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Sirsa News: सख्ती का असर या समझदारी... सेक्टरवासियों ने खुद हटाया अतिक्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 06 Jun 2026 09:47 PM IST
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सेक्टर में घर के सामने ग्रिल हटवाते लोग।
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सिरसा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के सेक्टरों में घरों के आगे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण एक आम समस्या बन चुकी है। लेकिन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त रुख और प्रदेशभर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान का असर अब सिरसा में भी साफ दिखाई देने लगा है।
प्रशासन की ओर से जेसीबी की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही सेक्टर-19 और सेक्टर-20 (पार्ट-3) के निवासियों ने अनूठी मिसाल पेश की है। लोगों ने स्वयं आगे बढ़कर अपने घरों के बाहर लगाई लोहे की ग्रिलें, अस्थायी निर्माण और अवैध कब्जे हटाने शुरू कर दिए हैं। जागरूकता और संभावित प्रशासनिक कार्रवाई के डर के बीच आए इस सकारात्मक बदलाव से प्रशासन को भी बड़ी राहत मिली है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश के कई जिलों में सार्वजनिक भूमि और सड़कों के किनारे किए गए अवैध निर्माणों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में हिसार में बड़े स्तर पर ऐसी ही कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद सिरसा में भी अभियान शुरू करने के लिए सर्वे और प्रशासनिक तैयारियां पूरी की जा रही थीं। जेसीबी चलने से पहले ही कई सेक्टरवासियों ने खुद ही अतिक्रमण हटाने का निर्णय ले लिया।
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नुकसान से बचने के लिए खुद उठाए कदम
सेक्टर-19 के मकान नंबर 425, 284, 285 व 1883 और सेक्टर-20 (पार्ट-3) के मकान नंबर 1690 के मालिकों ने अपने घरों के सामने लगी लोहे की ग्रिलें, अतिरिक्त दीवारें और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अस्थायी विस्तार को खुद ही हटा दिया है। इस पहल की शुरुआत सेवानिवृत्त प्राचार्य सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोगों ने की है।
कई स्थानों पर लोगों ने मजदूर लगाकर निर्माण सामग्री हटवानी भी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मशीनों से मुख्य भवन को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है जिससे बचने के लिए उन्होंने खुद ही यह कदम उठाया है ताकि दूसरों को भी प्रेरणा मिले।
आरडब्ल्यूए की मुहिम का दिखा असर
इस बदलाव के पीछे रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की सक्रिय भूमिका रही है। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने सेक्टरवासियों के साथ बैठकें करके उन्हें नियमों की जानकारी दी थी। निवासियों को समझाया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर किया गया कोई भी निर्माण पूरी तरह गैर-कानूनी है और प्रशासन इस पर कभी भी कार्रवाई कर सकता है। इस समझाइश के बाद कई परिवारों ने स्वेच्छा से अपने अवैध निर्माण हटाने का फैसला किया।
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सार्वजनिक भूमि को उसके मूल स्वरूप में बनाए रखना हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। स्वैच्छिक रूप से अतिक्रमण हटाने वाले लोगों की यह पहल बेहद सराहनीय है। जिन स्थानों पर अब भी कब्जे बने हैं वहां विभाग नियमानुसार कार्रवाई जरूर करेगा। - रमेश कुमार, एसडीओ, सिरसा।
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सेक्टरों के लोगों ने स्वयं अपने स्तर पर घरों के आगे से ग्रिल व अन्य चीजें हटाना शुरू कर दिया है। यह सराहनीय कदम है। सेक्टरवासी हमेशा से प्रशासन का सहयोग करते हैं। कोर्ट के आदेश पर प्रशासन कार्रवाई करेगा उसे नुकसान होने की गुंजाइश रहती है। स्वयं हटाने पर मकान व गेट के हिस्से को नुकसान नहीं पहुंचता है। - राजपाल, प्रधान, सेक्टर-20, पार्ट 3
प्रशासन की ओर से जेसीबी की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही सेक्टर-19 और सेक्टर-20 (पार्ट-3) के निवासियों ने अनूठी मिसाल पेश की है। लोगों ने स्वयं आगे बढ़कर अपने घरों के बाहर लगाई लोहे की ग्रिलें, अस्थायी निर्माण और अवैध कब्जे हटाने शुरू कर दिए हैं। जागरूकता और संभावित प्रशासनिक कार्रवाई के डर के बीच आए इस सकारात्मक बदलाव से प्रशासन को भी बड़ी राहत मिली है।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश के कई जिलों में सार्वजनिक भूमि और सड़कों के किनारे किए गए अवैध निर्माणों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में हिसार में बड़े स्तर पर ऐसी ही कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद सिरसा में भी अभियान शुरू करने के लिए सर्वे और प्रशासनिक तैयारियां पूरी की जा रही थीं। जेसीबी चलने से पहले ही कई सेक्टरवासियों ने खुद ही अतिक्रमण हटाने का निर्णय ले लिया।
नुकसान से बचने के लिए खुद उठाए कदम
सेक्टर-19 के मकान नंबर 425, 284, 285 व 1883 और सेक्टर-20 (पार्ट-3) के मकान नंबर 1690 के मालिकों ने अपने घरों के सामने लगी लोहे की ग्रिलें, अतिरिक्त दीवारें और सार्वजनिक भूमि पर किए गए अस्थायी विस्तार को खुद ही हटा दिया है। इस पहल की शुरुआत सेवानिवृत्त प्राचार्य सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोगों ने की है।
कई स्थानों पर लोगों ने मजदूर लगाकर निर्माण सामग्री हटवानी भी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मशीनों से मुख्य भवन को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है जिससे बचने के लिए उन्होंने खुद ही यह कदम उठाया है ताकि दूसरों को भी प्रेरणा मिले।
आरडब्ल्यूए की मुहिम का दिखा असर
इस बदलाव के पीछे रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की सक्रिय भूमिका रही है। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने सेक्टरवासियों के साथ बैठकें करके उन्हें नियमों की जानकारी दी थी। निवासियों को समझाया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर किया गया कोई भी निर्माण पूरी तरह गैर-कानूनी है और प्रशासन इस पर कभी भी कार्रवाई कर सकता है। इस समझाइश के बाद कई परिवारों ने स्वेच्छा से अपने अवैध निर्माण हटाने का फैसला किया।
सार्वजनिक भूमि को उसके मूल स्वरूप में बनाए रखना हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। स्वैच्छिक रूप से अतिक्रमण हटाने वाले लोगों की यह पहल बेहद सराहनीय है। जिन स्थानों पर अब भी कब्जे बने हैं वहां विभाग नियमानुसार कार्रवाई जरूर करेगा। - रमेश कुमार, एसडीओ, सिरसा।
सेक्टरों के लोगों ने स्वयं अपने स्तर पर घरों के आगे से ग्रिल व अन्य चीजें हटाना शुरू कर दिया है। यह सराहनीय कदम है। सेक्टरवासी हमेशा से प्रशासन का सहयोग करते हैं। कोर्ट के आदेश पर प्रशासन कार्रवाई करेगा उसे नुकसान होने की गुंजाइश रहती है। स्वयं हटाने पर मकान व गेट के हिस्से को नुकसान नहीं पहुंचता है। - राजपाल, प्रधान, सेक्टर-20, पार्ट 3