राहुल, जेई, नगर परिषद
प्री-मानसून की पहली बारिश ने ही शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। बारिश के बाद शहर में कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे आमजन, दुकानदारों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि शहर में चल रहे स्टॉर्म वाटर प्रोजेक्ट के तहत जिन सड़कों की खोदाई की गई थी, उन्हें सही तरीके से नहीं भरा गया। पहली ही बारिश के बाद कई स्थानों पर मिट्टी धंस गई और सड़कें खतरनाक बन गईं। शहीद जगदेव सिंह चौक से लेकर सुभाष चौक तक अनेक स्थानों पर वाहन सड़क में धंसते नजर आए, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। जलभराव और टूटी सड़कों के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम होने से व्यापारियों का कामकाज लगभग ठप हो गया है।
-राजकुमार शर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि
आईएमडी के आंकड़ों पर गौर करें तो शुक्रवार रात को जिले में 36.4 एमएम तेज हवाओं के साथ बारिश हुई थी। इस बारिश के कारण हुए जलभराव के कारण जगह-जगह खोदी गई सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्राॅली से लेकर कारें तक धंस गई। गड्ढों के कारण दुपहिया वाहन व ई रिक्शा जैसे साधनों को नुकसान उठाना पड़ा। जलभराव के चलते आंबेडकर चौक पर पुलिस कर्मी नंगे पांव ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करते हुए नजर आए। वहीं, इस तेज अधंड में 150 के आसपास पेड़ और 100 से ज्यादा बिजली के खंभे गिर गए।
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इन जगहों पर हुआ जलभराव
महाराणा प्रताप चौक
बस स्टैंड
आंबेडकर चौक
जाट सूरजमल चौक
परशुराम चौक
सुभाष चौक
जनता भवन रोड
शिव चौक आदि एरिया में ।
यहां खोदाई से हुए बुरे हालात
बरसाती पानी निकासी के लिए बाजारों में पाइप लाइन बिछाने का काम जारी है। जनता भवन रोड, जगदेव सिंह चौक से सुभाष चौक, हिसारिया बाजार आदि में सड़कों की खोदाई की गई है। शहीद जगदेव सिंह चौक से लेकर सुभाष चौक तक अनेक स्थानों पर वाहन सड़क में धंसते नजर आए जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। शनिवार को ग्राहक ने बाजारों से दूरी बनाए रखी। बाजारों में दुकानदारों का काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ और इन एरिया के आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
मानसून का सताने लगा डर
शहर के लोगों को प्री मानसून की पहली बारिश में जलभराव के हालात देखकर डर लगने लगा है। लोगों के अनुसार इस बारिश में शहर के यह हालात है तो मानसून की एक या दो दिन तक चलने वाली बारिश में शहर की स्थिति क्या होगी। नगर परिषद की बरसाती पानी निकालने की व्यवस्था पूरी तरह से फेल नजर आई। जनता भवन रोड पर जहां पर बरसाती का मुख्य डिस्पोजल है वहां पर भी तीन फीट तक पानी भरा रहा।
राजनीतिक दबाव में पार्षद पुत्र को दिया ठेका, अब बना सरदर्द
नगर परिषद में राजनीतिक हस्तक्षेप बड़े स्तर पर देखने को मिलता है। इसी का मौजूदा उदाहरण है कि पूर्व पार्षद के बेटे को बरसाती डिस्पोजल को चलाने और लाइनों को दुरुस्त करने का ठेका दिया गया है। सड़क व छोटे-मोटे कामों के ठेके लेने वाले पार्षद पुत्र को इंजीनियरिंग विंग के ठेके देने के पीछे बड़े राजनीतिक नेता की सिफारिश बताई जा रही हैं। आलम यह है कि 6 कर्मचारी डिस्पोजल पर रखने के आदेश दिए गए थे और एक या दो कर्मचारी मुश्किल से रखे गए हैं। ठेकेदार के अनुसार नगर परिषद के पूर्व लाइट इंस्पेक्टर को हायर किया गया है ताकि मोटर चलाई जा सके। नियमानुसार कम से कम चार कर्मचारी बारिश के समय में सभी मोटर चलाने के चाहिए होते हैं, इससे कम कर्मचारियों में लाइन डैमेज होने का खतरा बना रहता है। यही कारण है इस डिस्पोजल के कारण बड़े स्तर पर शहर में जलभराव हुआ।
जनता भवन रोड पर बारिश के साथ ही जलभराव के हालात बन गए हैं। इस रोड पर बरसाती लाइन बिछाने के नाम पर सड़कें खोदी गई और बड़े बड़े दावे किए गए है। मगर, बारिश में सभी दावे पूरी तरह से फेल हो गए हैं। जनता भवन रोड पर बरसाती पानी भरा हुआ है। इस रोड पर मंडी से लेकर अस्पताल तक पड़ते हैं और बड़े स्तर पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
लखविंदर सिंह औलख, प्रदेशाध्यक्ष, भारतीय किसान एकता
बरसाती पानी की निकासी का कार्य अलसुबह ही शुरू कर दिया गया था। शहर के बड़े हिस्से से पानी निकाल दिया गया है। जनता भवन रोड पर कुछ तकनीकी दिक्कत आई थी और दोपहर तक उसके पानी की निकासी हो गई थी।
-राहुल, जेई, नगर परिषद
प्री-मानसून की पहली बारिश ने ही शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। बारिश के बाद शहर में कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे आमजन, दुकानदारों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि शहर में चल रहे स्टॉर्म वाटर प्रोजेक्ट के तहत जिन सड़कों की खोदाई की गई थी, उन्हें सही तरीके से नहीं भरा गया। पहली ही बारिश के बाद कई स्थानों पर मिट्टी धंस गई और सड़कें खतरनाक बन गईं। शहीद जगदेव सिंह चौक से लेकर सुभाष चौक तक अनेक स्थानों पर वाहन सड़क में धंसते नजर आए, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। जलभराव और टूटी सड़कों के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम होने से व्यापारियों का कामकाज लगभग ठप हो गया है।
-राजकुमार शर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि