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Sirsa News: सांसद सैलजा बोलीं- अधूरी जल प्रबंधन तैयारियां किसानों के लिए बन सकती हैं आफत
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 09 Jun 2026 10:45 PM IST
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सिरसा। सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश में जल संसाधन प्रबंधन और बाढ़ सुरक्षा तैयारियों को लेकर हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अधूरी जल प्रबंधन तैयारियां किसानों के लिए आफत बन सकती हैं। भीषण गर्मी के बीच कई क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल तक उपलब्ध नहीं हो रहा है जबकि वर्षा ऋतु से पहले जल प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण परियोजनाएं अब भी अधूरी हैं।
सैलजा ने कहा कि सरकार हर वर्ष 30 जून तक बाढ़ सुरक्षा और जल प्रबंधन कार्य पूरे करने का दावा करती है लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत है। घग्गर नदी के तटबंधों को मजबूत करने, हिसार ड्रेन को घग्गर से जोड़ने और वर्षा जल के वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।
तीन साल से अधूरी है हिसार ड्रेन परियोजना
उन्होंने कहा कि हिसार ड्रेन को घग्गर नदी से जोड़ने की परियोजना तीन वर्षों से लंबित है। यदि इसे समय पर पूरा किया जाता तो बरसात के दौरान अतिरिक्त पानी का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकता था। वहीं घग्गर के तटबंधों की मजबूती पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा, जबकि सिरसा और फतेहाबाद सहित कई क्षेत्रों में हर वर्ष बाढ़ और कटाव से नुकसान होता है।
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सांसद ने कहा कि घग्गर में आने वाले अतिरिक्त वर्षा जल को नहर प्रणाली के माध्यम से किसानों तक पहुंचाकर बाढ़ के खतरे को कम किया जा सकता है और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने सरकार से लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने, तटबंध मजबूत करने तथा नहरों और ड्रेनों की सफाई युद्धस्तर पर कराने की मांग की।
हरियाणा नहीं ले पा रहा अपने हिस्से का पूरा पानी
कुमारी सैलजा ने कहा कि भाखड़ा मुख्य नहर और उससे जुड़ी शाखाओं की समय पर सफाई नहीं होने के कारण हरियाणा अपने हिस्से का पूरा पानी प्राप्त नहीं कर पा रहा है। नहरों में झाड़ियां, घास-फूस और सिल्ट जमा होने से जल प्रवाह प्रभावित हो रहा है, जिसका असर सिंचाई और पेयजल व्यवस्था दोनों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों के प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। सरकार को नहरों की सफाई और मरम्मत कार्य जल्द पूरा कर हरियाणा को उसके हिस्से का पूरा पानी सुनिश्चित करना चाहिए।
सैलजा ने कहा कि सरकार हर वर्ष 30 जून तक बाढ़ सुरक्षा और जल प्रबंधन कार्य पूरे करने का दावा करती है लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत है। घग्गर नदी के तटबंधों को मजबूत करने, हिसार ड्रेन को घग्गर से जोड़ने और वर्षा जल के वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।
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तीन साल से अधूरी है हिसार ड्रेन परियोजना
उन्होंने कहा कि हिसार ड्रेन को घग्गर नदी से जोड़ने की परियोजना तीन वर्षों से लंबित है। यदि इसे समय पर पूरा किया जाता तो बरसात के दौरान अतिरिक्त पानी का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकता था। वहीं घग्गर के तटबंधों की मजबूती पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा, जबकि सिरसा और फतेहाबाद सहित कई क्षेत्रों में हर वर्ष बाढ़ और कटाव से नुकसान होता है।
सांसद ने कहा कि घग्गर में आने वाले अतिरिक्त वर्षा जल को नहर प्रणाली के माध्यम से किसानों तक पहुंचाकर बाढ़ के खतरे को कम किया जा सकता है और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने सरकार से लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने, तटबंध मजबूत करने तथा नहरों और ड्रेनों की सफाई युद्धस्तर पर कराने की मांग की।
हरियाणा नहीं ले पा रहा अपने हिस्से का पूरा पानी
कुमारी सैलजा ने कहा कि भाखड़ा मुख्य नहर और उससे जुड़ी शाखाओं की समय पर सफाई नहीं होने के कारण हरियाणा अपने हिस्से का पूरा पानी प्राप्त नहीं कर पा रहा है। नहरों में झाड़ियां, घास-फूस और सिल्ट जमा होने से जल प्रवाह प्रभावित हो रहा है, जिसका असर सिंचाई और पेयजल व्यवस्था दोनों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों के प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। सरकार को नहरों की सफाई और मरम्मत कार्य जल्द पूरा कर हरियाणा को उसके हिस्से का पूरा पानी सुनिश्चित करना चाहिए।