सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   subsidy for flower farming

Sirsa News: सब्जी, मसालों व फूलों की करें खेती, 85 प्रतिशत तक पाएं सब्सिडी

संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 09 Apr 2026 12:32 AM IST
विज्ञापन
subsidy for flower farming
विज्ञापन
तुलसी, मेंथा और लेमन ग्रास जैसे पौधों पर भी आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही
Trending Videos

संवाद न्यूज एजेंसी

सिरसा। हरियाणा सरकार का उद्यान विभाग किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी और विविध फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए कई लाभकारी योजनाएं चला रहा है। इन योजनाओं के तहत किसानों को सब्जियों, मसालों, फूलों और सुगंधित पौधों की खेती के लिए भारी अनुदान दिया जा रहा है जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिल सके।


जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 50 से 85 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत सामान्य वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता दी जाती है जबकि अनुसूचित वर्ग के किसानों को 25,500 रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान का लाभ मिल रहा है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को विशेष रूप से आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि मसालों की खेती में भी किसानों को प्रोत्साहन दिया जाता है। सामान्य मसालों जैसे धनिया और मेथी पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। वहीं, विशेष मसालों जैसे लहसुन, हल्दी और अदरक की खेती पर भी 50 प्रतिशत अनुदान की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा, फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार विशेष सहायता दे रही है।
दीन मोहम्मद ने बताया कि कट फ्लावर, कंदीय फूल जैसे लिलियम और ग्लैडियोलस तथा खुले फूलों की खेती पर किसानों को 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। सुगंधित पौधों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। तुलसी, मेंथा और लेमन ग्रास जैसे पौधों पर भी किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed