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Sirsa News: पंजीकृत श्रमिकों को 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 15 Feb 2026 11:47 PM IST
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तीन बेटियों तक मिलेगा लाभ, श्रम विभाग ने पंजीकरण पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। श्रम विभाग की ओर से श्रमिकों के हित में विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से ‘पितृत्व लाभ योजना’ लागू की गई है। योजना का उद्देश्य श्रमिक के घर में बच्चे के जन्म के समय होने वाले खर्चों में आर्थिक सहयोग देना है, ताकि परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
एएलसी कुलदीप सिंह ने बताया योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिक को कुल 21,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह राशि दो भागों में दी जाती है। इसमें 15,000 रुपये मुख्य पितृत्व लाभ के रूप में तथा 6,000 रुपये श्रमिक की पत्नी को पौष्टिक आहार की व्यवस्था के लिए दिए जाते हैं।
लाभ प्राप्त करने के लिए नियम व शर्तें
एएलसी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक श्रमिक को ‘क्लेम फॉर्म-11’ भरना अनिवार्य है। इसके साथ ही बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र संलग्न करना आवश्यक है। यह लाभ सामान्यतः श्रमिक को केवल दो बच्चों तक ही दिया जाता है। हालांकि, यदि किसी श्रमिक के घर तीन लड़कियों का जन्म होता है, तो बच्चों के क्रम की परवाह किए बिना तीनों बेटियों के जन्म पर यह लाभ प्रदान किया जाएगा। एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि यदि श्रमिक की पत्नी किसी अन्य सरकारी विभाग, बोर्ड या निगम से मातृत्व लाभ प्राप्त कर रही है, तो ऐसी स्थिति में पति को पितृत्व लाभ योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
पंजीकरण है अनिवार्य
हरियाणा में श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए श्रमिक का पंजीकृत होना जरूरी है। विशेष रूप से निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों को पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण करनी होती है। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक निर्माण श्रमिकों को पंजीकृत कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता योजनाओं से जोड़ना है, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके।
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सिरसा। श्रम विभाग की ओर से श्रमिकों के हित में विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से ‘पितृत्व लाभ योजना’ लागू की गई है। योजना का उद्देश्य श्रमिक के घर में बच्चे के जन्म के समय होने वाले खर्चों में आर्थिक सहयोग देना है, ताकि परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
एएलसी कुलदीप सिंह ने बताया योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिक को कुल 21,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह राशि दो भागों में दी जाती है। इसमें 15,000 रुपये मुख्य पितृत्व लाभ के रूप में तथा 6,000 रुपये श्रमिक की पत्नी को पौष्टिक आहार की व्यवस्था के लिए दिए जाते हैं।
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लाभ प्राप्त करने के लिए नियम व शर्तें
एएलसी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक श्रमिक को ‘क्लेम फॉर्म-11’ भरना अनिवार्य है। इसके साथ ही बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र संलग्न करना आवश्यक है। यह लाभ सामान्यतः श्रमिक को केवल दो बच्चों तक ही दिया जाता है। हालांकि, यदि किसी श्रमिक के घर तीन लड़कियों का जन्म होता है, तो बच्चों के क्रम की परवाह किए बिना तीनों बेटियों के जन्म पर यह लाभ प्रदान किया जाएगा। एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि यदि श्रमिक की पत्नी किसी अन्य सरकारी विभाग, बोर्ड या निगम से मातृत्व लाभ प्राप्त कर रही है, तो ऐसी स्थिति में पति को पितृत्व लाभ योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
पंजीकरण है अनिवार्य
हरियाणा में श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए श्रमिक का पंजीकृत होना जरूरी है। विशेष रूप से निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों को पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण करनी होती है। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक निर्माण श्रमिकों को पंजीकृत कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता योजनाओं से जोड़ना है, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके।