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Sirsa News: डेरा बाबा सरसाईनाथ में नव संवत मेला 19 को
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:18 AM IST
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- डेरा परिसर को रंग-बिरंगी लड़ियों व फूलों से सजाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। डेरा बाबा सरसाईनाथ में नव संवत 2083 19 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। समारोह की तैयारियां जारी हैं। डेरा बाबा सरसाईनाथ को भव्य तरीके से सजाया जा रहा है।
डेरा बाबा सरसाईनाथ के महंत सुंदराईनाथ के मार्गदर्शन में 19 मार्च को कार्यक्रम होगा। महंत सुंदराईनाथ ने बताया कि हर वर्ष विक्रमी संवत श्रद्धा व धूमधाम से मनाया जाता है। सनातन धर्म के नववर्ष पर बाबा सरसाईनाथ से संपूर्ण विश्व की मंगलकामना व शांति के लिए प्रार्थना की जाएगी।
महंत सुंदराईनाथ ने बताया कि डेरा बाबा सरसाईनाथ का नाथ संप्रदाय के डेरों में अहम स्थान है। मुगलकालीन इस डेरे से सिरसा नगर की स्थापना हुई है। बाबा सरसाईनाथ के नाम पर सिरसा का नामकरण हुआ है। यहां अजमेर के ख्वाजा पीर ने भी बाबा का चमत्कार स्वीकार किया था। मुगल सम्राट शाहजहां के बेटे दाराशिकोह को यहां जीवनदान मिला था।
महंत ने सिरसावासियों से आह्वान किया कि नव संवत के अवसर पर सपरिवार डेरा बाबा सरसाईनाथ में आएं और बाबा जी के चरणों में हाजिरी लगाएं। डेरा परिसर को सुंदर फूलों व रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया गया है। मेले के अवसर पर श्रद्धालुओं में वितरित किए जाने वाले चूरमे के प्रसाद के निर्माण व पैकिंग के लिए डेरा की प्रसाद व निर्माण समिति के सेवादार लगे हैं। वहीं, मेले के अवसर पर व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए सेवादारों की डयूटी लगाई गई है।
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सिरसा। डेरा बाबा सरसाईनाथ में नव संवत 2083 19 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। समारोह की तैयारियां जारी हैं। डेरा बाबा सरसाईनाथ को भव्य तरीके से सजाया जा रहा है।
डेरा बाबा सरसाईनाथ के महंत सुंदराईनाथ के मार्गदर्शन में 19 मार्च को कार्यक्रम होगा। महंत सुंदराईनाथ ने बताया कि हर वर्ष विक्रमी संवत श्रद्धा व धूमधाम से मनाया जाता है। सनातन धर्म के नववर्ष पर बाबा सरसाईनाथ से संपूर्ण विश्व की मंगलकामना व शांति के लिए प्रार्थना की जाएगी।
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महंत सुंदराईनाथ ने बताया कि डेरा बाबा सरसाईनाथ का नाथ संप्रदाय के डेरों में अहम स्थान है। मुगलकालीन इस डेरे से सिरसा नगर की स्थापना हुई है। बाबा सरसाईनाथ के नाम पर सिरसा का नामकरण हुआ है। यहां अजमेर के ख्वाजा पीर ने भी बाबा का चमत्कार स्वीकार किया था। मुगल सम्राट शाहजहां के बेटे दाराशिकोह को यहां जीवनदान मिला था।
महंत ने सिरसावासियों से आह्वान किया कि नव संवत के अवसर पर सपरिवार डेरा बाबा सरसाईनाथ में आएं और बाबा जी के चरणों में हाजिरी लगाएं। डेरा परिसर को सुंदर फूलों व रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया गया है। मेले के अवसर पर श्रद्धालुओं में वितरित किए जाने वाले चूरमे के प्रसाद के निर्माण व पैकिंग के लिए डेरा की प्रसाद व निर्माण समिति के सेवादार लगे हैं। वहीं, मेले के अवसर पर व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए सेवादारों की डयूटी लगाई गई है।