सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Shrimp Farming in sirsa

सिरसा बनेगा झींगा पालन का बड़ा केंद्र : डाॅ. अभिलक्ष

संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 09 Apr 2026 12:28 AM IST
विज्ञापन
Shrimp Farming in sirsa
फार्म पर झींगा उत्पादन की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए किसान। प्रवक्ता
विज्ञापन
मत्स्य पालन मंत्रालय भारत सरकार के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने झींगा पालन का किया निरीक्षण
Trending Videos

-लवणीय जल कृषि क्लस्टर के तहत सीडीएलयू में कार्यशाला आयोजित
- किसानों ने धरातल पर आने वाली समस्या उनके समक्ष रखी

फोटो -- 29,30

संवाद न्यूज एजेंसी

सिरसा। मत्स्य पालन मंत्रालय भारत सरकार के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी बुधवार को सिरसा पहुंचे। उन्होंने जिले के रघुआना गांव में झींगा उत्पादन का निरीक्षण किया। वहां पर उन्होंने झींगा उत्पादन करने वाले मत्स्य पालकों से बातचीत की और मौजूदा व्यवस्थाओं व हालात के बारे में जाना।

केंद्र सरकार ने झींगा पालन को प्राथमिकता देते हुए देशभर में कुल 34 क्लस्टर अधिसूचित किए हैं। इनमें हरियाणा का सिरसा जिला भी शामिल है। मत्स्य पालन मंत्रालय भारत सरकार के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने बुधवार को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों, किसानों व छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान मत्स्य विभाग के निदेशक पवन कुमार, उपायुक्त शांतनु शर्मा, एनएफडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. विजय कुमार, हिसार रेंज के उपनिदेशक सुरेंद्र कुमार, सिरसा के जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र, जिला मत्स्य अधिकारी फतेहाबाद बलबीर कुमार, प्रो. जोगिंद्र सिंह, प्रो. एसके गहलावत, प्रो. गीता राठी आदि अधिकारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्लस्टर अप्रोच से बीज से बाजार तक मिलेगी मदद
डॉ. लिखी ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि इन क्लस्टर्स का मुख्य उद्देश्य किसानों को समूह में काम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रेरित करना है। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य बीज से लेकर बाजार तक एक मजबूत चेन बनाना है। इन समूहों के माध्यम से किसानों को न केवल बेहतर तकनीक और बीज मिलेंगे बल्कि उनके उत्पाद को सही बाजार दिलाने में भी सरकार मदद करेगी।
किसानों ने दिए तकनीक और बुनियादी ढांचे में सुधार के सुझाव

कार्यशाला में क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और इस क्षेत्र में आ रहीं चुनौतियों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। किसानों ने अधिकारी को बताया कि झींगा पालन के लिए बीज लेकर आना और उसे बाजार में बेचना, दोनों में परिवहन खर्च ज्यादा होता है। इस समस्या का समाधान होना चाहिए। वहीं, किसानों ने कहा कि बिजली की पूरी तरह से सुनियोजित व्यवस्था नहीं है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि सरकार बिजली को लेकर सब्सिडी व अन्य योजना लेकर आ रही है। इससे उन्हें फायदा होगा।
झींगा उत्पादन में सबसे ज्यादा किसान जिले के हैं
मत्स्य पालन विभाग के संयुक्त सचिव सागर मेहरा व अन्य उच्च अधिकारी ऑॅनलाइन माध्यम से कार्यशाला से जुड़े। मंच संचालन सहायक प्रो. डाॅ. हरकृष्ण कंबोज ने किया। मत्स्य विभाग के निदेशक पवन कुमार ने हरियाणा में मत्स्य पालन की स्थिति व आगामी योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि देशभर में झींगा उत्पादन में न केवल प्रथम स्थान पर है बल्कि सबसे ज्यादा झींगा उत्पादक किसान भी सिरसा से संबंध रखते हैं।
केंद्रीय सचिव ने किसानों से जाने अनुभव और परेशानियां
कार्यशाला में देशभर के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। मत्स्य पालन मंत्रालय भारत सरकार के सचिव डाॅ. अभिलक्ष लिखी ने उपस्थित किसानों और छात्रों को संबोधित किया। साथ ही मत्स्य पालकों से सीधा संवाद कर उनके अनुभव और परेशानियां जानीं।

मत्स्य पालकों ने अपने अनुभव किए साझा
मत्स्य पालक सतविंद्र कौर, जगमीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, मंजीत सिंह, आशीष शर्मा आदि ने सुझाव दिए कि अन्य कृषि उत्पादों की तरह झींगा की भी जियो-टैगिंग और जियो-फेंसिंग होनी चाहिए। इससे उत्पादों की प्रामाणिकता बढ़ेगी और किसानों को बाजार में बेहतर लाभ मिल सकेगा। वर्ष 2018 से झींगा पालन कर रहीं महिला किसान सतविंद्र कौर ने इस व्यवसाय को युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि झींगा पालन उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह युवाओं के लिए एक मुनाफे वाला बेहतर व्यवसाय साबित हो सकता है। स्वयं सहायता समूह के लिए बिमला सिंवर ने कार्यशाला में सुझाव रखा कि झींगा पालन के लिए महिला समूहों को पंचायती जमीन पट्टे पर दी जानी चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने में मदद मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed