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Sirsa News: चूड़ी-कंगन से लौटी जीवन में खुशहाली की खनक
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 17 Jan 2026 11:17 PM IST
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गांव बड़ागुढ़ा की रिंपी कौर अपनी दुकान पर।
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सिरसा। ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वावलंबन की मिसाल बनकर उभरी गांव बड़ागुढ़ा की रिंपी कौर आज आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही हैं। सीमित संसाधनों और पारंपरिक सोच की चुनौतियों के बावजूद रिंपी कौर ने अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर न केवल खुद का व्यवसाय खड़ा किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।
रिंपी कौर गांव बड़ागुढ़ा में ही कपड़ों की दुकान का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। पहले जहां ग्रामीण महिलाओं को कपड़ों की खरीदारी के लिए कस्बों या शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब गांव में ही उचित दामों पर कपड़े उपलब्ध हो रहे हैं। उनकी दुकान पर महिलाओं, युवतियों और बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के कपड़े उपलब्ध हैं। धीरे-धीरे उनकी दुकान गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोकप्रिय होती जा रही है।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं रिंपी
रिंपी कौर स्वयं सहायता समूह से भी जुड़ी हुई हैं। वे महिला स्वयं सहायता समूह ‘स्टार’ की सक्रिय सदस्य हैं। इस समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहायता मिली, बल्कि व्यवसाय से जुड़ी आवश्यक जानकारियां और प्रशिक्षण भी प्राप्त हुआ। समूह के माध्यम से महिलाओं को बचत, ऋण और आपसी सहयोग का महत्व समझाया जाता है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
1 लाख 20 हजार रुपये का लिया है ऋण
अपने व्यवसाय की शुरुआत के लिए रिंपी कौर ने विभाग से 1 लाख 20 हजार रुपये का ऋण लिया हुआ है। इस राशि का प्रयोग करते हुए उन्होंने कपड़ों की दुकान की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में चुनौतियां जरूर आईं, लेकिन धैर्य और लगन से उन्होंने काम को आगे बढ़ाया। आज उनकी दुकान से उन्हें नियमित आय हो रही है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो रही हैं।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले वे घर तक सीमित थीं, लेकिन अब वे आर्थिक रूप से सशक्त महसूस करती हैं। उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और समाज में उनकी पहचान बनी है। वे अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। - रिंपी कौर, गांव बड़ागुढ़ा।
गांव की अन्य महिलाएं भी रिंपी कौर से प्रेरणा लेकर आगे आ रही हैं। कई महिलाएं अब छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की दिशा में रिंपी कौर का यह प्रयास सराहनीय है। उनकी कहानी यह साबित करती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर और सहयोग मिले, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं। -सलोचना रानी, ब्लॉक इंचार्ज बड़ागुढ़ा, ग्रामीण आजीविका मिशन ।
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रिंपी कौर गांव बड़ागुढ़ा में ही कपड़ों की दुकान का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। पहले जहां ग्रामीण महिलाओं को कपड़ों की खरीदारी के लिए कस्बों या शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब गांव में ही उचित दामों पर कपड़े उपलब्ध हो रहे हैं। उनकी दुकान पर महिलाओं, युवतियों और बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के कपड़े उपलब्ध हैं। धीरे-धीरे उनकी दुकान गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोकप्रिय होती जा रही है।
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स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं रिंपी
रिंपी कौर स्वयं सहायता समूह से भी जुड़ी हुई हैं। वे महिला स्वयं सहायता समूह ‘स्टार’ की सक्रिय सदस्य हैं। इस समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहायता मिली, बल्कि व्यवसाय से जुड़ी आवश्यक जानकारियां और प्रशिक्षण भी प्राप्त हुआ। समूह के माध्यम से महिलाओं को बचत, ऋण और आपसी सहयोग का महत्व समझाया जाता है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
1 लाख 20 हजार रुपये का लिया है ऋण
अपने व्यवसाय की शुरुआत के लिए रिंपी कौर ने विभाग से 1 लाख 20 हजार रुपये का ऋण लिया हुआ है। इस राशि का प्रयोग करते हुए उन्होंने कपड़ों की दुकान की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में चुनौतियां जरूर आईं, लेकिन धैर्य और लगन से उन्होंने काम को आगे बढ़ाया। आज उनकी दुकान से उन्हें नियमित आय हो रही है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो रही हैं।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले वे घर तक सीमित थीं, लेकिन अब वे आर्थिक रूप से सशक्त महसूस करती हैं। उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और समाज में उनकी पहचान बनी है। वे अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। - रिंपी कौर, गांव बड़ागुढ़ा।
गांव की अन्य महिलाएं भी रिंपी कौर से प्रेरणा लेकर आगे आ रही हैं। कई महिलाएं अब छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की दिशा में रिंपी कौर का यह प्रयास सराहनीय है। उनकी कहानी यह साबित करती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर और सहयोग मिले, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं। -सलोचना रानी, ब्लॉक इंचार्ज बड़ागुढ़ा, ग्रामीण आजीविका मिशन ।
