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Sirsa News: 10 दिन की हड़ताल से शहर के बदतर हालात, जगह-जगह कूड़े के ढेर
Sun, 16 Aug 2026 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 16 Aug 2026 11:54 PM IST
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सिरसा। बेगू रोड पर लगे कचरे के ढेर। संवाद
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प्रशासन की चुप्पी आमजन के लिए बनी परेशानी, मुख्य सड़कों तक की सफाई नहीं करवा पा रहा प्रशासन
- बस स्टैंड, राजकीय नेशनल कॉलेज, सीडीएलयू, डबवाली रोड, मुख्य बाजारों में बदतर हालात
- सात से ज्यादा बार एजेंसी कर्मचारी कर चुके हैं कचरा उठाने का प्रयास, हर बार कर्मचारियों का झेलना पड़ा विरोध
फोटो-- 60
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। 20 से ज्यादा पॉइंटों पर कचरे के ढेर हैं। बस स्टैंड, रानियां रोड, डाकखाना तथा सिरसा क्लब के पास बने डंपिंग पॉइंट कचरे से भर चुके हैं। कचरे से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन मौन है। हालात बदतर होते जा रहे हैं।
हड़ताल से शहर में करीब 1200 मीट्रिक टन कचरा जमा होने का अनुमान है। नगर परिषद के प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से 10 दिनों के अंदर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारियों की ओर से बड़े स्तर पर नगर परिषद के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
15 अगस्त के दिन भी सफाई को लेकर प्रयास नहीं होने पर परिषद के अधिकारियों का मौन होना कई सवाल खड़े करता है। अब तक सफाई के किए गए कार्यों की बात करें तो एजेंसी की ओर से डोर-टू-डोर कचरा उठान से लेकर जेसीबी से डंपिंग पॉइंटों पर कार्रवाई करने के प्रयास किए गए थे।
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इन प्रयासों को हड़ताली कर्मचारियों ने कामयाब नहीं होने दिया। अधिकारियों की मानें तो जेसीबी से लेकर ट्रैक्टर ट्राॅली आदि वाले कर्मचारियों के आपसी तालमेल के कारण कामयाबी नहीं मिल पाई। इसके बाद पिछले तीन से चार दिनों से कोई प्रयास नहीं किया।
सोमवार को ठोस कदम की उम्मीद
नगर परिषद की ओर से सोमवार को कार्रवाई होने की उम्मीद जताई जा रही है। डयूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति के लिए प्रयास किए जा सकते हैं ताकि कुछ मुख्य पॉइंटों से कचरे की उठान की जा सके। सबसे ज्यादा बुरे हालात बस स्टैंड के पास के डंपिंग पॉइंट के हैं जहां से लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया है।
शहरवासी अनिता, सुमन रानी, मनीषा आदि ने बताया कि डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण हालात खराब है। गर्मी और उमस के मौसम में डस्टबिन में 24 घंटे से ज्यादा कचरे को रखा नहीं जा सकता है। इससे बदबू फैल जाती है।
रात के समय में प्लास्टिक की थैली के माध्यम से डंपिंग पॉइंट पर कचरा डालना पड़ता है। इसी प्रकार होटल संचालक भी रात के समय डंपिंग पॉइंटों पर कचरा डालते हैं। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के मिनी बाईपास गेट की ओर डंपिंग पॉइंट बनाया गया है।
यहां कचरे के ढेर लगे हैं। इससे विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसी प्रकार, नेशनल कॉलेज और नेशनल महिला कॉलेज के मुख्य गेट के बाद कचरे के ढेर देखने को मिल रहे हैं। इस कारण सड़कों पर बदबू भरा माहौल हो गया है।
कोट्स
18 अगस्त तक हड़ताल आगे बढ़ाई गई है। हमारे कर्मचारी रात और दिन दोनों समय पर डंपिंग पॉइंटों पर पहरा दे रहे हैं। लोगों को परेशानी है। उसके लिए कर्मचारी कुछ नहीं कर सकते हैं। सरकार जायज मांगों को मान ले वे दिन-रात मिलकर सफाई करेंगे लेकिन अब कूड़ा नहीं उठाने दिया जाएगा।
-मनोज अठवाल, प्रधान, नगर पालिका इकाई संघ सिरसा।
कोट्स
उच्चाधिकारियों से जैसे ही आदेश मिलेंगे, कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों के साथ भी कई बार बातचीत की गई है लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में अब उच्चाधिकारियों को ही अपने स्तर पर निर्णय लेना होगा।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद
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- बस स्टैंड, राजकीय नेशनल कॉलेज, सीडीएलयू, डबवाली रोड, मुख्य बाजारों में बदतर हालात
- सात से ज्यादा बार एजेंसी कर्मचारी कर चुके हैं कचरा उठाने का प्रयास, हर बार कर्मचारियों का झेलना पड़ा विरोध
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। 20 से ज्यादा पॉइंटों पर कचरे के ढेर हैं। बस स्टैंड, रानियां रोड, डाकखाना तथा सिरसा क्लब के पास बने डंपिंग पॉइंट कचरे से भर चुके हैं। कचरे से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन मौन है। हालात बदतर होते जा रहे हैं।
हड़ताल से शहर में करीब 1200 मीट्रिक टन कचरा जमा होने का अनुमान है। नगर परिषद के प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से 10 दिनों के अंदर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारियों की ओर से बड़े स्तर पर नगर परिषद के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
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15 अगस्त के दिन भी सफाई को लेकर प्रयास नहीं होने पर परिषद के अधिकारियों का मौन होना कई सवाल खड़े करता है। अब तक सफाई के किए गए कार्यों की बात करें तो एजेंसी की ओर से डोर-टू-डोर कचरा उठान से लेकर जेसीबी से डंपिंग पॉइंटों पर कार्रवाई करने के प्रयास किए गए थे।
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इन प्रयासों को हड़ताली कर्मचारियों ने कामयाब नहीं होने दिया। अधिकारियों की मानें तो जेसीबी से लेकर ट्रैक्टर ट्राॅली आदि वाले कर्मचारियों के आपसी तालमेल के कारण कामयाबी नहीं मिल पाई। इसके बाद पिछले तीन से चार दिनों से कोई प्रयास नहीं किया।
सोमवार को ठोस कदम की उम्मीद
नगर परिषद की ओर से सोमवार को कार्रवाई होने की उम्मीद जताई जा रही है। डयूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति के लिए प्रयास किए जा सकते हैं ताकि कुछ मुख्य पॉइंटों से कचरे की उठान की जा सके। सबसे ज्यादा बुरे हालात बस स्टैंड के पास के डंपिंग पॉइंट के हैं जहां से लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया है।
शहरवासी अनिता, सुमन रानी, मनीषा आदि ने बताया कि डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण हालात खराब है। गर्मी और उमस के मौसम में डस्टबिन में 24 घंटे से ज्यादा कचरे को रखा नहीं जा सकता है। इससे बदबू फैल जाती है।
रात के समय में प्लास्टिक की थैली के माध्यम से डंपिंग पॉइंट पर कचरा डालना पड़ता है। इसी प्रकार होटल संचालक भी रात के समय डंपिंग पॉइंटों पर कचरा डालते हैं। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के मिनी बाईपास गेट की ओर डंपिंग पॉइंट बनाया गया है।
यहां कचरे के ढेर लगे हैं। इससे विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसी प्रकार, नेशनल कॉलेज और नेशनल महिला कॉलेज के मुख्य गेट के बाद कचरे के ढेर देखने को मिल रहे हैं। इस कारण सड़कों पर बदबू भरा माहौल हो गया है।
कोट्स
18 अगस्त तक हड़ताल आगे बढ़ाई गई है। हमारे कर्मचारी रात और दिन दोनों समय पर डंपिंग पॉइंटों पर पहरा दे रहे हैं। लोगों को परेशानी है। उसके लिए कर्मचारी कुछ नहीं कर सकते हैं। सरकार जायज मांगों को मान ले वे दिन-रात मिलकर सफाई करेंगे लेकिन अब कूड़ा नहीं उठाने दिया जाएगा।
-मनोज अठवाल, प्रधान, नगर पालिका इकाई संघ सिरसा।
कोट्स
उच्चाधिकारियों से जैसे ही आदेश मिलेंगे, कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों के साथ भी कई बार बातचीत की गई है लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में अब उच्चाधिकारियों को ही अपने स्तर पर निर्णय लेना होगा।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद