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Sirsa News: जमाल माइनर के टेल पर पेयजल संकट, ग्रामीणों ने दिया सांकेतिक धरना
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 25 May 2026 12:46 AM IST
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चोपटा किसान प्रदर्शन करते हुए । संवाद
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पेयजल और सिंचाई के पानी की कमी पर गांव जमाल के लोग परेशान
फोटो-- 7
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। राजस्थान के साथ लगते सिरसा जिले के क्षेत्र में टेल तक पानी न पहुंचने की समस्या पुरानी है। सिंचाई विभाग के बड़े-बड़े दावे धरातल पर फेल हो चुके हैं। इस कारण लोगों को पेयजल व सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
चोपटा क्षेत्र के आखिरी छोर तक पानी पहुंचाने वाली जमाल माइनर व कुतियाना माइनर में पानी की कमी पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। विरोधस्वरूप किसानों व ग्रामीणों ने अपना सांकेतिक धरना दिया।
यह पहला अवसर नहीं है जब किसानों व ग्रामीणों को धरना प्रदर्शन करने पड़े थे। पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने भगत सिंह चौक, जमाल में दो घंटे का सांकेतिक धरना देकर सिंचाई विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सिंचाई विभाग मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।
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ग्रामीणों ने बताया कि कुतियाना माइनर और जमाल माइनर के टेल तक पानी सही मात्रा में नहीं पहुंच रहा है। इससे गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है और किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में एक दिन पानी आया था लेकिन उसके बाद पानी का स्तर अचानक कम हो गया।
इससे खेतों की सिंचाई का कार्य रुक गया है। पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई है। किसानों ने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण अंतिम छोर के गांवों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा।
धरने के दौरान चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों को बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। प्रशासन और सिंचाई विभाग से मांग की कि टेल तक पर्याप्त पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।
धरने में देवीलाल खीचड़, अशोक साहू, अजय बेनीवाल, प्रहलाद बेनीवाल, मांगेराम कसवां, सुशील कुमार, सुरेन्द्र सिंह और सतबीर सिंह सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
बॉक्स
यह पड़ रहा है असर
- पशुओं के लिए तालाबों में पानी नहीं है।
- जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंचता।
- लोगों को 800 से 1300 रुपये में पानी के टैंकर खरीदने पड़ते हैं।
- कपास से लेकर ग्वार तक की फसलों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता है।
सिंचाई विभाग नहीं करवा पाया समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि सिंचाई विभाग के कार्यालय के चक्कर काटकर वे थक चुके हैं। अधिकारी बार-बार समाधान की बात करते हैं और भविष्य में दिक्कत नहीं आने का आश्वासन देते हैं। कई साल बीत गए पर आज तक टेल पर पूरा पानी नहीं पहुंचा। किसानों व ग्रामीणों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिरकार अधिकारी सालों से क्या समाधान निकाल रहे हैं। इस मामले में किसान जल्द ही योजना बनाकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
पानी की टंकी पर चढ़कर लगानी पड़ी थी गुहार
अगस्त 2023 में पीने के पानी की समस्या को लेकर गांव के दो ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। एक सप्ताह के बाद अधिकारियों की ओर से आश्वासन देने के बाद ग्रामीण टंकी से नीचे उतरे थे लेकिन तीन साल से समस्या जस की तस बनी हुई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। राजस्थान के साथ लगते सिरसा जिले के क्षेत्र में टेल तक पानी न पहुंचने की समस्या पुरानी है। सिंचाई विभाग के बड़े-बड़े दावे धरातल पर फेल हो चुके हैं। इस कारण लोगों को पेयजल व सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
चोपटा क्षेत्र के आखिरी छोर तक पानी पहुंचाने वाली जमाल माइनर व कुतियाना माइनर में पानी की कमी पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। विरोधस्वरूप किसानों व ग्रामीणों ने अपना सांकेतिक धरना दिया।
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यह पहला अवसर नहीं है जब किसानों व ग्रामीणों को धरना प्रदर्शन करने पड़े थे। पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने भगत सिंह चौक, जमाल में दो घंटे का सांकेतिक धरना देकर सिंचाई विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सिंचाई विभाग मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।
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ग्रामीणों ने बताया कि कुतियाना माइनर और जमाल माइनर के टेल तक पानी सही मात्रा में नहीं पहुंच रहा है। इससे गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है और किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में एक दिन पानी आया था लेकिन उसके बाद पानी का स्तर अचानक कम हो गया।
इससे खेतों की सिंचाई का कार्य रुक गया है। पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई है। किसानों ने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण अंतिम छोर के गांवों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा।
धरने के दौरान चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों को बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। प्रशासन और सिंचाई विभाग से मांग की कि टेल तक पर्याप्त पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों और ग्रामीणों को राहत मिल सके।
धरने में देवीलाल खीचड़, अशोक साहू, अजय बेनीवाल, प्रहलाद बेनीवाल, मांगेराम कसवां, सुशील कुमार, सुरेन्द्र सिंह और सतबीर सिंह सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
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यह पड़ रहा है असर
- पशुओं के लिए तालाबों में पानी नहीं है।
- जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंचता।
- लोगों को 800 से 1300 रुपये में पानी के टैंकर खरीदने पड़ते हैं।
- कपास से लेकर ग्वार तक की फसलों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता है।
सिंचाई विभाग नहीं करवा पाया समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि सिंचाई विभाग के कार्यालय के चक्कर काटकर वे थक चुके हैं। अधिकारी बार-बार समाधान की बात करते हैं और भविष्य में दिक्कत नहीं आने का आश्वासन देते हैं। कई साल बीत गए पर आज तक टेल पर पूरा पानी नहीं पहुंचा। किसानों व ग्रामीणों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिरकार अधिकारी सालों से क्या समाधान निकाल रहे हैं। इस मामले में किसान जल्द ही योजना बनाकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
पानी की टंकी पर चढ़कर लगानी पड़ी थी गुहार
अगस्त 2023 में पीने के पानी की समस्या को लेकर गांव के दो ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। एक सप्ताह के बाद अधिकारियों की ओर से आश्वासन देने के बाद ग्रामीण टंकी से नीचे उतरे थे लेकिन तीन साल से समस्या जस की तस बनी हुई है।