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Sonipat News: खरखौदा में 4,522 व फरमाणा मंडी में 3,600 क्विंटल गेहूं खरीदा
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फोटो : सोनीपत के फरमाणा खरीद में गेहूं की खरीद करते एजेंसी कर्मी। स्रोत: पाठक
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खरखौदा। एक अप्रैल से गेहूं खरीद न होने से परेशान किसानों को अब राहत मिलने लगी है। शुक्रवार से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की ओर से खरीद शुरू होने के बाद खरखौदा मंडी में 4,522 क्विंटल गेहूं खरीदा गया जबकि फरमाणा खरीद केंद्र पर करीब 3,600 क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
इस बार गेहूं के दाने को कमजोर होने और अधिक नमी होने के कारण खरीद प्रक्रिया प्रभावित रही। एजेंसियां खरीद करने से बच रही थीं जिससे किसानों को अपनी उपज लेकर मंडियों में भटकना पड़ रहा था। आढ़तियों ने भी अपनी दुकानों पर किसानों का गेहूं उतरवाने से मना कर दिया था।
इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई उन्हें खुले में अपनी फसल रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था। कई किसानों ने प्रशासन से जल्द खरीद शुरू कराने की मांग भी उठाई थी।
वहीं डीएफएससी की क्वालिटी असेसमेंट कमेटी की तरफ से गेहूं की जांच की गई जिसके बाद ही शुक्रवार से मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू हुई है। अब एफसीआई की ओर से खरीद शुरू किए जाने से मंडियों में रौनक लौटने लगी है और किसानों को उम्मीद जगी है कि उनकी फसल का समय पर उठान हो सकेगा।
हालांकि अभी भी गुणवत्ता मानकों को लेकर सख्ती बरती जा रही है जिससे किसानों को साफ और सूखा गेहूं लाने की सलाह दी जा रही है।
-किसान किसी भी समय अपना गेहूं मंडी में लेकर आ सकते हैं। गेट पास उपलब्ध कराने की व्यवस्था रात के समय भी दी गई है। वहीं, किसानों की वेरिफिकेशन का भी काम बगैर किसी रुकावट के करवाया जा रहा है।
-सुरेश खोखर, सचिव, मार्केट कमेटी खरखौदा
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इस बार गेहूं के दाने को कमजोर होने और अधिक नमी होने के कारण खरीद प्रक्रिया प्रभावित रही। एजेंसियां खरीद करने से बच रही थीं जिससे किसानों को अपनी उपज लेकर मंडियों में भटकना पड़ रहा था। आढ़तियों ने भी अपनी दुकानों पर किसानों का गेहूं उतरवाने से मना कर दिया था।
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इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई उन्हें खुले में अपनी फसल रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था। कई किसानों ने प्रशासन से जल्द खरीद शुरू कराने की मांग भी उठाई थी।
वहीं डीएफएससी की क्वालिटी असेसमेंट कमेटी की तरफ से गेहूं की जांच की गई जिसके बाद ही शुक्रवार से मंडियों में गेहूं की खरीद शुरू हुई है। अब एफसीआई की ओर से खरीद शुरू किए जाने से मंडियों में रौनक लौटने लगी है और किसानों को उम्मीद जगी है कि उनकी फसल का समय पर उठान हो सकेगा।
हालांकि अभी भी गुणवत्ता मानकों को लेकर सख्ती बरती जा रही है जिससे किसानों को साफ और सूखा गेहूं लाने की सलाह दी जा रही है।
-किसान किसी भी समय अपना गेहूं मंडी में लेकर आ सकते हैं। गेट पास उपलब्ध कराने की व्यवस्था रात के समय भी दी गई है। वहीं, किसानों की वेरिफिकेशन का भी काम बगैर किसी रुकावट के करवाया जा रहा है।
-सुरेश खोखर, सचिव, मार्केट कमेटी खरखौदा