{"_id":"6a2ee9329cc557281207dc7c","slug":"heightened-vigilance-needed-during-the-rainy-season-health-department-on-alert-for-malaria-and-dengue-prevention-sirsa-news-c-128-1-svns1027-160009-2026-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: बारिश के मौसम में बढ़ी सतर्कता की जरूरत, मलेरिया-डेंगू रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: बारिश के मौसम में बढ़ी सतर्कता की जरूरत, मलेरिया-डेंगू रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सिरसा। प्री मानसून की दस्तक के साथ ही मच्छरजनित बीमारियों मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। जलभराव के कारण मलेरिया व डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। इन मामलों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में रोकथाम और निगरानी गतिविधियों को तेज कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में जिले में मलेरिया और डेंगू की स्थिति नियंत्रण में है। बारिश व लोगों की लापरवाही संक्रमण के मामलों में वृद्धि का कारण बन सकती है। इसी कड़ी में सतर्कता बरत्ते हुए विभाग की ओर से नियमित रूप से घर-घर सर्वे, लार्वा जांच, फॉगिंग, जागरूकता कार्यक्रम और संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
इन चीजों का ध्यान रखना जरूरी
- अपने घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।
- कूलर, गमले, टंकियां की सफाई करें।
- फ्रिज के पीछे की ट्रे का पानी हटाए।
- घरों की छत या दुकानों आदि के बाहर पउ़े पुराने टायर और अन्य पात्रों में पानी जमा न रहने दे।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। लोगों को पूरे बाजू के कपड़े पहनने चाहिए, मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
विज्ञापन
पंचायतों व सामाजिक संस्थाओं का लिया जा रहा है सहयोग
जिला मलेरिया एवं डेंगू रोकथाम अधिकारी डा. आभिजीत गर्ग ने बताया कि स्कूलों, पंचायतों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के सहयोग से ही डेंगू और मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। यदि किसी क्षेत्र में पानी जमा होने, मच्छरों की अधिकता या बीमारी के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें। उन्होंने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयां, जांच सुविधाएं और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध है। संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। विभाग की टीमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित प्रकोप को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।
जनता से अपील
डा. आभिजीत गर्ग ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि मलेरिया और डेंगू से घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। थोड़ी सी सावधानी और स्वच्छता अपनाकर इन बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मेरा घर, मेरा परिसर, मच्छर मुक्त परिसर की सोच के साथ हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए ताकि जिला डेंगू और मलेरिया मुक्त बना रहे।
अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में जिले में मलेरिया और डेंगू की स्थिति नियंत्रण में है। बारिश व लोगों की लापरवाही संक्रमण के मामलों में वृद्धि का कारण बन सकती है। इसी कड़ी में सतर्कता बरत्ते हुए विभाग की ओर से नियमित रूप से घर-घर सर्वे, लार्वा जांच, फॉगिंग, जागरूकता कार्यक्रम और संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन चीजों का ध्यान रखना जरूरी
- अपने घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।
- कूलर, गमले, टंकियां की सफाई करें।
- फ्रिज के पीछे की ट्रे का पानी हटाए।
- घरों की छत या दुकानों आदि के बाहर पउ़े पुराने टायर और अन्य पात्रों में पानी जमा न रहने दे।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। लोगों को पूरे बाजू के कपड़े पहनने चाहिए, मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
पंचायतों व सामाजिक संस्थाओं का लिया जा रहा है सहयोग
जिला मलेरिया एवं डेंगू रोकथाम अधिकारी डा. आभिजीत गर्ग ने बताया कि स्कूलों, पंचायतों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के सहयोग से ही डेंगू और मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। यदि किसी क्षेत्र में पानी जमा होने, मच्छरों की अधिकता या बीमारी के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें। उन्होंने कहा कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयां, जांच सुविधाएं और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध है। संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। विभाग की टीमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित प्रकोप को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।
जनता से अपील
डा. आभिजीत गर्ग ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि मलेरिया और डेंगू से घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। थोड़ी सी सावधानी और स्वच्छता अपनाकर इन बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मेरा घर, मेरा परिसर, मच्छर मुक्त परिसर की सोच के साथ हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए ताकि जिला डेंगू और मलेरिया मुक्त बना रहे।