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Sirsa News: किरायेदार व नौकर का सत्यापन न कराने पर मालिक पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 17 Jan 2026 11:26 PM IST
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सिरसा एसपी दीपक सहारन।
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सिरसा। जिला पुलिस ने किरायेदारों और नौकरों की वेरिफिकेशन के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में सभी मकान मालिकों, दुकानदारों, फैक्ट्री, होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों से आह्वान किया गया है कि वे लोकल या बाहरी कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन करवाएं।
पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने बताया कि मकान मालिकों, दुकानदारों और संस्थानों से अपील की है कि वे किराएदारों व नौकरों की पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से करवाएं। वेरिफिकेशन में लापरवाही बरतने पर मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी बताया कि कई आपराधिक प्रवृत्ति के लोग किराये पर मकान या दुकान लेकर चोरी, लूट, डकैती, बलात्कार जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं और फिर फरार हो जाते हैं। ऐसे में किरायेदार या नौकर अपराधी होने पर मालिक को भी जोखिम उठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पुलिस वेरिफिकेशन से व्यक्ति की पृष्ठभूमि, आपराधिक रिकॉर्ड और प्रवृत्ति का पता चल जाता है, जिससे अपराध की रोकथाम में मदद मिलती है।
पुलिस अधीक्षक बताया कि बाहरी राज्यों से आए लोग अक्सर बिना वेरिफिकेशन के किराए पर रहकर अपराध करते हैं। यदि पुलिस के रिकॉर्ड में उनकी जानकारी पहले से मौजूद रहे, तो अपराधी की पहचान और पकड़ना आसान हो जाता है। वे पुलिस की नजरों से नहीं बच पाते। उन्होंने बताया कि किराएदार या नौकर का सत्यापन करवाने से मालिक को भी सुरक्षा मिलती है और पता चलता है कि उनके साथ रहने वाला व्यक्ति कैसा है।
संबंधित पुलिस थाने में जमा कराएं फाॅर्म
एसपी ने बताया कि वेरिफिकेशन के लिए संबंधित पुलिस थाने में फॉर्म जमा करवाया जा सकता है। यदि कोई आपराधिक व्यक्ति बिना वेरिफिकेशन के किराएदार या नौकर बनकर किसी वारदात में शामिल पाया जाता है, तो मालिक पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। एसपी ने जनता से अपील की है कि जिम्मेदार नागरिक बनकर वेरिफिकेशन करवाएं, क्योंकि इससे न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि समाज में अपराध की पुनरावृत्ति भी रुकती है।
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पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने बताया कि मकान मालिकों, दुकानदारों और संस्थानों से अपील की है कि वे किराएदारों व नौकरों की पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से करवाएं। वेरिफिकेशन में लापरवाही बरतने पर मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी बताया कि कई आपराधिक प्रवृत्ति के लोग किराये पर मकान या दुकान लेकर चोरी, लूट, डकैती, बलात्कार जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं और फिर फरार हो जाते हैं। ऐसे में किरायेदार या नौकर अपराधी होने पर मालिक को भी जोखिम उठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पुलिस वेरिफिकेशन से व्यक्ति की पृष्ठभूमि, आपराधिक रिकॉर्ड और प्रवृत्ति का पता चल जाता है, जिससे अपराध की रोकथाम में मदद मिलती है।
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पुलिस अधीक्षक बताया कि बाहरी राज्यों से आए लोग अक्सर बिना वेरिफिकेशन के किराए पर रहकर अपराध करते हैं। यदि पुलिस के रिकॉर्ड में उनकी जानकारी पहले से मौजूद रहे, तो अपराधी की पहचान और पकड़ना आसान हो जाता है। वे पुलिस की नजरों से नहीं बच पाते। उन्होंने बताया कि किराएदार या नौकर का सत्यापन करवाने से मालिक को भी सुरक्षा मिलती है और पता चलता है कि उनके साथ रहने वाला व्यक्ति कैसा है।
संबंधित पुलिस थाने में जमा कराएं फाॅर्म
एसपी ने बताया कि वेरिफिकेशन के लिए संबंधित पुलिस थाने में फॉर्म जमा करवाया जा सकता है। यदि कोई आपराधिक व्यक्ति बिना वेरिफिकेशन के किराएदार या नौकर बनकर किसी वारदात में शामिल पाया जाता है, तो मालिक पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। एसपी ने जनता से अपील की है कि जिम्मेदार नागरिक बनकर वेरिफिकेशन करवाएं, क्योंकि इससे न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि समाज में अपराध की पुनरावृत्ति भी रुकती है।
