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Sirsa News: सड़क सुरक्षा बैठकों तक सीमित, ब्रेकर और कटों पर नहीं लगे संकेतक
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 09 Jun 2026 10:40 PM IST
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सिरसा। सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासनिक स्तर पर नियमित बैठकें और दावे किए जाते हैं लेकिन धरातल पर हालात कुछ और ही तस्वीर पेश कर रहे हैं। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर बने स्पीड ब्रेकर और कट आज भी बिना संकेतक, साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर के हैं जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
डबवाली रोड, बरनाला रोड और मिनी बाइपास सहित कई व्यस्त मार्गों पर बने ब्रेकरों के पास चेतावनी संकेत तक नहीं लगाए गए हैं। रात के समय यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार हादसे होने के बावजूद संबंधित विभागों ने गंभीरता नहीं दिखाई। डबवाली रोड पर चौटाला हाउस से पुल तक दोनों ओर करीब 10 ब्रेकर बनाए गए हैं।
डबवाली रोड पर सबसे ज्यादा परेशानी
पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला के आवास से लेकर पुल तक दोनों ओर कई स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं लेकिन किसी पर भी संकेतक नहीं लगाया गया। एयरफोर्स स्टेशन और अहमदपुर कट के पास बने ब्रेकर भी बिना रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड के हैं। सड़क पर स्ट्रीट लाइटों की कमी के कारण रात में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। एयर फोर्स के वीआईपी गेट के पास भी बिना संकेतक बड़े बड़े ब्रेकर बनाए गए हैं।
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बरनाला रोड पर भी लापरवाही
उपायुक्त आवास से लेकर सदर थाना और जिला जेल तक कई स्थानों पर ब्रेकर बनाए गए हैं लेकिन अधिकांश पर न तो रिफ्लेक्टर हैं और न ही चेतावनी बोर्ड। प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन यहां से गुजरते हैं। जिला जेल तक कई ब्रेकर बनाए गए हैं। रात के अंधेरे में बिना संकेतक ब्रेकर खतरनाक साबित होते हैं।
इसके अलावा मिनी बाईपास पर लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह और सीडीएलयू कट के पास बनाए गए ब्रेकरों पर भी कोई स्पष्ट संकेतक नहीं लगाया गया है। समय के साथ ब्रेकरों पर किया गया पेंट भी फीका पड़ चुका है जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है।
हादसों को दे रहा निमंत्रण
लोगों का कहना है कि रोड सेफ्टी केवल बैठकों तक सीमित नजर आती है। यदि ब्रेकरों और कटों पर मानकों के अनुसार संकेतक, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तो कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। नागरिकों ने प्रशासन से शहर के सभी संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुरक्षा मानकों को तत्काल लागू करने की मांग की है।
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हादसों का जिम्मेदार कौन?
गांव कोटली निवासी रणजीत सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद प्रशासन जरूर सक्रिय दिखाई दिया लेकिन सड़क सुरक्षा से जुड़े कई पुराने मुद्दे आज भी जस के तस हैं। शहर में यह कोई पहला हादसा नहीं है। कई संवेदनशील और व्यस्त स्थानों पर सुरक्षा उपायों की कमी लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही है।
घोड़ा चौक शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल है। कंगनपुर फाटक की ओर जाने वाले भारी वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं,जिससे यहां दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बना रहता है। स्थानीय लोग लंबे समय से यहां स्पीड ब्रेकर या अन्य सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
कुछ दिन पहले आईटीआई चौक के पास स्कूटी सवार सेंटर संचालिका और छात्रा हादसे का शिकार हुई थीं। इसके बावजूद आज तक सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक प्रबंध नहीं किए गए हैं। लोगों का कहना है कि जहां जरूरत है वहां सुरक्षा उपाय नहीं किए जा रहे जबकि कई अन्य स्थानों पर अनावश्यक रूप से बड़े-बड़े ब्रेकर बना दिए गए हैं।
डबवाली रोड, बरनाला रोड और मिनी बाइपास सहित कई व्यस्त मार्गों पर बने ब्रेकरों के पास चेतावनी संकेत तक नहीं लगाए गए हैं। रात के समय यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार हादसे होने के बावजूद संबंधित विभागों ने गंभीरता नहीं दिखाई। डबवाली रोड पर चौटाला हाउस से पुल तक दोनों ओर करीब 10 ब्रेकर बनाए गए हैं।
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डबवाली रोड पर सबसे ज्यादा परेशानी
पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला के आवास से लेकर पुल तक दोनों ओर कई स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं लेकिन किसी पर भी संकेतक नहीं लगाया गया। एयरफोर्स स्टेशन और अहमदपुर कट के पास बने ब्रेकर भी बिना रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड के हैं। सड़क पर स्ट्रीट लाइटों की कमी के कारण रात में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। एयर फोर्स के वीआईपी गेट के पास भी बिना संकेतक बड़े बड़े ब्रेकर बनाए गए हैं।
बरनाला रोड पर भी लापरवाही
उपायुक्त आवास से लेकर सदर थाना और जिला जेल तक कई स्थानों पर ब्रेकर बनाए गए हैं लेकिन अधिकांश पर न तो रिफ्लेक्टर हैं और न ही चेतावनी बोर्ड। प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन यहां से गुजरते हैं। जिला जेल तक कई ब्रेकर बनाए गए हैं। रात के अंधेरे में बिना संकेतक ब्रेकर खतरनाक साबित होते हैं।
इसके अलावा मिनी बाईपास पर लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह और सीडीएलयू कट के पास बनाए गए ब्रेकरों पर भी कोई स्पष्ट संकेतक नहीं लगाया गया है। समय के साथ ब्रेकरों पर किया गया पेंट भी फीका पड़ चुका है जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है।
हादसों को दे रहा निमंत्रण
लोगों का कहना है कि रोड सेफ्टी केवल बैठकों तक सीमित नजर आती है। यदि ब्रेकरों और कटों पर मानकों के अनुसार संकेतक, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तो कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। नागरिकों ने प्रशासन से शहर के सभी संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुरक्षा मानकों को तत्काल लागू करने की मांग की है।
हादसों का जिम्मेदार कौन?
गांव कोटली निवासी रणजीत सिंह की सड़क हादसे में मौत के बाद प्रशासन जरूर सक्रिय दिखाई दिया लेकिन सड़क सुरक्षा से जुड़े कई पुराने मुद्दे आज भी जस के तस हैं। शहर में यह कोई पहला हादसा नहीं है। कई संवेदनशील और व्यस्त स्थानों पर सुरक्षा उपायों की कमी लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही है।
घोड़ा चौक शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल है। कंगनपुर फाटक की ओर जाने वाले भारी वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं,जिससे यहां दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बना रहता है। स्थानीय लोग लंबे समय से यहां स्पीड ब्रेकर या अन्य सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
कुछ दिन पहले आईटीआई चौक के पास स्कूटी सवार सेंटर संचालिका और छात्रा हादसे का शिकार हुई थीं। इसके बावजूद आज तक सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक प्रबंध नहीं किए गए हैं। लोगों का कहना है कि जहां जरूरत है वहां सुरक्षा उपाय नहीं किए जा रहे जबकि कई अन्य स्थानों पर अनावश्यक रूप से बड़े-बड़े ब्रेकर बना दिए गए हैं।