सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   not any registration of pet dog

Sirsa News: शहर में पालतू कुत्ते हजारों पंजीकरण एक का भी नहीं

संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 16 Jan 2026 11:53 PM IST
विज्ञापन
not any registration of pet dog
विज्ञापन
रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर शिकायत मिलने पर नगर परिषद कर सकती है कार्रवाई
Trending Videos


- बिना अनुमति के बेची जा रहे कुत्ते की अलग अलग नस्ल

संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में पालतू कुत्तों के पंजीकरण में प्रशासनिक उदासीनता और लोगों में नियमों की जानकारी के अभाव में विकट स्थिति बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि नगर में एक भी पालतू कुत्ता पंजीकृत नहीं है जबकि 1000 से ज्यादा कुत्ते लोग पाल रहे हैं। नगर परिषद में पंजीकरण करवाने के लिए पहुंचने वाले लोग अधिकारियों की ओर से मांगे जा रहे सत्यापन पत्र और पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज कुत्ता पालने के शौकीन लोग उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। इसी कारण आज तक एक भी पालतू कुत्ते का पंजीकरण नहीं हुआ हैं।

नगर परिषद के नियमानुसार, शहर में पालतू कुत्ता रखने के लिए उसका पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके तहत कुत्ते का वैक्सीनेशन रिकॉर्ड, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, मालिक की पहचान और पते का सत्यापन आवश्यक होता है। इसके बावजूद अब तक एक भी कुत्ते का पंजीकरण न होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पालतू पशु प्रेमियों का कहना है कि उन्हें न तो पंजीकरण प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही इसके लिए कोई आसान व्यवस्था बनाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसलिए जरूरी है सत्यापन
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, पालतू कुत्तों के पंजीकरण से पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कुत्ते की नस्ल नियमानुसार पाली जा सकती है या नहीं। इसके लिए पशुपालन विभाग से सत्यापन पत्र मांगा जा रहा है। इस पत्र में यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित कुत्ते की नस्ल प्रतिबंधित या हिंसक श्रेणी में तो नहीं आती। साथ ही यह भी जांची जा रही है कि वह नस्ल मालिक या आसपास के लोगों के लिए किसी प्रकार का खतरा तो नहीं बन सकती।
प्रदेश में कई मामले आए थे सामने
अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में कई मामले सामने आए हैं। जब कुत्तों ने मालिक पर ही हमला कर दिया है। जैसे पिटबुल, अमेरिकन बुली, वुल्फ डॉग/क्रॉस ब्रीड आदि प्रजातियां हैं। उन्होंने बताया कि कुत्ते पालने वाले लोग उन्हें सुबह व शाम दोनों समय घुमाने के लिए भी लेकर जाते हैं। हिंसक प्रवृत्ति का कुत्ता दूसरे लोगों पर भी हमला कर देता हैं। इस तरह के मामलों को ध्यान में रखते हुए पशुपालन विभाग का सत्यापन प्रमाणपत्र मांगा जाता है।
बिना अनुमति बेचते हैं अलग-अलग नस्लों के कुत्ते
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, शहर के पालतू कुत्ते बेचने का काम कई लोग करते हैं। इस संबंध में कोई अनुमति उन्होंने उनसे नहीं ली है। पशुपालन विभाग से कोई अनुमति उनके पास है या नहीं। इसकी जानकारी नहीं है। नगर परिषद के दायरे में इस तरह का व्यापार करने से पहले दोनों विभागों से अनुमति लेनी अनिवार्य है।
पशुपालन विभाग सत्यापन में यह देखता है
नस्ल हिंसक श्रेणी में तो नहीं
कुत्ता मालिक/परिवार को नुकसान पहुंचाने की आशंका
वैक्सीनेशन (रेबीज अनिवार्य)
रहने की जगह और नियंत्रण व्यवस्था
नगर परिषद यह दस्तावेज मांगता है
पशुपालन विभाग का सत्यापन पत्र।
वैक्सीनेशन
मालिक का आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज।
कोट्स
पिछले एक माह में कई लोग कुत्तों के रजिस्ट्रेशन के लिए आए थे। सभी से पशुपालन विभाग के अधिकारियों से सत्यापन प्रमाण पत्र लाने के लिए कहा गया है। आजतक दोबारा कोई सत्यापन प्रमाण पत्र लेकर नहीं आया है। ऐसे में अब तक कोई पंजीकरण पालतू कुत्ते का नहीं है।
-जयवीर सिंह, सीएचआई, नगर परिषद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed